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Jhajjar: निजी अस्पताल में महिला की मौत का मामला, 22 घंटे बाद बाद माने परिजन, खुला जाम

Sat, 02 Dec 2023 10:40 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 02 Dec 2023 10:40 AM IST
सार

शुक्रवार रात 10 बजे परिजनों ने जाम लगा दिया था। देर रात को जाम खोल दिया गया था। इस दौरान भीड़ काफी बेकाबू भी हो गई थी और हंगामा हुआ।

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Case of death of woman in private hospital in Narnaul, angry family members created jam
प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झज्जर शहर के किरण नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान हुई महिला की मौत के मामले में जाम लगाकर बैठे परिजन 22 घंटे बाद डीसी व एसपी के आश्वासन पर परिजन माने। इसके बाद उन्होंने जाम खोला। डीसी ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को भरोसा दिया कि पोस्टमार्टम की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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उन्हें न्याय मिलेगा। शव को एंबुलेंस में रोहतक पीजीआई ले जाया गया। जहां देर शाम मृतका के शव का डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जैसे ही शव घर पर पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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मृतका का पति सुनील भी बेसुध हो गया। शुक्रवार रात 10 बजे परिजनों ने जाम लगा दिया था। देर रात को जाम खोल दिया गया था। इस दौरान भीड़ काफी बेकाबू भी हो गई थी और हंगामा हुआ। भीड़ में से कुछ लोगों ने अस्पताल की तरफ पत्थर भी फेंके, हालांकि किसी को नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया।
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सुबह तक एफआईआर न होने, गिरफ्तारी न होने पर लोग फिर भड़क गए और सुबह 7 बजे फिर से अस्पताल के सामने जाम लगा दिया। इसके चलते सुबह के समय ऑफिस, स्कूल, काॅलेज व काम पर जाने वालों को परेशानी हुई। वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया।

जाम की सूचना पाकर एसडीएम विशाल कुमार, डीएसपी शमशेर सिंह मौके पर पहुंच और परिजनों से बात की। परिजनों ने अस्पताल को सील करने, डॉक्टरों व स्टॉफ को गिरफ्तार कर केस दर्ज करने की मांग की। एसडीएम ने आश्वासन दिया, लेकिन परिजनों ने जाम नहीं खोला। परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जनप्रतिनिधियों ने दी सांत्वना और सहयोग का भरोसा
जाम की सूचना पाकर धीरे-धीरे राजनीतिक लोग भी पहुंचना शुरू हो गए और परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया। नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी, जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना, पूर्व मंत्री कांता देवी, विधायक गीता भुक्कल, बादली से पूर्व विधायक नरेश शर्मा, भाजपा नेता डॉ. राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी और सहयोग का आश्वासन दिया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा वापस
दोपहर को स्वास्थ्य विभाग की टीम शव की जांच के लिए आशा किरण अस्पताल पहुंची। टीम के पहुंचने पर मृतका के परिजनों ने हंगामा कर दिया। इस पर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और स्वास्थ्य विभाग की टीम को वापस अस्पताल से बाहर निकाला। यहां नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी व भाजपा नेता राकेश ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने कहा कि रात को डॉक्टर कहां पर थे।


बेटी बोली-पापा चुप हो जाओ, हौंसला रखो
जाम के दौरान विलाप कर रहे सुनील के पास उसकी चारों बेटियां भी पहुंची और अपने पिता को गले लगाकर कहा कि पापा चुप हो जाओ, हौंसला रखो। यह कहकर बेटियां पिता से लिपट गई और खुद भी अपने आंसू नहीं रोक पाई। इस दौरान छावनी मोहल्ले की महिलाओं ने उनको सांत्वना दी।उधर महिला ने लड़के को जन्म दिया था। जन्म के बाद बच्चे को भी वेंटिलेटर पर रखा गया था। रात को बच्चे को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया की गई। परिजनों ने बताया कि रात को बच्चे को सरकारी अस्पताल और फिर पीजीआई ले जाया गया, लेकिन उसे दाखिल नहीं किया जा सका। बाद में बच्चे को रोहतक में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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