{"_id":"668dd7859b3bc39643016cc6","slug":"11-councilors-including-vice-chairman-boycotted-the-district-council-meeting-bahadurgarh-news-c-195-1-nnl1001-111791-2024-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: वाइस चेयरमैन सहित 11 पार्षदों ने किया जिला परिषद की बैठक का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: वाइस चेयरमैन सहित 11 पार्षदों ने किया जिला परिषद की बैठक का बहिष्कार
Wed, 10 Jul 2024 06:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 10 Jul 2024 06:06 AM IST
विज्ञापन
झज्जर संवाद भवन में बैठक का बहिष्कार कर बाहर आते जिला पार्षद ।
झज्जर। संवाद भवन में जिला परिषद की बैठक का मंगलवार को वाइस चेयरमैन सहित 11 पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया। आरोप लगाया गया कि पिछले दो साल से काम ही नहीं हो रहे। केवल कागजों में ही काम किए जा रहे हैं, धरातल पर कुछ भी नहीं हो रहा है। अधिकारी और ठेकेदार केवल बिल पास करने में लगे हुए हैं। सभी पार्षदों ने जिले के सभी विकास कार्यों की जांच करवाने और तब तक ठेकेदारों के बिल रोकने की मांग की है। पार्षदों ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वह कोर्ट का सहारा भी लेंगे।
बैठक में लगाए आरोपों पर अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट वाइस चेयरमैन और लगभग 11 पार्षद बैठक का बहिष्कार कर दिया। पार्षदों का आरोप था कि इस साल आए तीन करोड़ की स्वीकृति लेने के लिए यह बैठक बुलाई गई है, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। जब तक विकास कार्यों की जांच नहीं हो जाती, तब तक वे सभी बैठक का बहिष्कार करेंगे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे चेयरमैन कप्तान बिरधाना ने कहा कि विकास कार्यों को लेकर राशि स्वीकृत कराई गई है। अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों की मॉनिटरिंग नहीं करने और जानकारी नहीं देने को लेकर पार्षदों में नाराजगी है। बैठक में एडीसी की तरफ से अधिकारियों की मॉनिटरिंग की ड्यूटी लगाई गई है।
18-20 माह में दो करोड़ के काम भी नहीं हुए
बैठक में अधिकारी टेबल पर झूठे आंकड़े दे रहे हैं। डेढ़-दो साल में 18 करोड़ से ज्यादा के काम पौने साल में स्वीकृत किए गए। 18-20 माह बीतने के बाद भी दो करोड़ के काम नहीं हुए। सभी पैसे ऐसे ही पड़े हैं। अधिकारी काम नहीं करते। सभी पार्षदों को गुमराह किया जा रहा है, इसलिए सभी बैठक से उठकर आ गए हैं। पिछले काम जो हो चुके हैं, उनमें से कोई काम किसी पार्षद को चेक नहीं कराया। अफसर व ठेकेदार मिलीभगत कर पैसे निकाल रहे हैं। ग्राउंड पर काम नहीं है। जो बैठक में हैं, उनके पास बहुमत नहीं है। सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि गांव में काम करा रहे हैं, लेकिन यहां कुछ नहीं हो रहा। आज तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति पार्षदों से लेना चाहते थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। मार्च में भी सभी साथियों ने ऐेसे ही बैठक का बहिष्कार किया था।
विज्ञापन
- संजय दलाल, जिला पार्षद
कचरे में डाली जा रही उनकी लिस्ट
