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पंचायतें बनवा सकेंगी गांवों में कोल्ड स्टोरेज व आंगनबाड़ी
Updated Fri, 18 May 2018 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले के करीब दो दर्जन गांवों का अब दीनबंधु ग्रामीण उदय योजना के तहत लीक से हटकर विकास होगा। इसके तहत पांच से सात हजार की आबादी पर गांव में तीन करोड़ तथा 10 हजार की आबादी पर पांच करोड़ रुपये तक का बजट खर्च किया जाएगा। इन गांवों के एस्टीमेट तैयार कर लिए गए हैं। अब जल्द ही बजट के लिए सरकार को भेजा जाएगा। योजना के तहत दूषित पानी की निकासी, जल संरक्षण, शेड निर्माण, यार्ड, पुस्तकालय, बाढ़ बचाव, वाटर शेड, वानिकी विकास, कोल्ड स्टोरेज, कृषि फार्म, हल्ट्री, पेयजल, आंगनबाड़ी निर्माण, मिनी ड्रेन निर्माण, पशुपालन संबंधी विषयों को शामिल किया गया है। इनके अलावा पंचायत गली और सड़क निर्माण को छोड़कर अन्य जरूरत भी इस प्रोजेक्ट में शामिल होंगे। इस योजना में आदर्श गांवों को शामिल नहीं किया गया है।
पंचायत विभाग की ओर से हाल ही में दीनबंधु ग्रामीण उदय योजना के तहत गांवों के विकास के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। अब तक गांवों में गली, सड़क, व्यायामशाला व अन्य छोटे कार्यों के लिए ही बजट जारी हो रहा था। जिले में 24 व्यायामशालाओं के निर्माण को सीएम घोषणा के तहत स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि अब तक ग्राम पंचायतों का तर्क रहा है कि गांवों के विकास के लिए बड़ी बजट राशि नहीं दी जा रही है। इसी कारण अब तक गांवों में हर प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।
पांच हजार की आबादी वाले गांवों का किया चयन
अब राज्य सरकार के पंचायत विभाग ने यह नई प्लान बनाई है। इसके तहत कम से कम पांच हजार की आबादी वाले गांवों को शामिल किया गया है। ताकि जरूरत के अनुसार सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें। प्लान में उन गांवों को शामिल नहीं किया गया, जो आदर्श गांव योजना में शामिल है।
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ये है प्लान
प्लान के तहत कम से कम पांच हजार की आबादी पर एक करोड़ का बजट खर्च होगा। इसी प्रकार से पांच से सात हजार की आबादी पर तीन करोड़ और सात से 10 हजार की आबादी पर पांच करोड़ रुपये का बजट खर्च किए जाने की प्लानिंग है। इसके लिए संबंधित गांवों से नीडफुल रिक्वायरमेेंट मांगी गई हैं।
योजना में ये गांव हैं शामिल
उक्त योजना में काकड़ोली सरदारा, काकड़ोली हुक्मी, नांधा, बेरला, जेवली, मकड़ाना, मौड़ी, घसोला, इमलोटा, चरखी, खेड़ी बूरा, मिसरी सहित करीब दो दर्जन गांवों को शामिल किया गया है। इनमें ज्यादा आबादी वाले गांव बेरला के लिए तीन करोड़ का बजट मिलना है। इनमें कुछ गांवों को एक करोड़ तो कुछ गांवों को तीन करोड़ का बजट मिलना है।
साल 2011 की जनगणना को बनाया आधार
गांवों की आबादी को साल 2011 की जनगणना के आधार पर काउंट किया गया है। आबादी के अनुरूप ही बजट मिलना है।
सरकार के निर्देश पर यह एस्टीमेट तैयार किए गए हैं। एक सप्ताह के दौरान इन एस्टीमेट को सरकार को बजट के लिए भेज दिया जाएगा। आबादी के अनुरूप यह एस्टीमेट तैयार किए गए हैं।
