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धनखड़ ने किसान हित के मुद्दों पर केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर से की मंत्रणा
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात करते भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़।
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने वीरवार को नई दिल्ली में किसान हित के मुद्दों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ मुलाकात की। धनखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार की रबी फसल की सरकारी खरीद का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था सराहनीय कदम है। पहले डायरेक्ट पेमेंट की बात हरियाणा-पंजाब में आकर अटक जाती थी। इस बार शुरुआत हुई है, इसके लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि किसानों के खातों में धन सीधे जाए यह बात भी कांग्रेसियों व वामदलों को हजम नहीं हो रही है। अब अफवाह फैला रहे हैं कि बैंक लोन काट लेंगे। धनखड़ ने जोर देकर कहा कि किसान जो बैंक एकाउंट देंगे, उसमें पैसा भेजा जा रहा है। सुव्यवस्थित ढंग से किसानों की पैदावार का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई है। ऐसे में बैंक की तरफ से पैसे काटने की बात कहां से आ गई। यह अफवाह भी कांग्रेसी व कामरेड फैला रहे हैं। इन दलों का काम ही अफवाह फैलाना है।
धनखड़ ने कहा कि किसान संगठनों के आंदोलन की तत्कालीन परिस्थितियों पर भी केंद्रीय कृषि मंत्री से चर्चा हुई। किस तरीके से समाधान की ओर बढ़ा जाए, इस पर भी केंद्रीय मंत्री से बातचीत हुई। सरकार ने किसान संगठनों के लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है, इस वैश्विक संकट में सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य के ध्यान रखने की जरूरत है। किसान संगठनों को भी और उनके आह्वान पर आंदोलन में शामिल उनके कैडर को भी। उन्होंने कहा कि नेताओं और मंत्रियों का विरोध किसान जत्थेबंदी नहीं, बल्कि कांग्रेस और कामरेड कर रहे हैं। कामरेड धरातल पर खत्म हो चुके हैं और कांग्रेस सिमट रही है। अब ये किसान संगठनों के झंडे की आड़ में अपना राजनैतिक एजेंडा चला रहे हैं। यह सब कांग्रेस और कामरेडों का लोकतंत्र विरोधी एजेंडा है। सरकार ऐसे एजेंडे को सफल नहीं होने देगी। कांग्रेसी और कामरेड अपना झंडा लेकर विरोध करें, तब पता चलेगा इनका सामर्थ्य कितना है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीरवार को झज्जर के सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में भी पहुंचे और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से भी बात की।
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उन्होंने कहा कि किसानों के खातों में धन सीधे जाए यह बात भी कांग्रेसियों व वामदलों को हजम नहीं हो रही है। अब अफवाह फैला रहे हैं कि बैंक लोन काट लेंगे। धनखड़ ने जोर देकर कहा कि किसान जो बैंक एकाउंट देंगे, उसमें पैसा भेजा जा रहा है। सुव्यवस्थित ढंग से किसानों की पैदावार का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई है। ऐसे में बैंक की तरफ से पैसे काटने की बात कहां से आ गई। यह अफवाह भी कांग्रेसी व कामरेड फैला रहे हैं। इन दलों का काम ही अफवाह फैलाना है।
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धनखड़ ने कहा कि किसान संगठनों के आंदोलन की तत्कालीन परिस्थितियों पर भी केंद्रीय कृषि मंत्री से चर्चा हुई। किस तरीके से समाधान की ओर बढ़ा जाए, इस पर भी केंद्रीय मंत्री से बातचीत हुई। सरकार ने किसान संगठनों के लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है, इस वैश्विक संकट में सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य के ध्यान रखने की जरूरत है। किसान संगठनों को भी और उनके आह्वान पर आंदोलन में शामिल उनके कैडर को भी। उन्होंने कहा कि नेताओं और मंत्रियों का विरोध किसान जत्थेबंदी नहीं, बल्कि कांग्रेस और कामरेड कर रहे हैं। कामरेड धरातल पर खत्म हो चुके हैं और कांग्रेस सिमट रही है। अब ये किसान संगठनों के झंडे की आड़ में अपना राजनैतिक एजेंडा चला रहे हैं। यह सब कांग्रेस और कामरेडों का लोकतंत्र विरोधी एजेंडा है। सरकार ऐसे एजेंडे को सफल नहीं होने देगी। कांग्रेसी और कामरेड अपना झंडा लेकर विरोध करें, तब पता चलेगा इनका सामर्थ्य कितना है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीरवार को झज्जर के सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में भी पहुंचे और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से भी बात की।
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