दो साल में मेरे वार्ड में कोई काम नहीं हुआ। लिखकर देते हैं और अधिकारी उसे कचरे में डाल देते हैं। इसलिए लिखकर देने का फायदा नहीं है। इसलिए आज बैठक का बहिष्कार किया है। पार्षद अपना काम नहीं कराते। वह सामाजिक काम कराते हैं। हम पब्लिक को क्या जवाब देंगे। पब्लिक पूछती है कि क्या काम कराया है। यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही।
- अंकुर, जिला पार्षद, वार्ड नंबर-6
लिखित में एडीसी से जांच की मांग की
लगातार दो बैठक हो चुकी हैं। पहले वाली भी ऐसे ही रद्द हुई थी। पार्षदों को अधिकारी कोई जानकारी नहीं दे रहे। बिना किसी पार्षद की सहमति से बिल पास कराए जा रहे हैं। हमने एडीसी को एक सप्ताह पहले लिखित में दिया था कि झज्जर में जितने काम दिए हैं, उनकी जांच करवाई जाए। जो काम धरातल पर दिखाए गए हैं, वह हुए नहीं हैं। इनकी जांच करवाई जाए, लेकिन अनसुना किया जा रहा है। एक भी जगह की जांच पूरी नहीं हुई। अधिकारी फील्ड में नहीं हैं। जांच के बिना ठेकेदारों के बिल पास नहीं होने चाहिए। लेकिन जबरदस्ती बिल पास हाे रहे हैं। यदि यह नहीं रुकता है तो पार्षद कोर्ट का सहारा लेंगे।
- फोर्ड माजरा, पार्षद प्रतिनिधि
बैठक में अधिकारी झूठे आंकड़े पेश कर रहे हैं। कोई काम नहीं हो रहे, इसलिए सभी पार्षद बैठक का बहिष्कार कर बाहर आ गए हैं।
- राजीव, वाइस चेयरमैन, जिला परिषद, झज्जर
वर्जन
बैठक में विकास कार्यों की लिस्ट मांगी गई थी। कुछ ने दे दी है और कुछ ने एक-दो दिन में देनी की बात कही है। उसी के अनुसार काम कराए जाएंगे। कुछ पार्षद बैठक से बाहर चले गए थे, उनकी नाराजगी विकास कार्यों की मॉनिटरिंग नहीं होने और जांच कराए जाने की थी। इसकी मॉनिटरिंग के लिए एक्सईएन को पाबंद कर दिया गया है। बहादुरगढ़ से विकास कार्यों की कोताही की ज्यादा शिकायत है, उसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी गई है। बैठक को होल्ड किया गया है, उसे पूरा कर विकास के काम कराए जाएंगे।
- सलोनी शर्मा, एडीसी, झज्जर
इन पार्षदों ने किया बहिष्कार
वाइस चेयरमैन राजीव, जिला पार्षद अमित भोलू भदानी, अंकुर गुबाना, सोमलता, राजेंद्र बाढ़सा, ज्योति सुबाना, निशा फोर्ड माजरा, शिव कुमार खोरड़ा, प्रेमलता, संजय दलाल और मेधा देवी।
विज्ञापन
बैठक में लगाए आरोपों पर अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट वाइस चेयरमैन और लगभग 11 पार्षद बैठक का बहिष्कार कर दिया। पार्षदों का आरोप था कि इस साल आए तीन करोड़ की स्वीकृति लेने के लिए यह बैठक बुलाई गई है, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। जब तक विकास कार्यों की जांच नहीं हो जाती, तब तक वे सभी बैठक का बहिष्कार करेंगे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे चेयरमैन कप्तान बिरधाना ने कहा कि विकास कार्यों को लेकर राशि स्वीकृत कराई गई है। अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों की मॉनिटरिंग नहीं करने और जानकारी नहीं देने को लेकर पार्षदों में नाराजगी है। बैठक में एडीसी की तरफ से अधिकारियों की मॉनिटरिंग की ड्यूटी लगाई गई है।
विज्ञापन
18-20 माह में दो करोड़ के काम भी नहीं हुए
