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80 बसों के घुमे पहिये,, आज से राजस्थान की बसें जाएंगी चंडीगढ़
Updated Wed, 24 Oct 2018 01:01 AM IST
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चरखी दादरी। कर्मचारियों की हड़ताल के आठवें दिन रोडवेज प्रशासन ने दिल्ली और गुरुग्राम के लिए डिपो से एक-एक बस को रवाना किया। बुधवार से रोहतक तक आने वाली राजस्थान डिपो की बस को चंडीगढ़ तक भेजा जाएगा। इस मामले में चरखी दादरी के अधिकारियों की राजस्थान के अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है। राजस्थान से आने वाली दो बसों का रूट बढ़ाकर चंडीगढ़ तक कर दिया गया है। ये बसें दोपहर 12 बजे से पहले रवाना होंगी। दूसरी तरफ मंगलवार को भी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। चरखी दादरी बस स्टैंड से 80 बसें विभिन्न रूटों पर चलीं।
रोडवेज बसों को अधिकारियों ने उधारी के चालकों से चलवाया। मंगलवार को भी होमगार्ड के 80 , दमकल विभाग के 14, पुलिस विभाग के पांच चालकों सहित हाल ही में भर्ती करीब 10 चालकों ने ड्राइवर और कंडक्टर का कार्यभार संभाला। वहीं, आरटीए विभाग द्वारा भेजे करीब 25 चालकों ने भी अपनी सेवाएं दीं। मंगलवार को दादरी-कनीना, दादरी-बहुझोलरी, दादरी-कोसली, दादरी-बेरी, दादरी-रोहतक, दादरी-भिवानी, दादरी-झज्जर, दादरी-हिसार, दादरी-लोहारू, दादरी-नारनौल आदि लोकल रूटों पर तो बसों के पहिये सही से घूमे लेकिन दिल्ली और गुरुग्राम के लिए महज एक-एक बस ही डिपो से रवाना हुई। हालांकि आठवें दिन भी चंडीगढ़ रूट पर कोई बस नहीं चली। इस रूट के यात्रियों की समस्याओं को देखकर डिपो के अधिकारियों ने राजस्थान से आने वाली बसों के रूट में विस्तार करने की मांग राजस्थान डिपो के अधिकारियों से की। इस पर उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है। जीएम धनराज कुंडू ने बताया कि बुधवार से चंडीगढ़ रूट पर रोडवेज की तो कोई बस नहीं चल पाएगी लेकिन राजस्थान से आने वाली दो बसें रोहतक की बजाय चंडीगढ़ तक जाएंगी।
वर्कशॉप के पांच और कर्मचारी हड़ताल में शामिल
बीते आठ दिनों से रोडवेज कर्मचारी लगातार हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के समर्थन में आ रहे हैं। विभाग के पास इस समय चुनिंदा चालक-परिचालक ही हैं और वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर 34 क्लर्कों सहित करीब 40 होमगार्डों को परिचालक बनाया गया है। मंगलवार को वर्कशॉप के पांच और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल में शामिल होने वाले वर्कशॉप कर्मचारियों में दो हेड मैकेनिक, एक हेड इलेक्ट्रिशियन, एक हेड कारपेंटर शामिल हैं।
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रोडवेज कर्मियों को समर्थन देने पहुंचे अन्य विभागों के कर्मचारी
हड़ताल में शामिल रोडवेज कर्मचारी रोज गार्डन में बैठे हैं। मंगलवार को इन्हें विभिन्न विभागों के कर्मचारी समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर तंज कसे। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार रोडवेज कर्मियों के साथ दमनकारी नीतियां अपना रही है, जिसे कर्मचारी वर्ग किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। प्रदेश सरकार ने अगर जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा और इसके चलते जनता को जो परेशानियां होंगी उनकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की ही होगी।
एक हजार बेरोजगारों के आ चुके हैं आवेदन फार्म
