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रिकवरी की मांग, ग्राम पंचायत ने प्रदर्शन कर डीआरओ को सौंपा ज्ञापन
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:25 AM IST
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रिकवरी की मांग, ग्राम पंचायत ने प्रदर्शन कर डीआरओ को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
परमार्थ के नाम पर डेरे पर सब कुछ लुटाने वाले गांव बलकरा निवासी डेरा अनुयायी सोमबीर के परिजनों के पक्ष में ग्राम पंचायत भी उतर आई है। मृतक के परिजनों ने शुक्रवार को सरपंच की अगुवाई में शहर में रोष प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय पहुंचकर जिला प्रशासन को रिकवरी कराने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। साथ ही ग्रामीणों ने मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की ढुलमुल कार्यप्रणाली के खिलाफ भी रोष जाहिर किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है सोमबीर की मौत के साथ-साथ जेल में बंद राम रहीम उसकी मां माना देवी की भी मौत की जिम्मेवार है। मृतक अनुयायी के बेटे प्रदीप का आरोप है कि उसकी दादी की मौत भी सदमे में हुई है। यह सदमा उसके पिता की मौत और परिवार की आर्थिक स्थिति डेरे के कारण बिगड़ने से हुआ है। प्रदर्शनकारी खेमे ने मृतक अनुयायी के परिवार को डेरे द्वारा ऐंठी पांच करोड़ की रकम की रिकवरी कराने की मांग की है।
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे गांव बलकरा के ग्रामीण सरपंच सोमबीर सिंह की अगुवाई में रोज गार्डन पहुंचे। यहां बैठक आयोजित करने के बाद रोज गार्डन से लेकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी खेमे ने राम रहीम मुर्दाबाद, डेरे से रिकवरी करवाओ, सोमबीर के परिवार को न्याय दिलाओ नारे लगाकर डेरे की ज्यादतियों के खिलाफ रोष जाहिर किया। मृतक अनुयायी सोमबीर के जीजा मास्टर हंसराज बूरा ने बताया कि सोमबीर की मौत को चार माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन प्रशासन ने अब तक डेरे से रिकवरी कराने के कोई ठोस प्रयास नहीं किए हैं। उन्होंने बताया कि साधन संपन्न सोमबीर का परिवार डेरे का शिकार बनने के बाद कंगाल हो गया है। डेरे की ज्यादतियों का शिकार बना परिवार पिछले चार माह में दो सदस्य गंवा चुका है। प्रशासन को डेरे द्वारा हड़पी सोमबीर की करीब पांच करोड़ की राशि की रिकवरी करानी चाहिए ताकि ये अपना गुजर-बसर कर सके। लघु सचिवालय पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा की अनुपस्थिति में जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा। राजस्व अधिकारी न उनकी मांग आला अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
ये है सोमबीर की मौत का मामला
आठ सितंबर को बलकरा निवासी सोमबीर का शव उसके खेत में बने कुएं से बरामद हुआ था। परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि वह दो दिन से घर से लापता था और मानसिक रूप से परेशान था। परिजनों ने मानसिक परेशानी का कारण सिरसा डेरा द्वारा उसके साथ किया गया विश्वासघात बताया था। सोमबीर के बेटे प्रदीप ने बताया था कि उसके पिता की करीब 40 एकड़ जमीन डेरे ने जबरन परमार्थ के नाम पर बिकवा दी और करीब पांच करोड़ रुपये डेरे को दिए। प्रदीप का कहना है कि आर्थिक तंगी के दौर से परिवार को गुजरता देखकर ही उसके पिता ने जान दी है और इसका जिम्मेवार राम रहीम ही है।
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एसआईटी से की जांच में तेजी लाने की मांग
सरपंच सोमबीर, मोहन, ब्रह्म प्रकाश, सुमित्रा कुमार, मृतक की पत्नी चित्रा देवी, महेंद्र, सुखबीर सिंह, मास्टर हंसराज बूरा, ललित ने बताया कि तत्कालीन एसपी सुनील दलाल ने इस मामले में एक एसआईटी का गठन भी किया था। उस समय पुलिस ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब तक एसआईटी ने डेरे की संपत्ति से रिकवरी नहीं कराई है।
न मिला न्याय और न हुई अब तक रिकवरी
मेरे पिता की मौत को चार माह हो चुके हैं लेकिन अब तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुलिस से मांग है कि हमारी डेरे से करीब पांच करोड़ रुपये की रिकवरी कराए। - प्रदीप कुमार, मृतक अनुयायी का बेटा
वर्जन::
इस संबंध में मुझे ज्ञापन सौंपा गया है। मैं इसे उच्चाधिकारियों को सौंप दूंगा। - राजकुमार अरोड़ा, डीआरओ
वर्जन::
