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अवैध कालोनी में प्लाट देने के नाम पर दंपति ने तीन लोगों से 25.35 लाख रुपये ठगे

Fri, 28 Aug 2020 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 01:15 AM IST
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25 lacs rupees froud for plot selling.
बहादुरगढ़। लाइनपार क्षेत्र के रामा कृष्ण नगर में प्लॉट देने के नाम पर तीन लोगों से 25.35 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। धोखाधड़ी करके राशि ठगने का आरोप परनाला निवासी दंपती पर है। पीड़ित व्यक्तियों ने इसकी शिकायत थाना लाइनपार पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी की अनेक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है, अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
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हिसार के खांडा खेड़ी निवासी जगदीश ने बताया कि उसने परनाला निवासी मंजीत से लाइनपार के रामा कृष्णा नगर में ऑक्सफोर्ड स्कूल के पीछे 150 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था। प्लॉट दिखाते समय मंजीत ने बताया था कि यह जमीन उसने अग्रवाल कॉलोनी निवासी नरेंद्र अग्रवाल से खरीद रखी है। नरेंद्र अग्रवाल से जमीन खरीदने का फुल पेमेंट एग्रीमेंट दिखाते हुए उसने इकरारनामे की फोटो प्रति भी दी। मंजीत ने उस समय बताया था कि वह इस जमीन का पूर्ण रूप से मालिक है। इस पर उसने मंजीत को 9 मई 2012 को 150 वर्ग गज प्लॉट की पूरी कीमत 10 लाख 35 हजार गवाहों के सामने अदा कर दी थी। मंजीत ने तहसील कार्यालय में जाकर मेरे नाम स्टांप पेपर पर इसका इकरारनामा भी बनवाया था और फुल पेमेंट की रसीद भी दी थी। साथ ही कहा था फिलहाल रजिस्ट्री बंद हैं और रजिस्ट्री खुलने पर इस प्लॉट की रजिस्ट्री भी करवा दूंगा। उसके बाद मैंने अपने जानकर गांव बामनौली निवासी संदीप और छारा निवासी मोहित दलाल को प्लाट खरीदने बारे बताया। इस पर संदीप और मोहित ने भी मौके पर जमीन देखकर प्लाट खरीदने की इच्छा की। मैंने इन दोनों को मंजीत से मिलवाया। फुल पेमेंट का इकरारनामा करते हुए संदीप ने 28 जनवरी 2013 को आठ लाख और 18 अक्टूबर 2013 को मोहित ने सात लाख रुपये में 100-100 वर्ग गज के प्लाट खरीद लिए। प्लॉट लेने के बाद हम तीनों ने यहां नींव भी भर दी थी। काफी दिन बाद जब हमने मंजीत को प्लॉटों की रजिस्ट्री कराने की बात कही तो वह इस बात को जान-बूझकर टालता रहा। इसके बाद कुछ और लोगों ने रजिस्ट्री दिखाकर हमारे प्लॉटों पर कब्जा ले लिया। जब हमने छानबीन की तो पता चला कि 30 सितंबर 2019 को मंजीत ने नरेंद्र अग्रवाल से यह पूरी जमीन अपनी पत्नी निर्मला देवी के नाम 23 अगस्त 2013 को ही करा दी थी। ऐसे में मंजीत और उसकी पत्नी निर्मला ने हमें जान-बूझकर ठगने का काम किया है। मंजीत ने निर्मला के साथ मिलकर टुकड़ों में वह जमीन अन्य लोगों को बेच दी है। तीनों पीड़ितों ने पुलिस को शिकायत देकर मंजीत और निर्मला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर लाइनपार थाना पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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