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आग में झुलसी बहन की मौत के बाद भाई ने भी तोड़ दम

Sun, 16 Oct 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर Updated Sun, 16 Oct 2016 11:51 PM IST
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Brother and sister dead due to fire, Jhajjar
आग लगने से हादसा - फोटो : Demo Pic.

कुछ माह पहले बेरी के गांव डीघल में कार में दम घुटने से एक साथ तीन मासूमों की मौत को अभी ग्रामीण भुला ही नहीं पाए थे और गांव डीघल के नजदीक गांव बहराणा में लापरवाही से करीब सात अक्टूबर को भाई-बहन झुलस गए थे।

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बुरी तरह झुलसे भाई-बहन को इलाज के लिए तुरंत रोहतक पीजीआई में भर्ती करवाया गया था, जहां से तीन दिन बाद 10 अक्टूबर को परिजन देसी इलाज के लिए छुट्टी दिलाकर घर वापस ले आए थे। हादसे में झुलसी बहन मीनाक्षी ने तो हादसे के पांच दिन बाद 12 अक्टूबर को दम तोड़ दिया था, जबकि जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे भाई भुनेश ने रविवार को दम तोड़ दिया। हादसे के बाद परिवार पर एक तरह से दुखों का पहाड़ सा टूट गया और गांव का हर व्यक्ति घटना को लेकर स्वयं भी दुखी है।
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दीपक की बहराणा गांव में ही किराने की दुकान है। दीपावली की तैयारियों के चलते दीपक के घर में राजमिस्त्री काम कर रहे थे और सफेदी और रंग-रोगन का काम भी चल रहा था। पीड़ित परिवार के अनुसार करीब सप्ताह पूर्व फर्श बनाने का काम चल रहा था।
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अचानक रोडे़ कूटने के लिए लाए गए दुर्मच का बिट्टा टूट गया। दुर्मच में लकड़ी का नया बिट्टा लगाने के लिए मजदूर दुर्मच में फंसे पहले बिट्टे के टुकड़ों को आग से जलाकर निकालने का प्रयास कर रहे थे। परिजनों के अनुसार थोड़ी ही दूरी पर केरोसिन से भरी एक केन भी रखी हुई थी। उसी दौरान ही यह तेल से भरी केन उलट गई और दुर्मच में मजदूरों द्वारा लगाई गई आग पर जा गिरी।

देखते ही देखते पूरा कमरा आग की लपटों में घिर गया और वहीं पर कुछ ही दूरी पर चारपाई पर पढ़ रहे आठ साल की मीनाक्षी और 6 साल के भुनेश को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों बच्चों की आग की चपेट में आने के बाद घर में कोहराम मच गया।

वहीं अब उसके पास अब केवल एक लड़का है, जिसकी उम्र 10 साल है। इस हादसे में दीपक और उसकी पत्नी के हाथ जल गए थे। घटना के दौरान करीब 90 प्रतिशत झुलसे दोनों भाई-बहन को उसी समय उपचार मुहैया भी कराया गया, लेकिन मीनाक्षी ने घटना के पांच दिन बाद और उसके भाई भुनेश ने रविवार को दम तोड़ दिया।


चूंकि मजदूर और मिस्त्री गांव के ही थे, इसलिए उनके खिलाफ किसी प्रकार की कोई शिकायत तो पुलिस में नहीं दी गई, लेकिन हर कोई इस घटना को लेकर लापरवाही को जरूर जिम्मेवार ठहरा रहा है।

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