ग्राम पंचायत पीड़ित परिवार के साथ हैं। मृतक अनुयायी के परिवार की माली हालत पतली है। प्रशासन से मांग है कि पीड़ित परिवार की रिकवरी डेरे से कराए। - सोमबीर सिंह, सरपंच बलकरा
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
परमार्थ के नाम पर डेरे पर सब कुछ लुटाने वाले गांव बलकरा निवासी डेरा अनुयायी सोमबीर के परिजनों के पक्ष में ग्राम पंचायत भी उतर आई है। मृतक के परिजनों ने शुक्रवार को सरपंच की अगुवाई में शहर में रोष प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय पहुंचकर जिला प्रशासन को रिकवरी कराने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। साथ ही ग्रामीणों ने मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की ढुलमुल कार्यप्रणाली के खिलाफ भी रोष जाहिर किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है सोमबीर की मौत के साथ-साथ जेल में बंद राम रहीम उसकी मां माना देवी की भी मौत की जिम्मेवार है। मृतक अनुयायी के बेटे प्रदीप का आरोप है कि उसकी दादी की मौत भी सदमे में हुई है। यह सदमा उसके पिता की मौत और परिवार की आर्थिक स्थिति डेरे के कारण बिगड़ने से हुआ है। प्रदर्शनकारी खेमे ने मृतक अनुयायी के परिवार को डेरे द्वारा ऐंठी पांच करोड़ की रकम की रिकवरी कराने की मांग की है।
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे गांव बलकरा के ग्रामीण सरपंच सोमबीर सिंह की अगुवाई में रोज गार्डन पहुंचे। यहां बैठक आयोजित करने के बाद रोज गार्डन से लेकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी खेमे ने राम रहीम मुर्दाबाद, डेरे से रिकवरी करवाओ, सोमबीर के परिवार को न्याय दिलाओ नारे लगाकर डेरे की ज्यादतियों के खिलाफ रोष जाहिर किया। मृतक अनुयायी सोमबीर के जीजा मास्टर हंसराज बूरा ने बताया कि सोमबीर की मौत को चार माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन प्रशासन ने अब तक डेरे से रिकवरी कराने के कोई ठोस प्रयास नहीं किए हैं। उन्होंने बताया कि साधन संपन्न सोमबीर का परिवार डेरे का शिकार बनने के बाद कंगाल हो गया है। डेरे की ज्यादतियों का शिकार बना परिवार पिछले चार माह में दो सदस्य गंवा चुका है। प्रशासन को डेरे द्वारा हड़पी सोमबीर की करीब पांच करोड़ की राशि की रिकवरी करानी चाहिए ताकि ये अपना गुजर-बसर कर सके। लघु सचिवालय पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा की अनुपस्थिति में जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा। राजस्व अधिकारी न उनकी मांग आला अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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ये है सोमबीर की मौत का मामला
आठ सितंबर को बलकरा निवासी सोमबीर का शव उसके खेत में बने कुएं से बरामद हुआ था। परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि वह दो दिन से घर से लापता था और मानसिक रूप से परेशान था। परिजनों ने मानसिक परेशानी का कारण सिरसा डेरा द्वारा उसके साथ किया गया विश्वासघात बताया था। सोमबीर के बेटे प्रदीप ने बताया था कि उसके पिता की करीब 40 एकड़ जमीन डेरे ने जबरन परमार्थ के नाम पर बिकवा दी और करीब पांच करोड़ रुपये डेरे को दिए। प्रदीप का कहना है कि आर्थिक तंगी के दौर से परिवार को गुजरता देखकर ही उसके पिता ने जान दी है और इसका जिम्मेवार राम रहीम ही है।
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एसआईटी से की जांच में तेजी लाने की मांग
सरपंच सोमबीर, मोहन, ब्रह्म प्रकाश, सुमित्रा कुमार, मृतक की पत्नी चित्रा देवी, महेंद्र, सुखबीर सिंह, मास्टर हंसराज बूरा, ललित ने बताया कि तत्कालीन एसपी सुनील दलाल ने इस मामले में एक एसआईटी का गठन भी किया था। उस समय पुलिस ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब तक एसआईटी ने डेरे की संपत्ति से रिकवरी नहीं कराई है।
न मिला न्याय और न हुई अब तक रिकवरी
मेरे पिता की मौत को चार माह हो चुके हैं लेकिन अब तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुलिस से मांग है कि हमारी डेरे से करीब पांच करोड़ रुपये की रिकवरी कराए। - प्रदीप कुमार, मृतक अनुयायी का बेटा
वर्जन::
इस संबंध में मुझे ज्ञापन सौंपा गया है। मैं इसे उच्चाधिकारियों को सौंप दूंगा। - राजकुमार अरोड़ा, डीआरओ
वर्जन::
ग्राम पंचायत पीड़ित परिवार के साथ हैं। मृतक अनुयायी के परिवार की माली हालत पतली है। प्रशासन से मांग है कि पीड़ित परिवार की रिकवरी डेरे से कराए। - सोमबीर सिंह, सरपंच बलकरा