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एमआईई में उड़ाई जा रही एनजीटी के नियमों की धज्जियां
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बहादुरगढ़। एमआईई पार्ट-ए और बी की कई फैक्ट्रियों में चिमनियां लगी हुई हैं। इन सभी चिमनियों से काला धुआं निकल रहा है। इसमें से ज्यादातर फैक्ट्रियों में रंग बनता है। इससे वातावरण दूषित हो रहा है। करीब तीन माह पहले प्रदूषण बोर्ड की टीम ने कुछ फैक्ट्रियों में छापेमारी कर सख्त की थी, लेकिन इसके बाद भी फैक्टरी संचालकों के हौसले बुलंद हैं। जब एनजीटी का दबाव आता है तब अधिकारी हरकत में आते हैं। अधिकारियों की अनदेखी के कारण ही शहर की हवा दूषित हो रही है। शहर के एमआईई पार्ट-ए और बी में हजारों की संख्या में छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां संचालित हैं। औद्योगिक क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों की चिमनियों से उठते धुएं व आसपास बहती केमिकल युक्त गंदगी भी प्रदूषण को बढ़ाने का काम कर रही है। 24 घंटे चलने वाली फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को दूषित व जहरीला बना रहा है। फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि चिमनियों में प्रयुक्त होने वाले कोयले कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस उगलते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक हानिकारक है। चिमनियों के प्रभाव से आसपास के इलाके की जमीनें भी बंजर हो जाती हैं। इतना ही नहीं पेड़-पौधे तो सूख जाते हैं, जो बच जाते हैं उन पर भी फल-फूल नहीं लगते।
औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण बोर्ड की तरफ से नियम तय किए गए हैं। अभियान चलाकर एमआईई पार्ट ए और बी में नियम के विरुद्ध चल रही फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ माह पूर्व रंग की फैक्टरी मेें छापेमारी की गई थी। उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। विभाग से आदेश आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केके यादव, क्षेत्रिय प्रदूषण बोर्ड अधिकारी, बहादुरगढ़।
फैक्ट्रियों से निकला केमिकल युक्त पानी हरे पौधों के लिए बहुत ही हानिकारक है। केमिकल से हरा पौधा सूख जाता है। इससे पर्यावरण को नुकसान है। अगर वन विभाग की जमीन पर फैक्टरी से निकला केमिकल युक्त पानी बह रहा है तो गलत है। ऐसे लोगों का चलान काटा जाता है।
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श्रीभगवान रेंज अधिकारी, वन विभाग
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औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण बोर्ड की तरफ से नियम तय किए गए हैं। अभियान चलाकर एमआईई पार्ट ए और बी में नियम के विरुद्ध चल रही फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ माह पूर्व रंग की फैक्टरी मेें छापेमारी की गई थी। उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। विभाग से आदेश आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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केके यादव, क्षेत्रिय प्रदूषण बोर्ड अधिकारी, बहादुरगढ़।
फैक्ट्रियों से निकला केमिकल युक्त पानी हरे पौधों के लिए बहुत ही हानिकारक है। केमिकल से हरा पौधा सूख जाता है। इससे पर्यावरण को नुकसान है। अगर वन विभाग की जमीन पर फैक्टरी से निकला केमिकल युक्त पानी बह रहा है तो गलत है। ऐसे लोगों का चलान काटा जाता है।
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