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गोशाला पहुंचाए जाएंगे शहर में लावारिस घूम रहे गोवंश
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झज्जर। शहरवासियों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने चुके लावारिस गोवंश से लोगों को जल्द छुटकारा मिलने वाला है। शहर में लावारिस घूम रहे गोवंश को पकड़ कर गोशाला छुड़वाने के लिए नगर परिषद की तरफ से टेंडर प्रक्रिया शुरू की हुई है। करीब 47 लाख रुपये की लागत से गोवंश को गोशाला में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद और जिला प्रशासन की तरफ से खेड़का गुज्जर स्थित गोशाला से बातचीत की है। जहां पर इन पशुओं को रखने के लिए व्यवस्था की जाएगी।
नगर परिषद की तरफ से पिछले सप्ताह टेंडर आमंत्रित किए गए थे, लेकिन इन लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला पहुंचाने के लिए एक भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया। इसके बाद नगर परिषद की तरफ से दोबारा से इसकी तिथि बढ़ाई गई है। इस दौरान दो एजेंसियों ने आवेदन किया है। अगले सप्ताह बुधवार को टेंडर खोले जाएंगे। उसके बाद एजेंसियों की तरफ से दिए गए रेट के अनुसार टेंडर छोड़े जाएंगे। नगर परिषद के आंकड़ों के अनुसार लावारिस घूम रहे गोवंश की गणना का कार्य भी पूरा करवा लिया है। शहर में करीब 500 गोवंश लावारिस हालत में घूम रहे हैं। जिनको गोशाला पहुंचाने की कवायद शुरू की जाएगी।
बन रहे दुर्घटनाओं का कारण
शहर में हर समय सड़कों पर घूमने वाले लावारिस गोवंश की वजह से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। रात के समय सड़कों के बीच में बैठे रहते हैं और येे वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। यह अचानक वाहनों के सामने आने से सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं। शहर में अनेक बार रात के समय सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वहीं नेशनल हाईवे पर 4 दिन पूर्व लकड़िया गांव के पास बाइक की सांड़ से हुई टक्कर से एक पशु चिकित्सक की मौत हो गई थी।
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वर्जन
लावारिस गोवंश को पकड़ कर गोशाला पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। अगले सप्ताह गोवंश को गोशाला पहुंचाने के लिए टेंडर खोले जाएंगे।
- अरुण नांदल, ईओ, नगर परिषद, झज्जर।
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नगर परिषद की तरफ से पिछले सप्ताह टेंडर आमंत्रित किए गए थे, लेकिन इन लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला पहुंचाने के लिए एक भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया। इसके बाद नगर परिषद की तरफ से दोबारा से इसकी तिथि बढ़ाई गई है। इस दौरान दो एजेंसियों ने आवेदन किया है। अगले सप्ताह बुधवार को टेंडर खोले जाएंगे। उसके बाद एजेंसियों की तरफ से दिए गए रेट के अनुसार टेंडर छोड़े जाएंगे। नगर परिषद के आंकड़ों के अनुसार लावारिस घूम रहे गोवंश की गणना का कार्य भी पूरा करवा लिया है। शहर में करीब 500 गोवंश लावारिस हालत में घूम रहे हैं। जिनको गोशाला पहुंचाने की कवायद शुरू की जाएगी।
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बन रहे दुर्घटनाओं का कारण
शहर में हर समय सड़कों पर घूमने वाले लावारिस गोवंश की वजह से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। रात के समय सड़कों के बीच में बैठे रहते हैं और येे वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। यह अचानक वाहनों के सामने आने से सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं। शहर में अनेक बार रात के समय सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वहीं नेशनल हाईवे पर 4 दिन पूर्व लकड़िया गांव के पास बाइक की सांड़ से हुई टक्कर से एक पशु चिकित्सक की मौत हो गई थी।
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वर्जन
लावारिस गोवंश को पकड़ कर गोशाला पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। अगले सप्ताह गोवंश को गोशाला पहुंचाने के लिए टेंडर खोले जाएंगे।
- अरुण नांदल, ईओ, नगर परिषद, झज्जर।