फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   स्वास्थ्य कर्मियों की अनदेखी से दर्द से तड़पती रही गर्भवती

स्वास्थ्य कर्मियों की अनदेखी से दर्द से तड़पती रही गर्भवती

Sat, 07 Apr 2018 01:36 AM IST
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:36 AM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य कर्मियों की अनदेखी से दर्द से तड़पती रही गर्भवती
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बहादुरगढ़।
सरकारी अस्पतालों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों को गर्भवती की पीड़ा भी नजर नहीं आती। वीरवार की रात को भी यहां एक गर्भवती दर्द से छटपटाती रही। स्वास्थ्य कर्मियों ने उपचार के बजाय उसे वापस लौटने को कह दिया। बाद में अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया तो औपचारिकता के तौर पर कुछ देर के लिए भर्ती करा गर्भवती को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
मूलत: बिहार का निवासी संतोष कुमार बीते 10 वर्षों से बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर में रहता है। वह यहां एक निजी कंपनी में काम करके अपने परिवार का पोषण कर रहा है। उसकी पत्नी इंदू गर्भवती है, जिसका इलाज बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। पीड़ा होने पर बुधवार की रात को इंदू को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वीरवार की सुबह इंदू के यूरीन टेस्ट करने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। शाम को रिपोर्ट लेने के लिए कहा गया। वीरवार की शाम को फिर से इंदू की पीड़ा बढ़ गई। इसलिए परिजन उसे अस्पताल में लेकर आए। यहां इंदू को एक बार तो स्वास्थ्य कर्मियों ने देखा, मगर इसके बाद रुचि नहीं ली। प्रेग्नेंसी वार्ड के बाहर करीब आधे घंटे तक इंदू दर्द से छटपटाती रही। पति संतोष के मुताबिक, उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से इंदू को एडमिट करने के लिए कहा, मगर उन्होंने इंकार कर दिया। स्टाफ नर्स का व्यवहार भी ठीक नहीं था।
विज्ञापन

भर्ती करने के बाद किया रेफर, पीजीआई में हुआ बेटा
गर्भवती के साथ आए परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों से मिन्नतें कीं, मगर किसी को भी गर्भवती की पीड़ा नजर नहीं आई। बाद में जब अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया तो उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। कुछ देर भर्ती करने के बाद उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। वहां इंदू ने शुक्रवार की सुबह बेटे को जन्म दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य मंत्री को करेंगे शिकायत
समाजसेवी बुल्लड़ पहलवान ने कहा कि उन्होंने जब मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से बात की तो वे एक-दूसरे पर बात डालने लगे। यदि थोड़ी देर और न संभाला जाता तो समस्या बढ़ी बन जाती। ऐेसे केसों में तो स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत सेवाएं शुरू करनी चाहिए। वह इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को लिखित में शिकायत करेंगे।

अस्पताल प्रबंधन की सफाई
उधर, स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि उन्होंने गलत व्यवहार नहीं किया। वे तो गर्भवती को भर्ती कर रहे थे। मगर उसके परिजन भर्ती नहीं करा रहे थे। बार-बार मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इस बारे में जब लेबर रूम की इंचार्ज डॉ. सविरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकती। अस्पताल में रिकार्ड देखकर कुछ कहा जा सकता है। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र अहलावत ने कहा कि रात को मामला संज्ञान में आते ही गर्भवती को भर्ती कर लिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed