NEET: झज्जर में बच्चों को बांटे गए थे दो कोड के पेपर... शिकायत के बाद मिले ग्रेस मार्क्स से बने चार टॉपर
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से चार जून को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यूजी 2024 का रिजल्ट जारी किया गया था। इस परीक्षा में झज्जर के तीन बच्चे टॉपर बने थे। अब इस पर विवाद उठा है। जानिए पूरा मामला
विस्तार
पिछले महीने पांच मई को देश भर में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ आयोजित नीट की परीक्षा पर नया विवाद खड़ा हो गया है। वैसे तो परीक्षा जिस दिन हुई थी, उसी दिन से विवादों में घिर गई थी।झज्जर के बहादुरगढ़ में नीट परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों पर परीक्षार्थियों को गलत पेपर आवंटित किए गए थे। विद्यार्थियों को एक नहीं, प्रश्न पत्र के दो सेट सॉल्व करने के लिए दिए गए। जब बच्चे एक पेपर को 30 से 40 मिनट तक सॉल्व कर चुके थे, तब वह पेपर लेकर सिर्फ दूसरा पेपर सॉल्व करने को कहा गया था। इसके चलते बच्चों की परीक्षा अच्छी नहीं हुई थी।
984 बच्चों ने दी थी परीक्षा
बताया जा रहा है कि परीक्षा के दिन दो सेंटरों पर मौजूद 984 विद्यार्थियों ने पेपर दिया था। इनमें से कई को अलग-अलग कोड का पेपर बांटा गया था, जो बच्चों ने सॉल्व भी कर लिया था। इन दोनों सेंटरों के विद्यार्थियों ने एनटीए को शिकायत की थी। दरअसल एक स्कूल में एसबीआई के कोड क्यूआरएसडी का प्रश्न पत्र दिया जाना था, जबकि उन्हें कैनरा बैंक के कोड एमएनओपी का प्रश्न पत्र दे दिया गया। इसी प्रकार दूसरे स्कूल में दोनों ही बैंकों का पेपर बच्चों को सॉल्व करने को कह दिया गया था। 30 से 40 मिनट बाद कैनरा बैंक का पेपर वापस लेकर सिर्फ एसबीआई के कोड वाला पेपर सॉल्व करने को कहा गया। इसके बाद गलत कोड के पेपर बांटे जाने की शिकायत नीट के दिल्ली कार्यालय में दी गई थी। इसके बाद एनटीए की तरफ से दोनों सेंटरों के उन बच्चों के रोल नंबर मंगवाए थे, जिन्होंने कैनरा बैंक के कोड वाला प्रश्न पत्र दिया था।
झज्जर के चार बच्चों के 720 अंक
झज्जर जिले के चार विद्यार्थियों के नीट परीक्षा में 720 अंक आए हैं। इसमें एक बच्चे ने ऑनलाइन कोचिंग ली तो दूसरे ने सीकर से कोचिंग ली है, जबकि एक छात्रा ने स्कूल से ही कोचिंग ली थी।
उम्मीद थी 670 अंक की, मिले 720
नीट परीक्षा में 720 अंक हासिल करने वाले एक छात्र को 670 अंक आने की उम्मीद थी। उसने जब ओएमआर शीट से मिलान किया तो उसके 670 अंक बन रहे थे, लेकिन जब परिणाम आया तो उसके 720 अंक आए। जब छात्र के शिक्षक ने उससे पूछा तो छात्र ने उनको बताया कि ओएमआर शीट के हिसाब से 670 अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन आए 720।
ग्रेस मार्क के चलते बढ़ गए नंबर
माना जा रहा है कि बहादुरगढ़ केंद्रों पर जिन बच्चों का समय दूसरा पेपर देने की वजह से खराब हुआ था, उनको एनटीए की तरफ से ग्रेस मार्क दिए गए हैं। कुछ बच्चों को तो 50 से 60 नंबर तक ग्रेस मार्क देने की बात सामने आई है, लेकिन एनटीए ने फिलहाल साफ नहीं किया है कि किस बच्चे को कितने ग्रेस मार्क दिए गए हैं और किस आधार पर ग्रेस मार्क दिए गए हैं।