{"_id":"5ab40ad14f1c1b094a8b6c12","slug":"21521748689-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पात्र यात्रियों को मुफ्त-रियायती सुविधा नहीं दी तो बस की पासिंग नहीं होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पात्र यात्रियों को मुफ्त-रियायती सुविधा नहीं दी तो बस की पासिंग नहीं होगी
Updated Fri, 23 Mar 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
सरकारी आदेशों की पालना न करने वाले निजी बस संचालकों की अब खैर नहीं। यदि संचालक अपनी बसों पर मुफ्त और रियायती सुविधाएं नहीं लिखवाते हैं तो प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण उनकी बसों की पासिंग नहीं करेगा। वीरवार को भी 3 बसों की पासिंग रोक दी गई। उधर, जिन कुछ एक बसों पर इश्तहार लगाकर औपचारिकता निभाई जा रही है, उनकी भी प्राधिकरण जांच करेगा।
ये है मामला
दरअसल, परिवहन नीति-2016 के तहत जिन निजी एवं सहकारी समिति की बसों को परमिट दिए गए हैं, उनमें रोडवेज बसों के समान यात्रियों को सुविधाएं देने का नियम है। नियमों के हिसाब से 30 श्रेणी के यात्रियों को बसों में नि:शुल्क यात्रा और 10 श्रेणी के यात्रियों को रियायत देने का प्रावधान है। निजी बस संचालक इन नियमों का पालन नहीं कर रहे थे तो प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने निजी बस संचालकों को तमाम मुफ्त और रियायती सुविधाएं बसों पर लिखने के नोटिस जारी कर दिए। 12 मार्च तक निजी बस मालिकों को अपनी बसों पर ये सुविधाएं लिखवानी थीं। मगर नोटिस मिलने के बावजूद बस मालिकों ने दिलचस्पी नहीं ली।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा
निजी बस संचालकों द्वारा सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने का यह मामला अमर उजाला ने उठाया। गत 16 मार्च को अमर उजाला में खबर छपने के बाद निजी बस संचालकों में हड़कंप मचा। अधिकारियों की सख्ती हुई तो इसी दिन पांच निजी बसों पर सुविधाएं लिखवा दी गईं। इसके बाद अन्य मालिकों ने भी अपनी बसों पर सुविधा लिखवा दी। बहादुरगढ़ डिपो से करीब 30 निजी बसें निकलती हैं। मगर इनमें से आधे से अधिक बसों में अभी भी सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
विज्ञापन
नहीं की पासिंग
सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अब प्राधिकरण ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जिन बसों पर ये सुविधाएं नहीं लिखी होगी, प्राधिकरण उस बस का चालान तो करेगा ही पासिंग भी नहीं करेगा। वीरवार को पासिंग के लिए आई 3 बसों को अधिकारियों ने हिदायत देकर वापस लौटा दिया।
औपचारिकता भी की जा रही
फिलहाल डिपो से निकलने वाली लगभग 10 बसों पर ही पीले रंग पर काले अक्षरों में मुफ्त और रियायती सुविधाएं दिखाई दे रही हैं। दरअसल, आदेशों के मुताबिक ये सुविधाएं पीला पेंट करके काले पेंट से लिखी जानी थी। मगर बस मालिकों ने महज फ्लैक्स के इश्तहार लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी। रोडवेज कर्मी अमित ने कहा कि पात्रों को सुविधा न देने के लिए यह कच्चा काम किया जा रहा है। कुछ दिनों बाद इन्हें हटा दिया जाएगा, जिससे फिर से इन बसों में वही हालात हो जाएंगे।
अधिकारी बोले
निजी बस मालिकों को पात्र यात्रियों को सुविधा देनी होगी। यदि वे सुविधाएं नहीं देते या फिर नहीं लिखवाते हैं तो गाड़ी पास नहीं की जाएगी। फिलहाल हिदायत देकर 3 गाड़ी की पासिंग रोकी गई है। यदि अब भी आदेशों की पालना नहीं करते हैं तो परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। सुविधाएं पेंट से बसों पर लिखवानी है। जिन बसों पर महज इश्तहार लगाकर औपचारिकता निभाई जा रही है, उनकी भी चेकिंग की जाएगी।
