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Jhajjar-Bahadurgarh News: सिविल कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पाठ्यक्रम लांच
Thu, 16 Jul 2026 05:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 16 Jul 2026 05:15 PM IST
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फोटो-51: पाठ्यक्रम लांच करते निकमार और मंत्रालय के प्रतिनिधि। स्रोत कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने बहादुरगढ़ के निकमार संस्थान के सहयोग से विकसित सिविल कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पाठ्यक्रम को एनयूएलपी आईगोट कर्मयोगी प्लेटफार्म पर लांच किया है।
इस पहल का उद्देश्य सिविल इंजीनियरों और सार्वजनिक अवसंरचना क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों की परियोजना प्रबंधन क्षमता को आधुनिक तकनीकों और वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाना है। पाठ्यक्रम में निर्माण परियोजनाओं की योजना (प्लानिंग), समय-निर्धारण (शेड्यूलिंग), निगरानी (मॉनिटरिंग) और नियंत्रण (कंट्रोलिंग) से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा समय, लागत, गुणवत्ता, संसाधन प्रबंधन, अनुबंध प्रबंधन तथा वैधानिक अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी विस्तार से शामिल किया गया है। निकमार के निदेशक डॉ. अमित गोयल ने बताया कि इस पाठ्यक्रम की परिकल्पना, डिजाइन और विकास उनके नेतृत्व में किया गया है। इसमें 22 विशेषज्ञ शिक्षण सत्र शामिल हैं, जिन्हें हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
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बहादुरगढ़। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने बहादुरगढ़ के निकमार संस्थान के सहयोग से विकसित सिविल कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पाठ्यक्रम को एनयूएलपी आईगोट कर्मयोगी प्लेटफार्म पर लांच किया है।
इस पहल का उद्देश्य सिविल इंजीनियरों और सार्वजनिक अवसंरचना क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों की परियोजना प्रबंधन क्षमता को आधुनिक तकनीकों और वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाना है। पाठ्यक्रम में निर्माण परियोजनाओं की योजना (प्लानिंग), समय-निर्धारण (शेड्यूलिंग), निगरानी (मॉनिटरिंग) और नियंत्रण (कंट्रोलिंग) से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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इसके अलावा समय, लागत, गुणवत्ता, संसाधन प्रबंधन, अनुबंध प्रबंधन तथा वैधानिक अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी विस्तार से शामिल किया गया है। निकमार के निदेशक डॉ. अमित गोयल ने बताया कि इस पाठ्यक्रम की परिकल्पना, डिजाइन और विकास उनके नेतृत्व में किया गया है। इसमें 22 विशेषज्ञ शिक्षण सत्र शामिल हैं, जिन्हें हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
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