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Jhajjar-Bahadurgarh News: डीआरओ से मिला प्रतिनिधिमंडल, धारा 163 लगाने पर जताई नाराजगी
Tue, 26 Nov 2024 04:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 26 Nov 2024 04:01 AM IST
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25jjrp02- झज्जर। डीआरओ से मिलने पहुंचा किसान। संवाद
झज्जर। राजस्थान के कुछ हिस्से से शुरू होकर वाया झज्जर के रास्ते से दिल्ली पहुंचाई जाने वाली किसी कंपनी की हाईटेंशन तार का मामला अब तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन की ओर से जहां इस मामले में खेतों में लाइन बिछवाने के लिए धारा-163 लगा दी गई है, वहीं किसान नेताओं ने जिला प्रशासन की ओर से शुरू की जाने वाली इस कार्रवाई का पुरजोर ढंग से विरोध किया है।
किसान कामगार यूनियन के नेता सोमवार को इस मामले को लेकर जिला उपायुक्त से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। किसान नेता सत्येंद्र लोहचब के नेतृत्व में आए किसान जिला उपायुक्त के कार्यालय में नहीं होने के चलते जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल से मिले और अपना पक्ष रखा। किसानों का कहना था कि एक तरफ तो एनजीटी के आदेशों के तहत एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप-4 लगाया हुआ है और दूसरी तरफ जिला प्रशासन इन्हीं आदेशाें का उल्लंघन कर धारा-163 के तहत खेतों में लाइन बिछवाने की बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी केंद्र के पॉवर मंत्रालय से भी बातचीत चल रही है। सीएम से मिलकर वह अपना पक्ष इस मामले में रख चुके हैं।
उन्होंने ऊपरी स्तर पर आश्वासन भी पूरा मुआवजा दिए जाने के मिल रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन एक तरह से किसानों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रहा है, जो असहनीय है। किसान नेता सत्येन्द्र लोहचब ने कहा कि उन्हें डीआरओ की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि किसानों की सहमति के बगैर किसी भी कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
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किसान कामगार यूनियन के नेता सोमवार को इस मामले को लेकर जिला उपायुक्त से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। किसान नेता सत्येंद्र लोहचब के नेतृत्व में आए किसान जिला उपायुक्त के कार्यालय में नहीं होने के चलते जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल से मिले और अपना पक्ष रखा। किसानों का कहना था कि एक तरफ तो एनजीटी के आदेशों के तहत एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप-4 लगाया हुआ है और दूसरी तरफ जिला प्रशासन इन्हीं आदेशाें का उल्लंघन कर धारा-163 के तहत खेतों में लाइन बिछवाने की बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी केंद्र के पॉवर मंत्रालय से भी बातचीत चल रही है। सीएम से मिलकर वह अपना पक्ष इस मामले में रख चुके हैं।
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उन्होंने ऊपरी स्तर पर आश्वासन भी पूरा मुआवजा दिए जाने के मिल रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन एक तरह से किसानों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रहा है, जो असहनीय है। किसान नेता सत्येन्द्र लोहचब ने कहा कि उन्हें डीआरओ की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि किसानों की सहमति के बगैर किसी भी कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
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