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राष्ट्रीय अध्यक्ष बोलते रहे और बीच में उठकर चल दिए मंत्री
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:58 PM IST
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राज्यमंत्री बनवारी लाल
- फोटो : bureau
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संविधान दिवस के उपलक्ष्य में जटिया धर्मशाला में आयोजित समारोह में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री बीच में ही उठकर चले गए। भाजपा राष्ट्रीय एससी सेल के अध्यक्ष दुष्यंत गौतम अभी कार्यक्रम को संबोधित कर ही रहे थे कि मंत्री बीच में ही उठकर चल दिए। मंत्री की नाराजगी की अफवाहों के बीच कार्यक्रम आयोजकों ने इसे मंत्री के पास समय की कमी बताया।
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आयोजकों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का भाषण पूरा होते ही मंत्री को सम्मानित किया जाना था, लेकिन अध्यक्ष का भाषण लंबा चलने और समय नहीं होने के कारण मंत्री बीच में ही चले गए। कुछ लोग इसे मंत्री की नाराजगी से जोड़कर अफवाह फैला रहे हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।
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किसी भी सूरत में राष्ट्रीय अध्यक्ष का भाषण बीच में रुकवाया नहीं जा सकता था और मंत्री को जल्दी जाना था। इसी कारण मंत्री का भाषण भी पहले ही करवाया गया। वहीं, पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए गौतम ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि भाजपा के किसी नेता और कार्यकर्ता के लिए सम्मान और स्वागत का कोई महत्व नहीं है। मंत्री बनवारी लाल ने भी इसी परंपरा को निभाया।
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रविवार को झज्जर की जटिया धर्मशाला में दलित समाज सम्मान समिति की ओर से संविधान दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित करवाया गया। समारोह में भाजपा राष्ट्रीय एससी सेल के अध्यक्ष दुष्यंत गौतम ने बतौर मुख्यातिथि और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री केके बेदी के अलावा जन स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की।
वहीं, कार्यक्रम में मंत्री केके बेदी देरी से आए और बाद में उन्होंने संबोधित किया। समिति के कंवीनर रामधन एडवोकेट का कहना है कि मंत्री की नाराजगी जैसी बात कहने वाले लोग अफवाह फैला रहे हैं और मंत्री को दूसरे कार्यक्रम में जाना था, इसलिए वे चले गए। भाषण बीच में रोका नहीं जा सकता था।
कार्यक्रम में यूं किया बाबा साहेब को याद
मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि बाबा साहेब ने पूरा जीवन अखंड भारत-सशक्त भारत बनाने को समर्पित कर दिया। उन्होंने ऐसे संविधान की रचना की, जिससे पूरी दुनिया में भारत को विशेष पहचान मिली है। बाबा साहेब एक वर्ग के ही नहीं, अपितु सर्व समाज के सर्वमान्य नेता थे।
उन्होंने कहा कि सीएम मनोहर लाल सरकार ने एकमत से फैसला लिया कि महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, संत कबीर दास और बाबा साहेब जैसे महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाई जाएगी। प्रदेश सरकार ने कैथल में महर्षि वाल्मीकि और पलवल में बाबा साहेब के नाम से विश्वविद्यालय बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जन स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि बाबा साहेब की शिक्षाएं आज भी समाज के सभी वर्गों के लिए प्रासंगिक हैं।
नोटबंदी : भ्रष्टाचार और काले धन का खात्मा करने में होगा कारगर
राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने संबोधित किया कि मोदी का नोटबंदी का फैसला भ्रष्टाचार और काले धन का खात्मा करने में कारगर साबित होगा। समारोह में भाजपा राष्ट्रीय एससी सेल के अध्यक्ष दुष्यंत गौतम ने कहा कि बाबा साहेब ने हमेशा ही देशहित को सर्वोपरि रखा।
उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया। गरीबों के हित के लिए उन्होंने मंत्री पद तक त्याग दिया। समारोह में समाज से संबंधित विशिष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर सुनीता चौहान, विकास वाल्मीकि, सीमा दहिया, जय प्रकाश, पूर्व विधायक हरिराम वाल्मीकि, महेंद्र कौर, रामधन एडवोकेट सहित अन्य मौजूद रहे। आयोजकों का कहना है कि मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि दलित समाज की न्यायोचित मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा।
ये मांगें उठाईं
अनुसूचित जाति के बैकलॉग को हाईकोर्ट के आदेशानुसार लागू करना। अनुसूचित जाति कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने के हाईकोर्ट के फैसले को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। मांग को पूरा करने के लिए स्पेशल ड्राइव शुरू की जाए।
वहीं, केंद्र सरकार से भी मांग की गई कि प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू किया जाए। बाबा साहेब की जीवनी और संविधान संरचना को स्कूल पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से लाया जाए। जाति प्रमाण पत्र में जाति का नाम न लिखकर केवल अनुसूचित जाति शब्द का प्रयोग किया जाए। मिड-डे-मील के स्थान पर बच्चों को दूध या अन्य पौष्टिक आहार दिया जाए।