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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में चलेंगी क्लीन फ्यूल और बीएस-6 बसें
Sat, 21 Oct 2023 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 21 Oct 2023 01:02 AM IST
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बहादुरगढ़। दिल्ली-एनसीआर में एक नवंबर से सिर्फ वही बसें चलेंगी जो क्लीन फ्यूल से चल रही हैं। क्लीन फ्यूल की बसों में सीएनजी, इलेक्ट्रिक बसें और बीएस-6 की बसें शामिल हैं। कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी एंड मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि वह पुरानी बसों को बाहर करें। हालांकि राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार को उनकी बिना एनसीआर वाले जिलों से दिल्ली एनसीआर में आने वाली बसों को कुछ माह की छूट दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक नवंबर से सिर्फ क्लीनर फ्यूल यानि सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 बसें ही चल सकेंगी। हरियाणा सरकार के साथ-साथ राजस्थान और यूपी सरकार को भी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने इस संबंध में दोबारा नए सिरे से आदेश जारी कर दिया है। राजस्थान के लिए 1 जनवरी 2024 तक और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के लिए 1 अप्रैल 2024 तक इसमें छूट दी गई है। इसके बाद सिर्फ क्लीन फ्यूल यानि सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 मॉडल की बसें ही दिल्ली में चल सकेंगी। आयोग ने तीनों राज्य की सरकारों से बीएस-6 मॉडल या फिर सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही दिल्ली व अन्य राज्यों के ट्रांसपोर्ट व अन्य विभागों को इन आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। एक नवंबर के बाद हरियाणा व इन राज्यों से कोई पुरानी बस दिल्ली में आती है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा या फिर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएक्यूएम की ओर से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में सर्दियों में होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पुरानी बसों को बाहर करने का समय तय
सीएक्यूएम ने पुरानी बसों को बाहर करने का समय भी तय कर दिया है। राज्यों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के लिए जून 2026 और जून 2028 तक का समय दिया गया है। सीएक्यूएम ने दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अधिकारियों को कहा है कि सर्दियों के दौरान ट्रांसपोर्ट सेक्टर प्रदूषण की बड़ी वजह है। क्लीन फ्यूल ट्रांसपोर्ट सिस्टम खास तौर पर इंटरसिटी और इंट्रासिटी बस सर्विस दिल्ली-एनसीआर से प्रदूषण को काफी कम कर सकते हैं।
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क्या है डेड लाइन
-1 नवंबर से एनसीआर से दिल्ली के लिए चलने वाली बसें सिर्फ इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 की होंगी।
-जून 2026 तक दिल्ली-एनसीआर में चलने वाली सभी बसें इलेक्ट्रिक और सीएनजी होंगी।
-जून 2026 तक जो भी बस एनसीआर से चलेगी या एनसीआर में आएगी वह सीएनजी या इलेक्ट्रिक ही होगी।
-जून 2028 तक अधिक संख्या में इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी।
वर्जन...
सीएक्यूएम की ओर से आदेश जारी किए गए हैं कि एक नवंबर से एनसीआर से दिल्ली के लिए चलने वाली बसें सिर्फ इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 की होगी। एनसीआर क्षेत्र में सर्दियों में होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
-अमित दहिया, एसडीओ, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक नवंबर से सिर्फ क्लीनर फ्यूल यानि सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 बसें ही चल सकेंगी। हरियाणा सरकार के साथ-साथ राजस्थान और यूपी सरकार को भी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने इस संबंध में दोबारा नए सिरे से आदेश जारी कर दिया है। राजस्थान के लिए 1 जनवरी 2024 तक और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के लिए 1 अप्रैल 2024 तक इसमें छूट दी गई है। इसके बाद सिर्फ क्लीन फ्यूल यानि सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 मॉडल की बसें ही दिल्ली में चल सकेंगी। आयोग ने तीनों राज्य की सरकारों से बीएस-6 मॉडल या फिर सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही दिल्ली व अन्य राज्यों के ट्रांसपोर्ट व अन्य विभागों को इन आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। एक नवंबर के बाद हरियाणा व इन राज्यों से कोई पुरानी बस दिल्ली में आती है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा या फिर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएक्यूएम की ओर से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में सर्दियों में होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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पुरानी बसों को बाहर करने का समय तय
सीएक्यूएम ने पुरानी बसों को बाहर करने का समय भी तय कर दिया है। राज्यों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के लिए जून 2026 और जून 2028 तक का समय दिया गया है। सीएक्यूएम ने दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अधिकारियों को कहा है कि सर्दियों के दौरान ट्रांसपोर्ट सेक्टर प्रदूषण की बड़ी वजह है। क्लीन फ्यूल ट्रांसपोर्ट सिस्टम खास तौर पर इंटरसिटी और इंट्रासिटी बस सर्विस दिल्ली-एनसीआर से प्रदूषण को काफी कम कर सकते हैं।
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क्या है डेड लाइन
-1 नवंबर से एनसीआर से दिल्ली के लिए चलने वाली बसें सिर्फ इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 की होंगी।
-जून 2026 तक दिल्ली-एनसीआर में चलने वाली सभी बसें इलेक्ट्रिक और सीएनजी होंगी।
-जून 2026 तक जो भी बस एनसीआर से चलेगी या एनसीआर में आएगी वह सीएनजी या इलेक्ट्रिक ही होगी।
-जून 2028 तक अधिक संख्या में इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी।
वर्जन...
सीएक्यूएम की ओर से आदेश जारी किए गए हैं कि एक नवंबर से एनसीआर से दिल्ली के लिए चलने वाली बसें सिर्फ इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 की होगी। एनसीआर क्षेत्र में सर्दियों में होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
-अमित दहिया, एसडीओ, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।