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सैट्रिंग पैड ला रहे थे कर्मचारी, बिजली टकराया तो करंट से दो की मौत 20-13-32
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
पाटौदा गांव के जीएवी स्कूल में सैट्रिंग पैड लेकर आ रहे एक कर्मचारी की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई तथा दूसरे ने निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं, एक अन्य आंशिक रुप से झुलस गया। झुलसे हुए कर्मचारी को सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। वहीं, पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद पीड़ित परिजनों को सौंप बस चालक शेर सिंह की शिकायत पर स्कूल निदेशक प्रदीप कौशिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कुलाना चौकी इंचार्ज अमित कुमार के अनुसार पाटौदा गांव के जीएवी स्कूल में वीरवार को करंट लगने से स्कूल बस के चालक व परिचालकों की मौत हो गई। जिसकी शिकायत घायल हुए चालक शेर सिंह ने पुलिस को दी है। शिकायत में शेर सिंह ने बताया कि स्कूल निदेशक के आदेश पर सैट्रिंग पैड लेकर आ रहे थे, पैड सड़क के करीब 20 फुट ऊपर से गुजर रही 11 हजार की हाई वोल्टेज लाइन से टकरा गई।
करंट की वजह से रण विजय व महेश पैड से चिपके रह गए, जबकि वह दूर जा गिरा। इसके बाद उसने उठकर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बिजली लाइन को बंद करवाया, जिसके बाद दोनों को पैड से दूर हटाया। लेकिन तब तक रण विजय की मौत हो चुकी थी। महेश को उपचार के लिए झज्जर के एक निजी अस्पताल में लाया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया।
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आरोप : सैट्रिंग पैड के लिए निदेशक ने बनाया था दबाव
घायल शेर सिंह ने बताया कि स्कूल निदेशक प्रदीप कौशिक ने रणविजय, महेश व उसे स्कूल के सामने स्थित घर से सैट्रिंग पैड उठाकर लाने को कहा था। उन्होंने सैट्रिंग पैड लाने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि बीच में बिजली की हाई वोल्टेज लाइन गुजर रही है। अगर वे लेकर आएंगे तो पैड तारों से टकराएगी, जिससे करंट लगने का खतरा है। इस पर प्रदीप कौशिक ने उन पर दबाव डालते हुए कहा कि कुछ नहीं होगा, तुम सैट्रिंग पैड ले आओ। जब वे सैट्रिंग पैड ला रहे थे तो स्कूल के बाहर पैड तारों से टकरा गई।
तीन साल से स्कूल में कार्यरत था महेश
गुगाना गांव निवासी मृतक महेश (45) के भाई दिनेश ने बताया कि महेश तीन साल से स्कूल में परिचालक के तौर पर कार्यरत था। महेश की चार बेटियां तथा एक बेटा है। दो बेटियों व एक बेटे की शादी हो चुकी है। वहीं, हादसे का दूसरा मृतक कारौला गांव निवासी रण विजय (48) भी काफी समय से स्कूल में बस चालक के पद पर कार्यरत था। हादसे के घायल शेर सिंह के अनुसार वे सभी लंच टाइम में एक साथ खाना खाते थे।
निदेशक के खिलाफ किया केस दर्ज : अमित
कुलाना चौकी प्रभारी अमित के अनुसार जीएवी स्कूल के बाहर हादसे में दो कर्मचारियों की मौत हुई है तथा एक घायल हुआ है। बस चालक शेर सिंह की शिकायत पर स्कूल निदेशक प्रदीप कौशिक के खिलाफ धारा 304-ए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्जन
जीएवी स्कूल के निदेशक प्रदीप कौशिक ने बताया कि यह हादसा है, उनकी इस प्रकार की कोई मंशा नहीं थी। बिजली तारों की ऊंचाई करीब 20 फीट है, सैट्रिंग पैड की ऊंचाई उन्हें कम लग रही थी। इसलिए उन्होंने ऐसा करने को कहा था, वे पीड़ित परिवार के साथ हैं।
