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Jhajjar-Bahadurgarh News: 14 माह में यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण के 7487 सत्र लगे

Sun, 10 Nov 2024 03:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2024 03:03 AM IST
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7487 vaccination sessions took place on U-Win portal in 14 months
09jjrp10- झज्जर। सिविल अस्पताल में बच्चे को टीका लगाती स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
झज्जर। समाज में टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां फैली हुई हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन भ्रांतियों को दूर कर लोगों का टीकाकरण कर उनको बीमारियों से निजात दिला रहा है। अब यू-विन पोर्टल के जरिये किसी भी जगह टीकाकरण करवाया जा सकता है। यह टीकाकरण एक ढाल है, जो हमारे शरीर को बीमारियों से बचाता है। स्वास्थ्य विभाग का 0 से 16 साल के बच्चों के अलावा गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण पर ज्यादा फोकस है ताकि शुरू से ही गंभीर बीमारियाें से लड़ने के लिए हर्ड इम्युनिटी बन सके। इसके लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यू-विन पोर्टल के माध्यम से पिछले 14 माह में 7487 टीकाकरण सत्र लगाए गए हैं। टीकाकरण करवाने के लोग यू-विन पोर्टल के माध्यम से टीकाकरण की तिथि और समय अपने अनुसार कर सकते हैं। जिले में यू-विन पोर्टल के माध्यम से माध्यम से 7487 टीकाकरण सत्र लगाए गए है। इसमें 6956 गर्भवती महिलाओं, एक वर्ष तक के बच्चों के 29138, एक वर्ष से बड़े 10004 बच्चों तथा 118 व्यस्कों को ऑनलाइन पोर्टल द्वारा राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान से जोड़ा जा चुका है।
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बचपन के टीके : खसरा, कण्ठमाला, रूबेला, डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस (काली खांसी), काला पीलिया, निमोनिया, दिमागी बुखार, पोलियोमाइलाइटिस, रोटा वायरस दस्त, क्षय रोग (टीबी)।
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व्यस्क टीके : मौसमी फ्लू, टेटनस-डिप्थीरिया-पर्टुसिस (टीडीएपी) टीका, एचपीवी तथा शिंगल्स का टीका।

टीकाकरण के लाभ
चिकित्सकों के अनुसार टीके न केवल उन लोगों की रक्षा करते हैं, जिन्हें टीके लगाए जाते हैं बल्कि उन लोगों की भी रक्षा करते हैं जिन्हें टीका नहीं लगाया जा सकता है जैसे शिशु, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्ति। इस अवधारणा को झुंड प्रतिरक्षा (हर्ड इम्युनिटी) के रूप में जाना जाता है। जब आबादी के एक बड़े प्रतिशत को टीका लगाया जाता है तो यह बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद करता है, जिससे पूरे समुदाय की रक्षा होती है।
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टीकाकरण के बारे में गलत धारणाएं-



गलत धारणा: टीके ऑटिज्म का कारण बनते हैं।

तथ्य : कई अध्ययनों से पता चला है कि टीकों और ऑटिज्म के बीच कोई संबंध नहीं है।

गलत धारणा: प्राकृतिक प्रतिरक्षा, वैक्सीन से प्राप्त प्रतिरक्षा से बेहतर है।
तथ्य- प्राकृतिक प्रतिरक्षा कुछ सुरक्षा प्रदान कर सकती है। वैक्सीन को बीमारी पैदा किए बिना मजबूत और सुरक्षित प्रतिरक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

गलत धारणा: टीकों में हानिकारक तत्व होते हैं।
तथ्य-टीकों की सुरक्षा और प्रभावकारिता के लिए उनका कठोर परीक्षण किया जाता है। टीकों में तत्व इतनी कम मात्रा में मौजूद होते हैं कि वे स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करते।



विश्व भर में 10 नवंबर को टीकाकरण दिवस मनाया जाता है ताकि इस दिन आमजन को ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा सके। हमें टीकाकरण जैसी सुविधाओं का फायदा लेना चाहिए ताकि हम स्वयं और अपने बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन दे सके।
- डॉ. बसंत दुबे, उप सिविल सर्जन, झज्जर
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