{"_id":"90a879763fda793dba4102beaf38210e","slug":"jat-reservation-in-center","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों जाट वोटरों के आगे झुकी कांग्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों जाट वोटरों के आगे झुकी कांग्रेस
जींद/अमरजीत एस. गिल
Updated Thu, 19 Dec 2013 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र की नौकरियों में भी जाटों को ओबीसी कोटे के तहत पांच प्रतिशत आरक्षण
विज्ञापन
दिए जाने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हरी झंडी दिखा दी।
कांग्रेस के इस फैसले को चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से जोड़कर देखा जा रहा है। जाटों ने आरक्षण न मिलने पर जनवरी और फरवरी में दिल्ली कूच और चुनावों में कांग्रेस का सफाया करने की चेतावनी दी थी। अब कांग्रेस हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत दस राज्यों में दबदबा रखने वाले जाटों को लोकसभा चुनाव से पहले लुभाना चाहती थी। वहीं, इस फैसले को हरियाणा के विभिन्न जाट संगठनों और खापों ने संघर्ष की जीत बताया है। अब नेशनल कमीशन ऑफ बैकवर्ड क्लास की रिपोर्ट के बाद जाटों को आरक्षण मिल जाएगा।
महापंचायत कर जताएंगे सीएम का आभार
सर्वजाट सर्वखाप आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह नैन ने कहा कि उनकी जिंदगी का मकसद पूरा हो गया है। जाटों को उनका हक मिलने वाला है। नैन ने कहा कि केंद्र सरकार व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आभार व्यक्त करने के लिए जल्द की खापों की सबसे बड़ी महापंचायत होगी।
एक साल चली केंद्र से लड़ाई
हरियाणा सरकार द्वारा 17 दिसंबर 2012 को ओबीसी में विशेष श्रेणी बनाकर आरक्षण देने की घोषणा की थी। इसके बाद हरियाणा समेत देश भर के जाट एकजुट हुए और उन्होंने केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण की मांग शुरू कर दी। ठीक एक साल दो दिन बाद देश के जाटों को यह सफलता मिली है।
हरियाणा में भी ओबीसी में मिले आरक्षण
सर्वजाट सर्वखाप आरक्षण संघर्ष समिति प्रवक्ता सूबे सिंह सैमाण ने कहा कि जाटों को उनका अधिकार मिला है। खापें और जाट आरक्षण संघर्ष समितियां काफी लंबे समय से संघर्ष कर रही थीं। उन्होंने हरियाणा सरकार से यह मांग की है कि अब तो हरियाणा से जाट आरक्षण को विशेष दर्जा से खत्म किया जाए क्योंकि केंद्र सरकार ने जाटों को ओबीसी में शामिल करके ही जाटों के लिए आरक्षण देने की घोषणा की है। बराह बारहा के प्रधान कुलदीप सिंह ढांडा ने कहा कि अब जाटों के पढ़े लिखे बेरोजगार युवकों को केंद्र की नौकरियों में आरक्षण मिलने लगेगा। इससे जाटों की लचर हो चुकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश मान और श्योराण खाप 25 के प्रधान विजेंद्र सिंह ने मंत्रिमंडल के इस फैसले पर खुशी जताई।
तीन शहीदों के परिवारों का करें सम्मान : मलिक
गठवाल खाप के बलजीत सिंह मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण के आंदोलन में हिसार जिले के गांव मैय्यड़ में सुनील श्योराण व संदीप और फतेहाबाद में विजय कड़वासरा शहीद हुए थे। इन तीनों शहीदों का बलिदान रंग लाया है। पूरे देश के जाटों को सबसे पहले इन शहीद परिवारों का आभार व्यक्त करना चाहिए।
कांग्रेस के इस फैसले को चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से जोड़कर देखा जा रहा है। जाटों ने आरक्षण न मिलने पर जनवरी और फरवरी में दिल्ली कूच और चुनावों में कांग्रेस का सफाया करने की चेतावनी दी थी। अब कांग्रेस हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत दस राज्यों में दबदबा रखने वाले जाटों को लोकसभा चुनाव से पहले लुभाना चाहती थी। वहीं, इस फैसले को हरियाणा के विभिन्न जाट संगठनों और खापों ने संघर्ष की जीत बताया है। अब नेशनल कमीशन ऑफ बैकवर्ड क्लास की रिपोर्ट के बाद जाटों को आरक्षण मिल जाएगा।
महापंचायत कर जताएंगे सीएम का आभार
सर्वजाट सर्वखाप आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह नैन ने कहा कि उनकी जिंदगी का मकसद पूरा हो गया है। जाटों को उनका हक मिलने वाला है। नैन ने कहा कि केंद्र सरकार व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आभार व्यक्त करने के लिए जल्द की खापों की सबसे बड़ी महापंचायत होगी।
एक साल चली केंद्र से लड़ाई
हरियाणा सरकार द्वारा 17 दिसंबर 2012 को ओबीसी में विशेष श्रेणी बनाकर आरक्षण देने की घोषणा की थी। इसके बाद हरियाणा समेत देश भर के जाट एकजुट हुए और उन्होंने केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण की मांग शुरू कर दी। ठीक एक साल दो दिन बाद देश के जाटों को यह सफलता मिली है।
हरियाणा में भी ओबीसी में मिले आरक्षण
सर्वजाट सर्वखाप आरक्षण संघर्ष समिति प्रवक्ता सूबे सिंह सैमाण ने कहा कि जाटों को उनका अधिकार मिला है। खापें और जाट आरक्षण संघर्ष समितियां काफी लंबे समय से संघर्ष कर रही थीं। उन्होंने हरियाणा सरकार से यह मांग की है कि अब तो हरियाणा से जाट आरक्षण को विशेष दर्जा से खत्म किया जाए क्योंकि केंद्र सरकार ने जाटों को ओबीसी में शामिल करके ही जाटों के लिए आरक्षण देने की घोषणा की है। बराह बारहा के प्रधान कुलदीप सिंह ढांडा ने कहा कि अब जाटों के पढ़े लिखे बेरोजगार युवकों को केंद्र की नौकरियों में आरक्षण मिलने लगेगा। इससे जाटों की लचर हो चुकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश मान और श्योराण खाप 25 के प्रधान विजेंद्र सिंह ने मंत्रिमंडल के इस फैसले पर खुशी जताई।
तीन शहीदों के परिवारों का करें सम्मान : मलिक
गठवाल खाप के बलजीत सिंह मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण के आंदोलन में हिसार जिले के गांव मैय्यड़ में सुनील श्योराण व संदीप और फतेहाबाद में विजय कड़वासरा शहीद हुए थे। इन तीनों शहीदों का बलिदान रंग लाया है। पूरे देश के जाटों को सबसे पहले इन शहीद परिवारों का आभार व्यक्त करना चाहिए।