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झज्जर।
पाटौदा गांव के जीएवी स्कूल में सैट्रिंग पैड लेकर आ रहे एक कर्मचारी की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई तथा दूसरे ने निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं, एक अन्य आंशिक रुप से झुलस गया। झुलसे हुए कर्मचारी को सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। वहीं, पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद पीड़ित परिजनों को सौंप बस चालक शेर सिंह की शिकायत पर स्कूल निदेशक प्रदीप कौशिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कुलाना चौकी इंचार्ज अमित कुमार के अनुसार पाटौदा गांव के जीएवी स्कूल में वीरवार को करंट लगने से स्कूल बस के चालक व परिचालकों की मौत हो गई। जिसकी शिकायत घायल हुए चालक शेर सिंह ने पुलिस को दी है। शिकायत में शेर सिंह ने बताया कि स्कूल निदेशक के आदेश पर सैट्रिंग पैड लेकर आ रहे थे, पैड सड़क के करीब 20 फुट ऊपर से गुजर रही 11 हजार की हाई वोल्टेज लाइन से टकरा गई।
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करंट की वजह से रण विजय व महेश पैड से चिपके रह गए, जबकि वह दूर जा गिरा। इसके बाद उसने उठकर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बिजली लाइन को बंद करवाया, जिसके बाद दोनों को पैड से दूर हटाया। लेकिन तब तक रण विजय की मौत हो चुकी थी। महेश को उपचार के लिए झज्जर के एक निजी अस्पताल में लाया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया।
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आरोप : सैट्रिंग पैड के लिए निदेशक ने बनाया था दबाव
घायल शेर सिंह ने बताया कि स्कूल निदेशक प्रदीप कौशिक ने रणविजय, महेश व उसे स्कूल के सामने स्थित घर से सैट्रिंग पैड उठाकर लाने को कहा था। उन्होंने सैट्रिंग पैड लाने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि बीच में बिजली की हाई वोल्टेज लाइन गुजर रही है। अगर वे लेकर आएंगे तो पैड तारों से टकराएगी, जिससे करंट लगने का खतरा है। इस पर प्रदीप कौशिक ने उन पर दबाव डालते हुए कहा कि कुछ नहीं होगा, तुम सैट्रिंग पैड ले आओ। जब वे सैट्रिंग पैड ला रहे थे तो स्कूल के बाहर पैड तारों से टकरा गई।
तीन साल से स्कूल में कार्यरत था महेश
गुगाना गांव निवासी मृतक महेश (45) के भाई दिनेश ने बताया कि महेश तीन साल से स्कूल में परिचालक के तौर पर कार्यरत था। महेश की चार बेटियां तथा एक बेटा है। दो बेटियों व एक बेटे की शादी हो चुकी है। वहीं, हादसे का दूसरा मृतक कारौला गांव निवासी रण विजय (48) भी काफी समय से स्कूल में बस चालक के पद पर कार्यरत था। हादसे के घायल शेर सिंह के अनुसार वे सभी लंच टाइम में एक साथ खाना खाते थे।
निदेशक के खिलाफ किया केस दर्ज : अमित
कुलाना चौकी प्रभारी अमित के अनुसार जीएवी स्कूल के बाहर हादसे में दो कर्मचारियों की मौत हुई है तथा एक घायल हुआ है। बस चालक शेर सिंह की शिकायत पर स्कूल निदेशक प्रदीप कौशिक के खिलाफ धारा 304-ए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वर्जन
जीएवी स्कूल के निदेशक प्रदीप कौशिक ने बताया कि यह हादसा है, उनकी इस प्रकार की कोई मंशा नहीं थी। बिजली तारों की ऊंचाई करीब 20 फीट है, सैट्रिंग पैड की ऊंचाई उन्हें कम लग रही थी। इसलिए उन्होंने ऐसा करने को कहा था, वे पीड़ित परिवार के साथ हैं।