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Jhajjar-Bahadurgarh News: तालाब निर्माण से कई गांवों को मिलेगी जलभराव से मुक्ति, खेतों को मिलेगा पानी
Sun, 21 Jul 2024 04:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 21 Jul 2024 04:49 AM IST
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समसपुर माजरा में विशाल तालाब निर्माण के लिए खुदाई करते हुए बुलडोजर।
झज्जर। जिले के कई गांवों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने व किसानों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए समस्तपुर माजरा गांव में तालाब का निर्माण करवाया जा रहा है। इस तालाब के बनने के बाद सुड्डन, सरौला व समस्तपुर माजरा सहित कई गांवों को लाभ होगा। पानी की कमी से जूझ रहे जाहिदपुर माइनर की तरफ के गांवों में इस तालाब से पानी को मिलने से किसानों को फायदा होगा व फसलों को पानी मिलने से फसलों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 53वीं सूखा व बाढ़ नियंत्रण विषय पर आयोजित मीटिंग में इस प्रोजेक्ट की मंजूरी प्रदान की थी। इसके बाद 8.67 करोड़ रुपये की लागत से जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों पर सिंचाई विभाग द्वारा समस्तपुर माजरा की पंचायती जमीन पर 12 एकड़ जमीन में बरसाती पानी के संचयन (स्टोरेज) के लिए तालाब का निर्माण किया गया। प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है। तालाब का निर्माण हो चुका है व पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।
इस प्रोजेक्ट से कई गांवों की दो प्रमुख समस्याओं का समाधान होगा। इस नवनिर्मित तालाब का प्रमुख उद्देश्य समस्तपुर माजरा व आसपास के गांवों के बारिश के पानी को संग्रहित करना है ताकि गांव में जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। इस क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी ना होने से किसानों की फसल को नुकसान होता है व ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब यह पानी इस तालाब में एकत्र होगा और गांव में जलभराव की समस्या नहीं रहेगी। दूसरी ओर इस तालाब का पानी किसानों के लिए सिंचाई के रूप में उपयोग में लाया जाएगा। इससे किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे उनकी फसलें बेहतर होंगी और उत्पादन बढ़ेगा। क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन की द्वारा तालाब का निर्माण कार्य तेजी से करवाने के लिए सराहना की है।
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पर्यटन स्थल की संभावना को तलाश रहा प्रशासन
डीसी शक्ति सिंह ने बताया कि इस तालाब चारों तरफ सौ फीट का बांध बनाया जा रहा है। इसके निर्माण से बाद यहां पेड़-पौधे लगाकर सुंदरीकरण का प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। जिला प्रशासन द्वारा यहां पर्यटन की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है, जिससे पंचायत की आय के स्रोत पैदा हो। इस बारे में जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मंथन किया जा रहा है।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 53वीं सूखा व बाढ़ नियंत्रण विषय पर आयोजित मीटिंग में इस प्रोजेक्ट की मंजूरी प्रदान की थी। इसके बाद 8.67 करोड़ रुपये की लागत से जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों पर सिंचाई विभाग द्वारा समस्तपुर माजरा की पंचायती जमीन पर 12 एकड़ जमीन में बरसाती पानी के संचयन (स्टोरेज) के लिए तालाब का निर्माण किया गया। प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है। तालाब का निर्माण हो चुका है व पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।
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इस प्रोजेक्ट से कई गांवों की दो प्रमुख समस्याओं का समाधान होगा। इस नवनिर्मित तालाब का प्रमुख उद्देश्य समस्तपुर माजरा व आसपास के गांवों के बारिश के पानी को संग्रहित करना है ताकि गांव में जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। इस क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी ना होने से किसानों की फसल को नुकसान होता है व ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब यह पानी इस तालाब में एकत्र होगा और गांव में जलभराव की समस्या नहीं रहेगी। दूसरी ओर इस तालाब का पानी किसानों के लिए सिंचाई के रूप में उपयोग में लाया जाएगा। इससे किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे उनकी फसलें बेहतर होंगी और उत्पादन बढ़ेगा। क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन की द्वारा तालाब का निर्माण कार्य तेजी से करवाने के लिए सराहना की है।
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पर्यटन स्थल की संभावना को तलाश रहा प्रशासन
डीसी शक्ति सिंह ने बताया कि इस तालाब चारों तरफ सौ फीट का बांध बनाया जा रहा है। इसके निर्माण से बाद यहां पेड़-पौधे लगाकर सुंदरीकरण का प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। जिला प्रशासन द्वारा यहां पर्यटन की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है, जिससे पंचायत की आय के स्रोत पैदा हो। इस बारे में जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मंथन किया जा रहा है।