बैठक में अधिकारी टेबल पर झूठे आंकड़े दे रहे हैं। डेढ़-दो साल में 18 करोड़ से ज्यादा के काम पौने साल में स्वीकृत किए गए। 18-20 माह बीतने के बाद भी दो करोड़ के काम नहीं हुए। सभी पैसे ऐसे ही पड़े हैं। अधिकारी काम नहीं करते। सभी पार्षदों को गुमराह किया जा रहा है, इसलिए सभी बैठक से उठकर आ गए हैं। पिछले काम जो हो चुके हैं, उनमें से कोई काम किसी पार्षद को चेक नहीं कराया। अफसर व ठेकेदार मिलीभगत कर पैसे निकाल रहे हैं। ग्राउंड पर काम नहीं है। जो बैठक में हैं, उनके पास बहुमत नहीं है। सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि गांव में काम करा रहे हैं, लेकिन यहां कुछ नहीं हो रहा। आज तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति पार्षदों से लेना चाहते थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। मार्च में भी सभी साथियों ने ऐेसे ही बैठक का बहिष्कार किया था।
विज्ञापन
- संजय दलाल, जिला पार्षद
कचरे में डाली जा रही उनकी लिस्ट
दो साल में मेरे वार्ड में कोई काम नहीं हुआ। लिखकर देते हैं और अधिकारी उसे कचरे में डाल देते हैं। इसलिए लिखकर देने का फायदा नहीं है। इसलिए आज बैठक का बहिष्कार किया है। पार्षद अपना काम नहीं कराते। वह सामाजिक काम कराते हैं। हम पब्लिक को क्या जवाब देंगे। पब्लिक पूछती है कि क्या काम कराया है। यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही।
- अंकुर, जिला पार्षद, वार्ड नंबर-6
लिखित में एडीसी से जांच की मांग की
लगातार दो बैठक हो चुकी हैं। पहले वाली भी ऐसे ही रद्द हुई थी। पार्षदों को अधिकारी कोई जानकारी नहीं दे रहे। बिना किसी पार्षद की सहमति से बिल पास कराए जा रहे हैं। हमने एडीसी को एक सप्ताह पहले लिखित में दिया था कि झज्जर में जितने काम दिए हैं, उनकी जांच करवाई जाए। जो काम धरातल पर दिखाए गए हैं, वह हुए नहीं हैं। इनकी जांच करवाई जाए, लेकिन अनसुना किया जा रहा है। एक भी जगह की जांच पूरी नहीं हुई। अधिकारी फील्ड में नहीं हैं। जांच के बिना ठेकेदारों के बिल पास नहीं होने चाहिए। लेकिन जबरदस्ती बिल पास हाे रहे हैं। यदि यह नहीं रुकता है तो पार्षद कोर्ट का सहारा लेंगे।
- फोर्ड माजरा, पार्षद प्रतिनिधि
बैठक में अधिकारी झूठे आंकड़े पेश कर रहे हैं। कोई काम नहीं हो रहे, इसलिए सभी पार्षद बैठक का बहिष्कार कर बाहर आ गए हैं।
- राजीव, वाइस चेयरमैन, जिला परिषद, झज्जर
वर्जन
बैठक में विकास कार्यों की लिस्ट मांगी गई थी। कुछ ने दे दी है और कुछ ने एक-दो दिन में देनी की बात कही है। उसी के अनुसार काम कराए जाएंगे। कुछ पार्षद बैठक से बाहर चले गए थे, उनकी नाराजगी विकास कार्यों की मॉनिटरिंग नहीं होने और जांच कराए जाने की थी। इसकी मॉनिटरिंग के लिए एक्सईएन को पाबंद कर दिया गया है। बहादुरगढ़ से विकास कार्यों की कोताही की ज्यादा शिकायत है, उसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी गई है। बैठक को होल्ड किया गया है, उसे पूरा कर विकास के काम कराए जाएंगे।
- सलोनी शर्मा, एडीसी, झज्जर
इन पार्षदों ने किया बहिष्कार
वाइस चेयरमैन राजीव, जिला पार्षद अमित भोलू भदानी, अंकुर गुबाना, सोमलता, राजेंद्र बाढ़सा, ज्योति सुबाना, निशा फोर्ड माजरा, शिव कुमार खोरड़ा, प्रेमलता, संजय दलाल और मेधा देवी।