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बफिजली जरनेटर न होने व लंबे पावर कट होने से पेयजल आपूर्ति पटरी से उतरी
Updated Fri, 10 Nov 2017 02:46 AM IST
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लंबे पावर कट होने से पेयजल आपूर्ति बाधित
चरखी दादरी।
बूस्टिंग और जलघरों में बिजली जनरेटर सिस्टम न होने और रोजाना चार से पांच घंटे के कट लगने से पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। हालांकि विभाग रोजाना 17 घंटे पानी सप्लाई की बात कर रहा है लेकिन पावर कटों से सप्लाई नियमित नहीं हो पा रही है। इस समय नहरों में भी पानी की कमी नहीं है।
जनस्वास्थ्य विभाग सुबह पांच बजे पानी की आपूर्ति शुरू कर देता है, लेकिन बिजली की नियमित आपूर्ति न होने से पानी की नियमित आपूर्ति चरमरा गई है। पिछले 10 रोज से नहरी पानी की कोई कमी भी नहीं है फिर पानी की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों के अनुसार जब कालोनी में पानी की आपूर्ति होती है तो उस समय पावर कट लग जाता है। जिससे पानी का यह संकट सही व्यवस्था के अभाव में बढ़ रहा है।
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शहर के जलघरों में नहीं पानी की कमी
जलघरों में इस समय पानी की कोई कमी नहीं है। चंपापुरी व रामनगर दोनों ही जलघर पानी से लबालब हैं। फिर भी घिकाड़ा रोड व रोहतक के साथ लगते एरिया और रेलवे लाइन के साथ लगती कॉलोनी में भी पानी का संकट है। इसी प्रकार शहर की प्रेमनगर कॉलोनी में भी बिजली कटों की वजह से पानी का संकट रहता है।
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मेेन बूस्टिंग स्टेशनों पर हो जरनेटर व्यवस्था
शहर के मेन बूस्टिंग स्टेशनों पर बिजली की नियमित आपूर्ति पर भी ध्यान देने की जरूरत है। यहां भी छोटे स्तर के जरनेटर लगाने की जरूरत है ताकि कॉलोनियों में रोजाना पानी की आपूर्ति होती रहे। शहर में इस समय नौ बूस्टिंग स्टेशन हैं जिनके जरिए पूरे शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है। पुराने बूस्टिंग स्टेशनों को आधुनिक तकनीक से अपडेट करने की भी जरूरत है। कई बूस्टिंग कंडम हो चुके हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इन पुराने बूस्टिंग का प्रेशर लंबा समय बीत जाने पर कम हो गया है। बिजली मोटरों की क्षमता कम हो गई है।
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वर्सन-
विभाग का रोजाना 17 घंटे पानी की सप्लाई का शेड्यूल है। जलघरों में पानी की कमी नहीं है। बिजली कटों से आपूर्ति में थोड़ा व्यवधान आने पर अतिरिक्त पानी सप्लाई कर इस कमी को पूरा कर दिया जाता है।
जेई समुद्र सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग
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चरखी दादरी।
बूस्टिंग और जलघरों में बिजली जनरेटर सिस्टम न होने और रोजाना चार से पांच घंटे के कट लगने से पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। हालांकि विभाग रोजाना 17 घंटे पानी सप्लाई की बात कर रहा है लेकिन पावर कटों से सप्लाई नियमित नहीं हो पा रही है। इस समय नहरों में भी पानी की कमी नहीं है।
जनस्वास्थ्य विभाग सुबह पांच बजे पानी की आपूर्ति शुरू कर देता है, लेकिन बिजली की नियमित आपूर्ति न होने से पानी की नियमित आपूर्ति चरमरा गई है। पिछले 10 रोज से नहरी पानी की कोई कमी भी नहीं है फिर पानी की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों के अनुसार जब कालोनी में पानी की आपूर्ति होती है तो उस समय पावर कट लग जाता है। जिससे पानी का यह संकट सही व्यवस्था के अभाव में बढ़ रहा है।
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शहर के जलघरों में नहीं पानी की कमी
जलघरों में इस समय पानी की कोई कमी नहीं है। चंपापुरी व रामनगर दोनों ही जलघर पानी से लबालब हैं। फिर भी घिकाड़ा रोड व रोहतक के साथ लगते एरिया और रेलवे लाइन के साथ लगती कॉलोनी में भी पानी का संकट है। इसी प्रकार शहर की प्रेमनगर कॉलोनी में भी बिजली कटों की वजह से पानी का संकट रहता है।
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मेेन बूस्टिंग स्टेशनों पर हो जरनेटर व्यवस्था
शहर के मेन बूस्टिंग स्टेशनों पर बिजली की नियमित आपूर्ति पर भी ध्यान देने की जरूरत है। यहां भी छोटे स्तर के जरनेटर लगाने की जरूरत है ताकि कॉलोनियों में रोजाना पानी की आपूर्ति होती रहे। शहर में इस समय नौ बूस्टिंग स्टेशन हैं जिनके जरिए पूरे शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है। पुराने बूस्टिंग स्टेशनों को आधुनिक तकनीक से अपडेट करने की भी जरूरत है। कई बूस्टिंग कंडम हो चुके हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इन पुराने बूस्टिंग का प्रेशर लंबा समय बीत जाने पर कम हो गया है। बिजली मोटरों की क्षमता कम हो गई है।
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वर्सन-
विभाग का रोजाना 17 घंटे पानी की सप्लाई का शेड्यूल है। जलघरों में पानी की कमी नहीं है। बिजली कटों से आपूर्ति में थोड़ा व्यवधान आने पर अतिरिक्त पानी सप्लाई कर इस कमी को पूरा कर दिया जाता है।
जेई समुद्र सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग