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डीसी की मंजूरी नहीं मिलने से अटका साढ़े तीन करोड़ का शहरी विकास
Updated Wed, 25 Apr 2018 12:49 AM IST
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डीसी की मंजूरी नहीं मिलने से अटका साढ़े तीन करोड़ का शहरी विकास
चरखी दादरी। सीएम द्वारा द्वारा करीब डेढ़ साल पहले की गई पांच करोड़ के शहरी विकास की घोषणा अब तक पूरी नहीं हो पाई है। करीब डेढ़ करोड़ के चार प्रोजेक्टों की तो टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ चुकी है लेकिन साढ़े तीन करोड़ के आठ प्रोजेक्ट डीसी की अनुमति न मिलने से अभी अटके हैं। इन प्रोजेक्ट की टेंडर कॉल करने पर रेट अनुमानित से ऊपर गए थे। इसके बाद विकास कार्यों के टेंडर अलॉटमेंट के लिए नगर परिषद ने करीब एक माह पहले डीसी को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए पत्र लिखा था जिस पर मंजूरी नहीं मिली है। जिसके कारण शहर के पांच वार्डों सहित दो मुख्यमार्गों के सौंदर्यकरण व निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है।
उल्लेखनीय है कि नई अनाज मंडी में 18 सितंबर 2016 को सीएम मनोहर लाल ने नगर परिषद को शहर के विकास के लिए पांच करोड़ देने की घोषणा की थी। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने इस राशि को 12 प्रोजेक्टों पर खर्च करने की प्लानिंग तैयार कर सरकार को भेजी थी। इसके बाद करीब दस माह तक यह फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी रही। करीब दो माह पहले ही सरकार की तरफ से नगर परिषद को बजट राशि जारी की गई। इसके बाद नगर परिषद ने इनकी टेंडर कॉल की थी। इस प्रक्रिया में चार प्रोजेक्ट तो सिरे चढ़ गए लेकिन आठ के टेंडर रेट अनुमानित से थोड़े ज्यादा आए। इसके चलते इनकी टेंडर प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई। जिन चार प्रोजेक्टों के टेंडर अलॉट किए गए हैं उन पर करीब डेढ़ करोड़ की लागत आएगी और इनमें से दो पर काम भी शुरू हो चुका है जबकि बाकी बचे दो प्रोजेक्टों पर भी जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा जो साढ़े तीन करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट टेंडर प्रक्रिया में सिरे नहीं चढ़ पाए थे उनकी रिपोर्ट नप अधिकारियों ने जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर को भेज दी थी। यह रिपोर्ट भेजे करीब एक माह का समय बीत चुका है लेकिन अब तक मंजूरी न मिलने से विकास कार्यों की प्लानिंग सिरे नहीं चढ़ पा रही है। जिसकी वजह से वार्ड एक, दो, 17, 18 व 21 में प्रस्तावित विकास कार्यों का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जिला उपायुक्त इस संबंध में जल्द ही नगर परिषद अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे और इसके बाद ही प्रोजेक्टों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
ये प्रोजेक्ट अटके-
वार्ड दो में करीब 40 लाख के विकास कार्य
वार्ड 18 में 48 लाख से 12 गलियों का निर्माण
वार्ड 21 में 39 लाख से सात गलियों का निर्माण
बस स्टैंड रोड व लाजपतराय चौक के समीप सौंदर्यकरण
रोज गार्डन से परशुराम चौक तक सड़क के दोनों ओर इंटर लॉकिंग टाइलें लगवाना
आंबेडकर चौक से लेकर लाला लाजपतराय चौक तक भी टाइलें बिछावाना
जर्जर गांधी नगर सड़क से राहगीर परेशान
सीएम घोषणा के अनुसार ही गांधी नगर से ढाणी फाटक को जाने वाली शहर की प्रमुख सड़क का निर्माण कार्य भी किया जाना है। इस पर करीब 40 लाख की लागत आएगी। यह सड़क पिछले करीब सात सालों से कंडम हाल में है लेकिन अब तक इसे दुरुस्त नहीं कराया गया है। इस सड़क से प्रतिदिन दो हजार स्कूली बच्चों सहित पांच से सात हजार लोग गुजरते हैं।
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सीएम घोषणाओं को पूरी कराने पर प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है। जल्द से जल्द शहरी विकास की बची हुई सीएम घोषणाओं को पूरा करवा दिया जाएगा।
- अजय सिंह तोमर, डीसी
प्रशासनिक स्वीकृति के लिए डीसी साहब के पास फाइल हमने भेज रखी है। जल्द से जल्द हम सीएम घोषणाओं को पूरा करवा देंगे। कुछ प्रोजेक्टों पर हमने धरातल पर काम शुरू करा दिया है।
