फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   briver doctor arrested

पोस्टमार्टम के लिए घूस लेने वाले डॉक्टर को जेल

Sun, 24 Jan 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़ Updated Sun, 24 Jan 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
हादसे में मौत का ग्रास बने दिल्ली के युवक के शव के पोस्टमार्टम के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोपी डॉ. राकेश को शनिवार न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विजिलेंस झज्जर के निरीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी डॉ. राकेश कुमार से रिश्वत के रूप में लिए गए रुपये भी बरामद कर लिए। शिकायतकर्ता रोहतास के बयान पर डाक्टर को रिश्वत के बकाया तीन हजार रुपये लेने के आरोप में उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार की मौजूदगी में गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन


संवेदनाओं को लेकर उठते रहे सवाल
मरने के बाद भी युवक के परिजनों से पोस्टमार्टम जल्द करने की एवज में पैसे लेने की घटना को लेकर हर कोई सवाल उठाता रहा। शनिवार को हास्पिटल में दिनभर इसी घटना को लेकर हर जगह चर्चाएं चलती रही। अधिकांश स्टाफ से लेकर यहां आने वाले अन्य व्यक्ति डॉक्टर की मानवीय संवेदनाओं को कोसते नजर आए। अभी स्वास्थ्य विभाग में सेवा देते हुए उन्हें ज्यादा समय भी नहीं हुआ था मगर पैसों की भूख ने उन्हें कानूनी पचकड़े के पेच में फंसा दिया।
विज्ञापन


हो सख्त कार्रवाई
एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के भरसक प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर पैसों के लालची किसी न किसी माध्यम से लोगों को तंग कर पैसे ऐंठने से बाज नहीं आ रहे। युवा मनोज, कमल, सतबीर, संजीव व संदीप ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जो भी व्यक्ति किसी न किसी बहाने से आमजन को तंग करके पैसे वसूलते हैं उन्हें सरकारी सेवाओं से पदमुक्त करते हुए कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार व विभाग का नाम होता खराब
जिस डाक्टर को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है उसके खिलाफ पहले ही कुछ शिकायतें उन्हें मिली थी। जिस पर सीनियर एसएमओ के नेतृत्व में इंटरनल कमेटी बनाकर जांच कराई थी। उसमें भी उनकी संलिप्ता पाई गई थी। जिसके बार में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया था। स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य सर्मपण व सेवा भाव का है। ऐसे में यदि कोई भी डाक्टर व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ किसी से पैसे की डिमांड करता है तो तुरंत अधिकारियों को अवगत कराएं। क्योंकि ऐसी घटनाओं से सरकार व विभाग का नाम भी खराब होता है। हम किसी भी रूप में डाक्टर के साथ नहीं है।
-डॉ. जितेंद्र कादयान, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल हास्पिटल बहादुरगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed