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बिजली के अघोषित कट से संकट
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झज्जर का 33 केवी पावर हाउस।
- फोटो : Jhjhar
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उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की तरफ से जिले के शहरी क्षेत्र व म्हारा गांव, जगमग योजना से जुड़े गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। जबकि लोगों को कई-कई घंटे के बिजली कटों को झेलना पड़ रहा है। कभी मुख्यालय से बिजली कट आने पर तो कभी लाइनों के ब्रेक डाउन होने के कारण बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र। लोगों को निरतंर अघोषित कटों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते लोगों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। बिजली निगम की तरफ से लाइनों, ट्रांसफार्मरों व अन्य व्यवस्थाओं पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। बिजली आपूर्ति के ढांचे को मजबूत करने के लिए पावर हाउसों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। वहीं नए पावर हाउसों का निर्माण भी किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र को 16 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बनाया गया है। शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक व दिन के समय 11 से तीन बजे तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। वहीं शहरी, ओद्यौगिक क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान है। कृषि क्षेत्र को आठ घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बनाया गया है। निगम की ओर से सरसों व गेहूं की बिजाई सीजन को देखते हुए खेतों को बिजली की आपूर्ति आठ घंटे तक की गई है ताकि किसानों को बिजाई के दौरान सिचांई करने में परेशानी का सामना न करना पडे़े।
गांव व शहर का शेड्यूल बनाया हुआ है। उसके अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बिजली की सप्लाई पहले से ज्यादा की जा रही है। कई बार कोई लाइन या पावर हाउस में फाल्ट आ जाता है तो उसे ठीक करने के लिए कट लगाना पड़ता है।
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- सौरव, एसडीओ बिजली निगम, झज्जर।
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ग्रामीण क्षेत्र को 16 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बनाया गया है। शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक व दिन के समय 11 से तीन बजे तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी। वहीं शहरी, ओद्यौगिक क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान है। कृषि क्षेत्र को आठ घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बनाया गया है। निगम की ओर से सरसों व गेहूं की बिजाई सीजन को देखते हुए खेतों को बिजली की आपूर्ति आठ घंटे तक की गई है ताकि किसानों को बिजाई के दौरान सिचांई करने में परेशानी का सामना न करना पडे़े।
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गांव व शहर का शेड्यूल बनाया हुआ है। उसके अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बिजली की सप्लाई पहले से ज्यादा की जा रही है। कई बार कोई लाइन या पावर हाउस में फाल्ट आ जाता है तो उसे ठीक करने के लिए कट लगाना पड़ता है।
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- सौरव, एसडीओ बिजली निगम, झज्जर।