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चार मंडियों में तीन एजेंसियां करेंगी बाजरे की खरीद
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बाजरे की सरकारी खरीद के लिए झज्जर जिले में भी एजेंसी निर्धारित कर दी गई हैं। इस बार जिले में चार अनाज मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद तीन एजेंसियां करेंगी। खाद्य आपूर्ति विभाग, हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन और हैफेड की तरफ से बाजरे की खरीद की जाएगी। जिले में झज्जर, बेरी, ढाकला व मातनहेल की अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद एजेंसियों की तरफ से की जाएगी। एक अक्तूबर से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। एक अक्टूबर को खरीद एजेंसियों के कर्मचारी अनाज मंडी में पहुंच जाएंगे। जिले में करीब 32 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल और 43 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की फसल बोई गई है। फिलहाल बाजरे की फसल की कटाई व कढ़ाई का कार्य चल रहा है। जबकि धान की फसल पक कर तैयार नहीं हुई है।
धान की खरीद के लिए नहीं के मंडी निर्धारित
जिले में सरकार की ओर से धान की खरीद के लिए कोई भी मंडी निर्धारित नहीं की है। जबकि सरकारी आदेशों के अनुसार एक अक्तूबर से ही धान की खरीदी भी शुरू हो जाती है। पिछली बार बेरी और मातनहेल की अनाज मंडियां धान की खरीद के लिए निर्धारित की गई थी। लेकिन इस बार जिले में कोई भी मंडी धान की सरकारी खरीद के लिए निर्धारित नहीं की गई है।
बासमती धान की होती है खेती
जिले में बासमती धान की विभिन्न किस्मों की खेती किसानों की तरफ से की जाती है और इसकी प्राइवेट कंपनियों के लिए आढ़ती खरीद करते हैं। पिछली बार सरकार के आदेश पर धान की 1509 किस्म की सरकारी खरीद भी की गई थी। लेकिन इस बार सरकार की तरफ से कोई अनाज मंडी सरकारी खरीद के लिए निर्धारित नहीं की गई है। इसके चलते अब प्राइवेट कंपनियों के लिए ही धान की खरीद की जाएगी।
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बाजरे की खरीद के लिए तीन एजेंसी निर्धारित कर दी गई हैं। जबकि इस बार धान की खरीद के लिए कोई मंडी या एजेंसी निर्धारित नहीं की गई है।
सुरेंद्र सैनी, डीएफएससी, झज्जर।
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धान की खरीद के लिए नहीं के मंडी निर्धारित
जिले में सरकार की ओर से धान की खरीद के लिए कोई भी मंडी निर्धारित नहीं की है। जबकि सरकारी आदेशों के अनुसार एक अक्तूबर से ही धान की खरीदी भी शुरू हो जाती है। पिछली बार बेरी और मातनहेल की अनाज मंडियां धान की खरीद के लिए निर्धारित की गई थी। लेकिन इस बार जिले में कोई भी मंडी धान की सरकारी खरीद के लिए निर्धारित नहीं की गई है।
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बासमती धान की होती है खेती
जिले में बासमती धान की विभिन्न किस्मों की खेती किसानों की तरफ से की जाती है और इसकी प्राइवेट कंपनियों के लिए आढ़ती खरीद करते हैं। पिछली बार सरकार के आदेश पर धान की 1509 किस्म की सरकारी खरीद भी की गई थी। लेकिन इस बार सरकार की तरफ से कोई अनाज मंडी सरकारी खरीद के लिए निर्धारित नहीं की गई है। इसके चलते अब प्राइवेट कंपनियों के लिए ही धान की खरीद की जाएगी।
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बाजरे की खरीद के लिए तीन एजेंसी निर्धारित कर दी गई हैं। जबकि इस बार धान की खरीद के लिए कोई मंडी या एजेंसी निर्धारित नहीं की गई है।
सुरेंद्र सैनी, डीएफएससी, झज्जर।