- संजय यादव, सचिव नगर परिषद
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चरखी दादरी। सीएम द्वारा द्वारा करीब डेढ़ साल पहले की गई पांच करोड़ के शहरी विकास की घोषणा अब तक पूरी नहीं हो पाई है। करीब डेढ़ करोड़ के चार प्रोजेक्टों की तो टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ चुकी है लेकिन साढ़े तीन करोड़ के आठ प्रोजेक्ट डीसी की अनुमति न मिलने से अभी अटके हैं। इन प्रोजेक्ट की टेंडर कॉल करने पर रेट अनुमानित से ऊपर गए थे। इसके बाद विकास कार्यों के टेंडर अलॉटमेंट के लिए नगर परिषद ने करीब एक माह पहले डीसी को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए पत्र लिखा था जिस पर मंजूरी नहीं मिली है। जिसके कारण शहर के पांच वार्डों सहित दो मुख्यमार्गों के सौंदर्यकरण व निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है।
उल्लेखनीय है कि नई अनाज मंडी में 18 सितंबर 2016 को सीएम मनोहर लाल ने नगर परिषद को शहर के विकास के लिए पांच करोड़ देने की घोषणा की थी। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने इस राशि को 12 प्रोजेक्टों पर खर्च करने की प्लानिंग तैयार कर सरकार को भेजी थी। इसके बाद करीब दस माह तक यह फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी रही। करीब दो माह पहले ही सरकार की तरफ से नगर परिषद को बजट राशि जारी की गई। इसके बाद नगर परिषद ने इनकी टेंडर कॉल की थी। इस प्रक्रिया में चार प्रोजेक्ट तो सिरे चढ़ गए लेकिन आठ के टेंडर रेट अनुमानित से थोड़े ज्यादा आए। इसके चलते इनकी टेंडर प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई। जिन चार प्रोजेक्टों के टेंडर अलॉट किए गए हैं उन पर करीब डेढ़ करोड़ की लागत आएगी और इनमें से दो पर काम भी शुरू हो चुका है जबकि बाकी बचे दो प्रोजेक्टों पर भी जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा जो साढ़े तीन करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट टेंडर प्रक्रिया में सिरे नहीं चढ़ पाए थे उनकी रिपोर्ट नप अधिकारियों ने जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर को भेज दी थी। यह रिपोर्ट भेजे करीब एक माह का समय बीत चुका है लेकिन अब तक मंजूरी न मिलने से विकास कार्यों की प्लानिंग सिरे नहीं चढ़ पा रही है। जिसकी वजह से वार्ड एक, दो, 17, 18 व 21 में प्रस्तावित विकास कार्यों का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जिला उपायुक्त इस संबंध में जल्द ही नगर परिषद अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे और इसके बाद ही प्रोजेक्टों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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ये प्रोजेक्ट अटके-
वार्ड दो में करीब 40 लाख के विकास कार्य
वार्ड 18 में 48 लाख से 12 गलियों का निर्माण
वार्ड 21 में 39 लाख से सात गलियों का निर्माण
बस स्टैंड रोड व लाजपतराय चौक के समीप सौंदर्यकरण
रोज गार्डन से परशुराम चौक तक सड़क के दोनों ओर इंटर लॉकिंग टाइलें लगवाना
आंबेडकर चौक से लेकर लाला लाजपतराय चौक तक भी टाइलें बिछावाना
जर्जर गांधी नगर सड़क से राहगीर परेशान
सीएम घोषणा के अनुसार ही गांधी नगर से ढाणी फाटक को जाने वाली शहर की प्रमुख सड़क का निर्माण कार्य भी किया जाना है। इस पर करीब 40 लाख की लागत आएगी। यह सड़क पिछले करीब सात सालों से कंडम हाल में है लेकिन अब तक इसे दुरुस्त नहीं कराया गया है। इस सड़क से प्रतिदिन दो हजार स्कूली बच्चों सहित पांच से सात हजार लोग गुजरते हैं।
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सीएम घोषणाओं को पूरी कराने पर प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है। जल्द से जल्द शहरी विकास की बची हुई सीएम घोषणाओं को पूरा करवा दिया जाएगा।
- अजय सिंह तोमर, डीसी
प्रशासनिक स्वीकृति के लिए डीसी साहब के पास फाइल हमने भेज रखी है। जल्द से जल्द हम सीएम घोषणाओं को पूरा करवा देंगे। कुछ प्रोजेक्टों पर हमने धरातल पर काम शुरू करा दिया है।
- संजय यादव, सचिव नगर परिषद