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Jhajjar-Bahadurgarh News: करोड़ों का टोल वसूलने के बाद भी एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे
Mon, 27 Oct 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 27 Oct 2025 01:12 AM IST
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-फोटो 57 : केएमपी पर बने गड्ढे। संवाद
बहादुरगढ़। कुंडली मानसेर पलवल एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। करीब 135 किलोमीटर लम्बे एक्सप्रेस-वे पर अनेक जगहों पर गड्ढे हैं जिससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। एक अप्रैल 2024 से 22 जुलाई 2025 तक एक्सप्रेस-वे पर 843.36 करोड़ का टोल वसूला गया। इसके बावजदू सड़क का रखरखाव ठीक नहीं है।
जन सूचना अधिकार से मिली जानकारी के तहत आरटीआई एक्टिविस्ट सतपाल हाडा ने कि मानेसर-पलवल खंड पर वर्ष 2016 से अब तक पौने 40 करोड़ रुपए ही मरम्मत व रखरखाव के लिए खर्च हुए हैं। वहीं कुंडली-मानेसर खंड का रखरखाव ठेकेदार कर रहे हैं लेकिन अब तक हुए खर्च की जानकारी विभाग ने नहीं दी है।
केएमपी का निर्माण दो चरणों में पूरा हुआ था। मानेसर-पलवल सेेक्शन वर्ष 2016 में और कुंडली-मानेसर सेक्शन 2018-19 में बना था। तब से अब तक इस रोड पर काफी संख्या में वाहनों का संचालन हो रहा है लेकिन मरम्मत अभाव में सड़क अनेक जगहों से टूट चुकी है।
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सतपाल हाडा ने बताया कि वे जल्द ही केन्द्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नीतिन गड़करी को पत्र भेजकर इस एक्सप्रेस-वे की स्थिति को सुधारने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि जब करोड़़ों रुपए टोल टैक्स के रूप में वसूले जा रहे हैं तो जनता को आवागमन के लिए बेहतर सड़क सुविधा मिलनी चाहिए।
कई वाहन चालकों का कहना है कि टोल देने के बाद भी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। कई बार हादसे हो चुके हैं लेकिन प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। अब सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। आगामी दिनों में कोहरा भी होगा तो ऐसे में टूटी सड़क वाहन चालकों के लिए ज्यादा परेशानी की वजह बन सकती है।
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जन सूचना अधिकार से मिली जानकारी के तहत आरटीआई एक्टिविस्ट सतपाल हाडा ने कि मानेसर-पलवल खंड पर वर्ष 2016 से अब तक पौने 40 करोड़ रुपए ही मरम्मत व रखरखाव के लिए खर्च हुए हैं। वहीं कुंडली-मानेसर खंड का रखरखाव ठेकेदार कर रहे हैं लेकिन अब तक हुए खर्च की जानकारी विभाग ने नहीं दी है।
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केएमपी का निर्माण दो चरणों में पूरा हुआ था। मानेसर-पलवल सेेक्शन वर्ष 2016 में और कुंडली-मानेसर सेक्शन 2018-19 में बना था। तब से अब तक इस रोड पर काफी संख्या में वाहनों का संचालन हो रहा है लेकिन मरम्मत अभाव में सड़क अनेक जगहों से टूट चुकी है।
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सतपाल हाडा ने बताया कि वे जल्द ही केन्द्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नीतिन गड़करी को पत्र भेजकर इस एक्सप्रेस-वे की स्थिति को सुधारने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि जब करोड़़ों रुपए टोल टैक्स के रूप में वसूले जा रहे हैं तो जनता को आवागमन के लिए बेहतर सड़क सुविधा मिलनी चाहिए।
कई वाहन चालकों का कहना है कि टोल देने के बाद भी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। कई बार हादसे हो चुके हैं लेकिन प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। अब सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। आगामी दिनों में कोहरा भी होगा तो ऐसे में टूटी सड़क वाहन चालकों के लिए ज्यादा परेशानी की वजह बन सकती है।