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पहले अतिक्रमण के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया, फिर मान गए शर्तें
Updated Fri, 14 Jul 2017 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
रेलवे रोड पर अतिक्रमण को लेकर बुधवार को शुरू हुए विवाद ने बृहस्पतिवार को उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब अधिकारियों की मीटिंग में रेहड़ी वाले और दुकानदार आपस में उलझ गए। इन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को अतिक्रमण का जिम्मेदार ठहराया। बाद में अधिकारियों एवं बाजार सुधार समिति के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। कई शर्तों के मानने के बाद दुकानदार व रेहड़ी वाले अपनी-अपनी सीमा पर सामान लगाने पर सहमत हो गए।
बृहस्पतिवार को रेहड़ी वालों, दुकानदारों, नप अधिकारियों व बाजार सुधार समिति की एक बैठक स्थानीय विश्राम गृह में हुई। बैठक में रेलवे रोड व नाहरा-नाहरी रोड को अतिक्रमण मुक्त बनाने पर मंथन हुआ। बैठक में एक बार तो रेहड़ी वाले और दुकानदार ही आमने-सामने हो गए। दुकानदारों ने रेहड़ी वालों को अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस पर रेहड़ी वाले छोटे दुकानदारों ने भी बड़े दुकानदारों पर अपने निजी स्वार्थ में रेहड़ी लगवाने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों में जोरदार हंगामा हुआ। विवाद बढ़ने पर अधिकारियों ने पुलिस को दी शिकायत को वापस लेने से इंकार कर दिया। मगर कुछ अधिकारियों व बाजार सुधार समिति के प्रयासों से मामला शांत हो गया। विचार विमर्श के बाद बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए जिन पर रेहड़ी वालों और दुकानदारों ने सहमति जता दी।
अधिकारियों की हिदायत
बैठक में नप अधिकारियों ने रेहड़ी वालों को ग्रिल के साथ लाइन में रेहड़ी लगाने व दुकानदारों को अपना सामान दुकानों के अंदर रखने की हिदायत दी। अधिकारियों ने चेताया कि अगर कोई रेहड़ी वाला या दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। अधिकारियों ने कहा कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए हम सभी सहयोग देना चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए रेहड़ी वाले ग्रिल के साथ लाइन में रेहड़ी लगाए ताकि रेलवे रोड पर जाम की समस्या उत्पन्न न हो जबकि दुकानदार भी अपना सामान दुकान से बाहर न रखें। अधिकारियों ने कहा कि 41अक्सर रेहड़ी वाले सड़क पर काफी दूर तक फैल जाते हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। वे अपनी रेहड़ियों को तय सीमा में लगाए और नियमों की अवहेलना न करे। यदि ऐसा होता है तो कार्यवाही होगी। बैठक में नगर परिषद के एमई ओमदत्त, बीआई विवेक, प्रवीन जांगड़ा, रोहित गुलियानी, धीरज बतरा, रमन शर्मा व आरएसओ सत्येंद्र आदि भी उपस्थित रहे।
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शिकायत वापस पर सहमति
गौरलतब है कि रेलवे रोड अतिक्रमण का शिकार है। यहां रेहड़ी वालों और दुकानदारों द्वारा सड़कों पर कब्जे किए गए हैं। व्यवस्था बिगड़ती देख बुधवार को नगर परिषद के अधिकारियों ने रेलवे रोड पर कार्यवाही की। कई दुकानदारों एवं रेहड़ी वालों के चालान किए। दुकानदारों के विरोध करने एवं गलत व्यवहार करने पर अधिकारियों ने सिटी थाने में शिकायत दे दी थी। मगर बृहस्पतिवार को हुई मीटिंग में सहमति के बाद एमआई ओमदत्त ने अपनी शिकायत वापस लेने का आश्वासन दुकानदारों को दिया।
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बहादुरगढ़।
रेलवे रोड पर अतिक्रमण को लेकर बुधवार को शुरू हुए विवाद ने बृहस्पतिवार को उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब अधिकारियों की मीटिंग में रेहड़ी वाले और दुकानदार आपस में उलझ गए। इन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को अतिक्रमण का जिम्मेदार ठहराया। बाद में अधिकारियों एवं बाजार सुधार समिति के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। कई शर्तों के मानने के बाद दुकानदार व रेहड़ी वाले अपनी-अपनी सीमा पर सामान लगाने पर सहमत हो गए।
बृहस्पतिवार को रेहड़ी वालों, दुकानदारों, नप अधिकारियों व बाजार सुधार समिति की एक बैठक स्थानीय विश्राम गृह में हुई। बैठक में रेलवे रोड व नाहरा-नाहरी रोड को अतिक्रमण मुक्त बनाने पर मंथन हुआ। बैठक में एक बार तो रेहड़ी वाले और दुकानदार ही आमने-सामने हो गए। दुकानदारों ने रेहड़ी वालों को अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस पर रेहड़ी वाले छोटे दुकानदारों ने भी बड़े दुकानदारों पर अपने निजी स्वार्थ में रेहड़ी लगवाने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों में जोरदार हंगामा हुआ। विवाद बढ़ने पर अधिकारियों ने पुलिस को दी शिकायत को वापस लेने से इंकार कर दिया। मगर कुछ अधिकारियों व बाजार सुधार समिति के प्रयासों से मामला शांत हो गया। विचार विमर्श के बाद बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए जिन पर रेहड़ी वालों और दुकानदारों ने सहमति जता दी।
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अधिकारियों की हिदायत
बैठक में नप अधिकारियों ने रेहड़ी वालों को ग्रिल के साथ लाइन में रेहड़ी लगाने व दुकानदारों को अपना सामान दुकानों के अंदर रखने की हिदायत दी। अधिकारियों ने चेताया कि अगर कोई रेहड़ी वाला या दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। अधिकारियों ने कहा कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए हम सभी सहयोग देना चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए रेहड़ी वाले ग्रिल के साथ लाइन में रेहड़ी लगाए ताकि रेलवे रोड पर जाम की समस्या उत्पन्न न हो जबकि दुकानदार भी अपना सामान दुकान से बाहर न रखें। अधिकारियों ने कहा कि 41अक्सर रेहड़ी वाले सड़क पर काफी दूर तक फैल जाते हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। वे अपनी रेहड़ियों को तय सीमा में लगाए और नियमों की अवहेलना न करे। यदि ऐसा होता है तो कार्यवाही होगी। बैठक में नगर परिषद के एमई ओमदत्त, बीआई विवेक, प्रवीन जांगड़ा, रोहित गुलियानी, धीरज बतरा, रमन शर्मा व आरएसओ सत्येंद्र आदि भी उपस्थित रहे।
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शिकायत वापस पर सहमति
गौरलतब है कि रेलवे रोड अतिक्रमण का शिकार है। यहां रेहड़ी वालों और दुकानदारों द्वारा सड़कों पर कब्जे किए गए हैं। व्यवस्था बिगड़ती देख बुधवार को नगर परिषद के अधिकारियों ने रेलवे रोड पर कार्यवाही की। कई दुकानदारों एवं रेहड़ी वालों के चालान किए। दुकानदारों के विरोध करने एवं गलत व्यवहार करने पर अधिकारियों ने सिटी थाने में शिकायत दे दी थी। मगर बृहस्पतिवार को हुई मीटिंग में सहमति के बाद एमआई ओमदत्त ने अपनी शिकायत वापस लेने का आश्वासन दुकानदारों को दिया।