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नूना माजरा की किसान की बेटी को नेशनल अवार्ड
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
Updated Tue, 02 May 2017 01:21 AM IST
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Deepali
- फोटो : Bureau
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खेलों के अलावा म्हारी बेटियां शिक्षा एवं विज्ञान के क्षेत्र में भी परचम लहरा रही हैं। गांव नूना माजरा की बेटी दीपाली को फार्मा और मेडिकल रिसर्च में उत्कृष्ट कार्य करने पर नेशनल अवार्ड मिला है। बेटी की इस सफलता पर परिजन और इलाके में खुशी का माहौल है।
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गत 28 अप्रैल को दिल्ली के इंडिया हेबीटेट सेंटर में एक समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में सनफार्मा साइंस फाउंडेशन ने भारतीय वैज्ञानिकों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। फाउंडेशन की ओर से पूरे देश से दो युवा वैज्ञानिकों को सनफार्मा अवार्ड (नेशनल) के लिए चुना गया। न केवल हरियाणा बल्कि उत्तर भारत क्षेत्र से इस अवार्ड के लिए नूना माजरा (बहादुरगढ़) की बेटी दीपाली जून पुत्री रुपेंद्र जून को यह सम्मान मिला। वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने दीपाली को उनकी टीबी रोग निदान की नई पद्दति के लिए सनफार्मा अवार्ड से नवाजा। दीपाली को प्रमाण पत्र और 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी मिला। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जयप्रकाश नड्डा और यूनाइटेड किंगडम के प्रोफेसर माइक टर्नर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। इन्होंने दीपाली को बधाई दी। दीपाली की सफलता पर पिता रुपेंद्र जून, मां सरोज जून और चाचा दीपेंद्र जून समेत पूरा परिवार बेहद खुश हैं। पिता रुपेंद्र ने कहा कि उनकी बेटी ने देशभर में उनका व उनके गांव का नाम रोशन किया है।
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टीबी से निदान की नई पद्धति सस्ती और बेहतर
अमर उजाला से बातचीत में दीपाली ने बताया कि उन्होंने टीबी रोग के निदान के लिए जो नई पद्दति (मोलक्युलर डायग्नोस्टि टेस्ट) इजाद की है, वह पहले की तकनीकों से कहीं सस्ती और बेहतर है। इससे टीबी से ग्रस्त लोगों को बेहद लाभ होगा। वह प्रोफेसर बनना चाहती हैं, इसी को लक्ष्य बनाकर आगे चल रही हैं। दीपाली ने अपनी सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों को दिया। दीपाली ने कहा कि बिगड़ता लिंगानुपात नारी जाति ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए खतरा है। हमें सोच बदलनी होगी। बेटियां परिवार पर बोझ नहीं, वे कुछ भी कर सकती हैं। बस जरूरत है तो समान अवसर देने की। हरियाणा की बेटियां कुश्ती, कबड्डी में ही नहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी परचम लहरा रहीं हैं। इसलिए अभिभावक बेटियों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराएं।
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यूजीसी नेट में भी किया था टॉप
नूना माजरा की निवासी दीपाली ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बहादुरगढ़ से ग्रहण की। दसवीं कक्षा विजय सीनियर सेकेंडरी स्कूल तो 12वीं कक्षा एसआर सेंच्युरी स्कूल से पास की। इसके बाद भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंस द्वारका (दिल्ली) से ग्रेजुएशन की। फिलहाल दिल्ली यूनिवर्सिटी से बायोमेडिकल साइंस में पीएचडी कर रही हैं। इस अवार्ड के अलावा भी दीपाली कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। कई रिसर्चर्स पर उनके नाम का पेटेंट हैं। खास बात ये है कि इन्होंने सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया था औ श्यामा प्रसाद मुखर्जी फेलोशिप के लिए चुनी गई।