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निर्धारित समय सीमा में आवेदनों को निपटाएं बैंक

Tue, 22 Mar 2022 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 12:00 AM IST
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Banks should dispose of the applications within the stipulated time frame
झज्जर। उपायुक्त शक्ति सिंह ने कहा है कि सभी बैंक निर्धारित समय सीमा में सरकारी योजनाओं के तहत आए आवेदनों को निपटाएं। आवेदनकर्ताओं को ऋण उपलब्ध कराएं। साथ ही सरकार की ओर से मिले लक्ष्य को भी समय पर पूरा करें।
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डीसी सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में बैंकों से संबंधित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की ओर से लोगों के उत्थान के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत जरूरतमंद लोगों को बैंक के माध्यम से ऋण दिलाया जाता है। सरकार का उद्देश्य है कि गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को मुख्यधारा में लाया जाए, ताकि वे स्वाभिमान के साथ अपना गुजर-बसर कर सकें। ऐसे में सभी बैंक सुनिश्चित करें कि सरकार की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार ही समयसीमा में ऋण आवेदनों पर कार्रवाई हो।
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उन्होंने कहा कि बैंकों में ऋण के लिए आने वाले आवेदनों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, जिसमें तिमाही आधार पर प्राप्त आवेदन, बैंक की ओर से स्वीकार व अस्वीकार किए गए आवेदन और मंजूर किए गए आवेदनों की संख्या शामिल हो। उन्होंने कहा कि सभी बैंक सुनिश्चित करें कि अगले एक सप्ताह में उनके यहां लंबित आवेदनों में से 75 प्रतिशत क्लीयर हो जाएं और भविष्य में बिना किसी वजह के आवेदन को लंबित न रखा जाए।
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डीसी ने कहा कि बैंक स्वयं सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध कराएं। ताकि समूह रोजगार शुरू कर सके। स्वयं सहायता समूहों के बैंकों में खाते खोले जाएं। कई बैंक इसमें रुचि नहीं ले रहे है। जिले के कई स्वयं सहायता समूह बहुत अच्छा कार्य कर रहे है। ऐसे में बैंकों को ऋण देने में आगे आना चाहिए।
बैठक में आरबीआई के प्रतिनिधि विनोद कुमार ने कहा कि शिकायत का निपटारा एक माह के अंदर होना जरूरी है। उसके बाद आरबीआई को बैंक के खिलाफ शिकायत की जा सकती है। अगर उसमें बैंक की गलती मिलती है तो बैंक पर 20 लाख रुपये तक का जुर्माना और एक लाख रुपये मेंटल हैरेसमेंट के लिए देने के आदेश किए जा सकते हैं।

नाबार्ड के डीएम विजय राणा ने बताया कि नाबार्ड कई प्रकार के कामों के लिए बैंक के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराता है। साथ ही लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए भी कार्य करता है। अगर कोई बैंक जागरूकता कैंप आयोजित करना चाहता है तो नाबार्ड मदद कर सकता है। मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक मनीश कुमार सिन्हा ने बैठक में आंकड़े प्रस्तुत किए। सभी बैंकों के जिला समन्वयकों से बिंदुवार चर्चा की गई। जिले के बैंकों की ओर से सीडी रेशों के बारे में जानकारी दी गई। बैंकों ने अपने ऋणों में बढ़ोतरी का आश्वासन दिया। बैठक में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. मनीष डबास, सुशासन सहयोगी तान्या सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी व बैंकर्स मौजूद रहे।
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