- जसबीर सिंह, ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर, बहादुरगढ़।
विज्ञापन
बहादुरगढ़।
सरकारी आदेशों की पालना न करने वाले निजी बस संचालकों की अब खैर नहीं। यदि संचालक अपनी बसों पर मुफ्त और रियायती सुविधाएं नहीं लिखवाते हैं तो प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण उनकी बसों की पासिंग नहीं करेगा। वीरवार को भी 3 बसों की पासिंग रोक दी गई। उधर, जिन कुछ एक बसों पर इश्तहार लगाकर औपचारिकता निभाई जा रही है, उनकी भी प्राधिकरण जांच करेगा।
ये है मामला
दरअसल, परिवहन नीति-2016 के तहत जिन निजी एवं सहकारी समिति की बसों को परमिट दिए गए हैं, उनमें रोडवेज बसों के समान यात्रियों को सुविधाएं देने का नियम है। नियमों के हिसाब से 30 श्रेणी के यात्रियों को बसों में नि:शुल्क यात्रा और 10 श्रेणी के यात्रियों को रियायत देने का प्रावधान है। निजी बस संचालक इन नियमों का पालन नहीं कर रहे थे तो प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने निजी बस संचालकों को तमाम मुफ्त और रियायती सुविधाएं बसों पर लिखने के नोटिस जारी कर दिए। 12 मार्च तक निजी बस मालिकों को अपनी बसों पर ये सुविधाएं लिखवानी थीं। मगर नोटिस मिलने के बावजूद बस मालिकों ने दिलचस्पी नहीं ली।
विज्ञापन
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा
निजी बस संचालकों द्वारा सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने का यह मामला अमर उजाला ने उठाया। गत 16 मार्च को अमर उजाला में खबर छपने के बाद निजी बस संचालकों में हड़कंप मचा। अधिकारियों की सख्ती हुई तो इसी दिन पांच निजी बसों पर सुविधाएं लिखवा दी गईं। इसके बाद अन्य मालिकों ने भी अपनी बसों पर सुविधा लिखवा दी। बहादुरगढ़ डिपो से करीब 30 निजी बसें निकलती हैं। मगर इनमें से आधे से अधिक बसों में अभी भी सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
विज्ञापन
नहीं की पासिंग
सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अब प्राधिकरण ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जिन बसों पर ये सुविधाएं नहीं लिखी होगी, प्राधिकरण उस बस का चालान तो करेगा ही पासिंग भी नहीं करेगा। वीरवार को पासिंग के लिए आई 3 बसों को अधिकारियों ने हिदायत देकर वापस लौटा दिया।
औपचारिकता भी की जा रही
फिलहाल डिपो से निकलने वाली लगभग 10 बसों पर ही पीले रंग पर काले अक्षरों में मुफ्त और रियायती सुविधाएं दिखाई दे रही हैं। दरअसल, आदेशों के मुताबिक ये सुविधाएं पीला पेंट करके काले पेंट से लिखी जानी थी। मगर बस मालिकों ने महज फ्लैक्स के इश्तहार लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी। रोडवेज कर्मी अमित ने कहा कि पात्रों को सुविधा न देने के लिए यह कच्चा काम किया जा रहा है। कुछ दिनों बाद इन्हें हटा दिया जाएगा, जिससे फिर से इन बसों में वही हालात हो जाएंगे।
अधिकारी बोले
निजी बस मालिकों को पात्र यात्रियों को सुविधा देनी होगी। यदि वे सुविधाएं नहीं देते या फिर नहीं लिखवाते हैं तो गाड़ी पास नहीं की जाएगी। फिलहाल हिदायत देकर 3 गाड़ी की पासिंग रोकी गई है। यदि अब भी आदेशों की पालना नहीं करते हैं तो परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। सुविधाएं पेंट से बसों पर लिखवानी है। जिन बसों पर महज इश्तहार लगाकर औपचारिकता निभाई जा रही है, उनकी भी चेकिंग की जाएगी।
- जसबीर सिंह, ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर, बहादुरगढ़।