- जेई अजीत सिंह, पंचायत विभाग।
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चरखी दादरी।
जिले के करीब दो दर्जन गांवों का अब दीनबंधु ग्रामीण उदय योजना के तहत लीक से हटकर विकास होगा। इसके तहत पांच से सात हजार की आबादी पर गांव में तीन करोड़ तथा 10 हजार की आबादी पर पांच करोड़ रुपये तक का बजट खर्च किया जाएगा। इन गांवों के एस्टीमेट तैयार कर लिए गए हैं। अब जल्द ही बजट के लिए सरकार को भेजा जाएगा। योजना के तहत दूषित पानी की निकासी, जल संरक्षण, शेड निर्माण, यार्ड, पुस्तकालय, बाढ़ बचाव, वाटर शेड, वानिकी विकास, कोल्ड स्टोरेज, कृषि फार्म, हल्ट्री, पेयजल, आंगनबाड़ी निर्माण, मिनी ड्रेन निर्माण, पशुपालन संबंधी विषयों को शामिल किया गया है। इनके अलावा पंचायत गली और सड़क निर्माण को छोड़कर अन्य जरूरत भी इस प्रोजेक्ट में शामिल होंगे। इस योजना में आदर्श गांवों को शामिल नहीं किया गया है।
पंचायत विभाग की ओर से हाल ही में दीनबंधु ग्रामीण उदय योजना के तहत गांवों के विकास के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। अब तक गांवों में गली, सड़क, व्यायामशाला व अन्य छोटे कार्यों के लिए ही बजट जारी हो रहा था। जिले में 24 व्यायामशालाओं के निर्माण को सीएम घोषणा के तहत स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि अब तक ग्राम पंचायतों का तर्क रहा है कि गांवों के विकास के लिए बड़ी बजट राशि नहीं दी जा रही है। इसी कारण अब तक गांवों में हर प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।
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पांच हजार की आबादी वाले गांवों का किया चयन
अब राज्य सरकार के पंचायत विभाग ने यह नई प्लान बनाई है। इसके तहत कम से कम पांच हजार की आबादी वाले गांवों को शामिल किया गया है। ताकि जरूरत के अनुसार सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें। प्लान में उन गांवों को शामिल नहीं किया गया, जो आदर्श गांव योजना में शामिल है।
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ये है प्लान
प्लान के तहत कम से कम पांच हजार की आबादी पर एक करोड़ का बजट खर्च होगा। इसी प्रकार से पांच से सात हजार की आबादी पर तीन करोड़ और सात से 10 हजार की आबादी पर पांच करोड़ रुपये का बजट खर्च किए जाने की प्लानिंग है। इसके लिए संबंधित गांवों से नीडफुल रिक्वायरमेेंट मांगी गई हैं।
योजना में ये गांव हैं शामिल
उक्त योजना में काकड़ोली सरदारा, काकड़ोली हुक्मी, नांधा, बेरला, जेवली, मकड़ाना, मौड़ी, घसोला, इमलोटा, चरखी, खेड़ी बूरा, मिसरी सहित करीब दो दर्जन गांवों को शामिल किया गया है। इनमें ज्यादा आबादी वाले गांव बेरला के लिए तीन करोड़ का बजट मिलना है। इनमें कुछ गांवों को एक करोड़ तो कुछ गांवों को तीन करोड़ का बजट मिलना है।
साल 2011 की जनगणना को बनाया आधार
गांवों की आबादी को साल 2011 की जनगणना के आधार पर काउंट किया गया है। आबादी के अनुरूप ही बजट मिलना है।
सरकार के निर्देश पर यह एस्टीमेट तैयार किए गए हैं। एक सप्ताह के दौरान इन एस्टीमेट को सरकार को बजट के लिए भेज दिया जाएगा। आबादी के अनुरूप यह एस्टीमेट तैयार किए गए हैं।
- जेई अजीत सिंह, पंचायत विभाग।