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ई टेडरिंग पर सरपंचों ने खोला मोर्चा, किया बगावत का ऐलान

Tue, 04 Jul 2017 12:59 AM IST
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:59 AM IST
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ई टेडरिंग पर सरपंचों ने खोला मोर्चा, किया बगावत का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
पांच लाख से अधिक के विकास कार्यों को ई-टेंडरिंग से करवाए जाने को लेकर जिले सरपंचों ने पूरी तरह से सरकार के खिलाफ बगावती तेवर बना लिए हैं। विरोध की शुरूआत सोमवार को झज्जर जिले के सरपंचों ने एक बैठक करके की। सरंपचों के द्वारा बगावती सुर अपनाने की सूचना आस-पड़ोस के जिलों में पहुंची तो वहां के सरपंच एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी बिना बुलाए ही मीटिंग में पहुंच गए। जिस पर झज्जर जिले के सरपंचों को बल मिला और आंदोलन प्रदेश स्तर पर चलाने का फैसला लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता नवनियुक्त जिला प्रधान सतपाल पहलवान मांडोठी ने की। बैठक में फैसला किया गया अगर सरकार ने ई-टेंडरिंग का फैसला वापस नहीं लिया तो विरोध का व्यापक स्वरूप तैयार किया जाएगा। जिसके बाद सरकार पर दबाव बनाने के लिए काम किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
बैठक में सरपंचों के द्वारा फैसला लिया गया कि सरकार को इस बात की खबर होनी चाहिए कि सरपंच ई-टेंडरिंग के खिलाफ हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के नाम डीसी के मार्फत ज्ञापन सौंपा जाए। जिससे कि सरकार को फैसले बदलने के लिए समय भी मिले और सरपंचों का पक्ष भी साफ हो जाए। मीटिंग के बाद सरपंचों ने लघु सचिवालय में पहुंचकर डीसी की गैर मौजूदगी के चलते सीटीएम को ज्ञापन सौंपा।
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सीएम के बयान की निंदा की
सरपंचों ने बैठक के दौरान सीएम के उस बयान की निंदा की, जिसमें सीएम ने कहा था कि ठेकेदार नहीं सरपंच बनें। सरपंचों ने कहा कि सरकार के मंत्री जब ई-टेंडरिंग के माध्यम से अपने चहेतों को टेंडर दिलाकर कमीशन खाते हैं, वो उन्हें नजर नहीं आता। सरपंचों ने कहा कि जब सरकार ने पढ़े-लिखे सरपंच बनाए हैं तो उन्हें सरपंचों से विकास कार्य करवाने में क्या होती है।

ई-टेंडरिंग का इसलिए विरोध
सरपंचों ने बताया कि गांव के जरूरी विकास कार्यों की सरपंच को जानकारी होती है। वहीं, प्रस्ताव पास होने के साथ ही सरपंच ग्रांट न होने पर भी अपने पैसे खर्च करके कार्य करवा देता है। ताकि ग्रामीणों को कोई दिक्कत न आए। वहीं, अब ई-टेंडरिंग के बाद प्रक्रिया लंबी हो जाएगी और समय अधिक लगेगा। गांव के इमरजेंसी वर्क पर ठेकेदारों की मनमानी चलेगी, जिससे ग्रामीण परेशान रहेंगे।


ग्रांट तक दी नहीं, किए जा रहे झूठे दावे : सतपाल
सरपंच एसोसिएशन के नवनियुक्त जिला प्रधान सतपाल पहलवान मांडोठी ने कहा कि सरकार के द्वारा एक पैसे की ग्रांट गांवों के लिए जारी नहीं की है। जबकि पंचायत मंत्री हर रोज 20 लाख तक के विकास कार्यों की पॉवर देेने के बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा दी गई पावर का कोई पत्र उन्हें नहीं मिला। जब खाते में पैसे ही नहीं हैं तो ऐसी पावर का क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग का वे खुलकर विरोध करेंगे। अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो वे प्रदेश स्तर पर सरपंचों का आंदोलन खड़ा करेंगे।

सरपंच बोले : खाते में नहीं आई एक पैसे की ग्रांट तो 20 तक के खर्च की छूट का ढकोसला क्यों
- पंचायत सचिव से लेकर चंडीगढ़ तक सबको चाहिए कमीशन
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