तीन दिनों से तीन माह के अनुबंध पर नए कर्मचारी भर्ती करने के लिए डिपो परिसर में गतिविधियां चल रही है। अब तक एक हजार से ज्यादा आवेदन रोडवेज अधिकारियों के पास पहुंचे हैं जबकि करीब 700 से अधिक बेरोजगार आवेदकों को शर्तें पूरी न करने पर पर लौटा गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो परिचालक की बजाय चालक के अधिक आवेदन पहुंचे हैं और आवेदन जमा कराने का काम सुचारु रूप से चल रहा है।
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रोडवेज बसों को अधिकारियों ने उधारी के चालकों से चलवाया। मंगलवार को भी होमगार्ड के 80 , दमकल विभाग के 14, पुलिस विभाग के पांच चालकों सहित हाल ही में भर्ती करीब 10 चालकों ने ड्राइवर और कंडक्टर का कार्यभार संभाला। वहीं, आरटीए विभाग द्वारा भेजे करीब 25 चालकों ने भी अपनी सेवाएं दीं। मंगलवार को दादरी-कनीना, दादरी-बहुझोलरी, दादरी-कोसली, दादरी-बेरी, दादरी-रोहतक, दादरी-भिवानी, दादरी-झज्जर, दादरी-हिसार, दादरी-लोहारू, दादरी-नारनौल आदि लोकल रूटों पर तो बसों के पहिये सही से घूमे लेकिन दिल्ली और गुरुग्राम के लिए महज एक-एक बस ही डिपो से रवाना हुई। हालांकि आठवें दिन भी चंडीगढ़ रूट पर कोई बस नहीं चली। इस रूट के यात्रियों की समस्याओं को देखकर डिपो के अधिकारियों ने राजस्थान से आने वाली बसों के रूट में विस्तार करने की मांग राजस्थान डिपो के अधिकारियों से की। इस पर उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है। जीएम धनराज कुंडू ने बताया कि बुधवार से चंडीगढ़ रूट पर रोडवेज की तो कोई बस नहीं चल पाएगी लेकिन राजस्थान से आने वाली दो बसें रोहतक की बजाय चंडीगढ़ तक जाएंगी।
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वर्कशॉप के पांच और कर्मचारी हड़ताल में शामिल
बीते आठ दिनों से रोडवेज कर्मचारी लगातार हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के समर्थन में आ रहे हैं। विभाग के पास इस समय चुनिंदा चालक-परिचालक ही हैं और वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर 34 क्लर्कों सहित करीब 40 होमगार्डों को परिचालक बनाया गया है। मंगलवार को वर्कशॉप के पांच और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल में शामिल होने वाले वर्कशॉप कर्मचारियों में दो हेड मैकेनिक, एक हेड इलेक्ट्रिशियन, एक हेड कारपेंटर शामिल हैं।
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रोडवेज कर्मियों को समर्थन देने पहुंचे अन्य विभागों के कर्मचारी
हड़ताल में शामिल रोडवेज कर्मचारी रोज गार्डन में बैठे हैं। मंगलवार को इन्हें विभिन्न विभागों के कर्मचारी समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर तंज कसे। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार रोडवेज कर्मियों के साथ दमनकारी नीतियां अपना रही है, जिसे कर्मचारी वर्ग किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। प्रदेश सरकार ने अगर जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा और इसके चलते जनता को जो परेशानियां होंगी उनकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की ही होगी।
एक हजार बेरोजगारों के आ चुके हैं आवेदन फार्म
तीन दिनों से तीन माह के अनुबंध पर नए कर्मचारी भर्ती करने के लिए डिपो परिसर में गतिविधियां चल रही है। अब तक एक हजार से ज्यादा आवेदन रोडवेज अधिकारियों के पास पहुंचे हैं जबकि करीब 700 से अधिक बेरोजगार आवेदकों को शर्तें पूरी न करने पर पर लौटा गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो परिचालक की बजाय चालक के अधिक आवेदन पहुंचे हैं और आवेदन जमा कराने का काम सुचारु रूप से चल रहा है।