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Jhajjar-Bahadurgarh News: ओलंपिक विजेता पहलवान देने में कामयाब रहा छारा का लाला दीवान चंद अखाड़ा

Sun, 23 Jun 2024 05:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sun, 23 Jun 2024 05:29 AM IST
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Chhara's Lala Diwan Chand Akhara was successful in producing Olympic winning wrestler.
​खिलाड़ी सुमित नागल
बादली। छारा गांव स्थित लाला दीवान चंद अखाड़ा एवं आधुनिक कुश्ती योग केंद्र ने देश के लिए ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया को तराशा है। बजरंग पूनिया ने छोटी उम्र में ही दीवान चंद अखाड़े में कदम रखकर देश का नाम रोशन किया। आज अखाड़ा प्रदेश में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यह वीरेंद्र अखाड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यहां कोच वीरेंद्र दलाल के प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि पहलवानों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक दिलाकर क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाई है।
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छारा गांव से कुछ दूरी पर बनाए गए केंद्र में पहलवानों के लिए भोजनालय, मैट सुविधा, आधुनिक जिम, मिट्टी अखाड़ा, पहलवानों के आवास के लिए 50 कमरों की अलग से व्यवस्था है। फिलहाल अखाड़े में करीब 110 पहलवान प्रशिक्षण ले रहे हैं, इनमें हरियाणा ही नहीं दिल्ली और उत्तर प्रदेश के पहलवान भी हैं। अखाड़े में ही दूध के लिए डेयरी भी स्थापित की गई है। पहलवानों को प्रशिक्षण देने के लिए कोच बिजेंद्र कुमार छारा 15 साल से, सांई की ओर से राकेश अहलावत डीघल, राष्ट्रीय पदक विजेता अमित कुमार छारा यहां कोच की भूमिका निभा रहे हैं।
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राहुल गांधी भी कड़ाके की ठंड में पहुंचे थे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस साल कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह लाला दीवान चंद अखाड़े में पहुंचे थे। उन्होंने यहां पहलवानों के साथ कुश्ती के दांवपेंच पर बात की और यहां के पहलवानों को देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित भी किया। राहुल गांधी को अचानक अखाड़े में देखकर यहां सभी पहलवान खुश हुए।
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बोले खिलाड़ी
आठ साल तक अखाड़े में प्रशिक्षण लिया। 2020 टोक्याे ओलंपिक में अंडर 65 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता। छोटी उम्र में पहलवानी के गुर सीखे और देश के लिए पदक जीता। स्कूल नेशनल गेम्स में सबसे पहला पदक 42 किलो भार में खेलकर अखाड़े में रहते हुए जीता। वर्ल्ड सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में चार पदक हासिल किए, इनमें एक सिल्वर और एक कांस्य पदक है।
- बजरंग पूनिया खुडन, ओलंपिक पदक विजेता।



मात्र 13 साल की उम्र में स्कूल नेशनल 2023 में कांस्य पदक जीता है। साथ ही दिल्ली स्टेट में गोल्ड हासिल किया। गरीब घर से होने के बाद भी पहलवानी में हाथ आजमा रहा हूं। ओलंपिक का सपना लेकर अखाड़े में दिन-रात मेहनत जारी है।
- कार्तिक पहलवान, बसई



रेलवे में टीटी के पद पर रतलाम मध्यप्रदेश में ड्यूटी है। 23 साल की आयु है और 12 साल से पहलवानी कर रहा हूं। जूनियर 2024 में अमेठी में आयोजित प्रतियोगिता में सिल्वर जीता। केरल में अंडर 23 वर्ग में सिल्वर हासिल किया। विदेश में आयोजित केडिड वर्ल्ड प्रतियोगिता में देश के लिए पिता छारा गांव के करारा पहलवान ने गोल्ड जीता है, उनसे मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
- मनजीत पहलवान, छारा।



गोंडा में आयोजित सीनियर नेशनल में कांस्य पदक जीता है। साथ ही रांची में आयोजित जूनियर नेशनल में कांस्य, गोंडा के जूनियर नेशनल में सिल्वर जीता है। लगातार तीन साल से ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में रन अप रहा। 92 किलो भार में कुश्ती लड़ रहा हूं। अंतरराष्ट्रीय स्तर और ओलंपिक में पदक जीतना मुख्य सपना है। मिट्टी कुश्ती में भारत केसरी बनने की इच्छा के साथ मैं मेहनत कर रहा हूं।
- शेखर पहलवान, छारा।



2022 गोंडा में आयोजित जूनियर रैंकिंग सीरिज में कांस्य जीता है। 2022 जूनियर ग्रांड प्रिक्स में कांस्य जीता है। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में कांस्य जीता। 20 साल की उम्र में कैथल, छारा और भिवानी में हुए 3 बार भारत कुमार टाइटल सहित कई पदक जीतें हैं।
- पुष्पेंद्र दलाल, पहलवान।



सीनियर नेशनल में रनर अप रहा हूं। जूनियर रैंकिंग सीरिज में कांस्य जीता है। शुरू से ही मिट्टी के खेल के प्रति लगाव है और अखाड़े में कुश्ती लड़ना जारी है। अब देश के लिए पदक जीतने के लिए पसीना बहा रहा हूं। मैं अपनी 20 साल की आयु में देश का नाम रोशन करना चाहता हूं।
- सचिन पहलवान, गढ़ी सांपला।


1995 में अखाड़े में आया था। जूनियर नेशनल में गोल्ड, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में 5 बार पदक जीता। ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में आठ पदक जीते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया है। भारत की तरफ से कोच की भूमिका भी कई बड़े स्तर पर निभाई है।
- आर्य वीरेंद्र दलाल, कोच एवं संस्थापक



राष्ट्रीय लेवल पर 5 बार भागीदारी की है। बीपीएड और कोच के लिए एनआईएस पटियाला से ए ग्रेड में डिप्लोमा किया है। पहलवानी पर फोकस कर अपने सपने को पूरा करने के लिए मेहनत की जा रही है ताकि आगे बढ़ा जा सके। अनुशासन पहलवान के लिए पहली सीढ़ी है।

- सागर दलाल, कोच।



सरकारी नौकरियों में दे रहे सेवाएं

सुनील चोटी वाला पहलवान छारा एयरफोर्स, आनंद मातन हरियाणा पुलिस, विक्रम कोट सीआरपीएफ, मनदीप पहलवान पानीपत आर्मी, प्रदीप उर्फ चंदू पहलवान रेलवे में टीटी, संजीत कुंडू चांदपुर इंडियन नेवी

 खिलाड़ी सुमित नागल

खिलाड़ी सुमित नागल

 खिलाड़ी सुमित नागल

खिलाड़ी सुमित नागल

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