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आखिरकार कैसे हुई इतनी बड़ी चूक
अमर उजाला फरीदाबाद
Updated Thu, 21 Nov 2013 08:46 PM IST
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दूसरी कक्षा की हिंदी की किताब में हरियाणा का गलत नक्शा छापना पब्लिशर और संबंधित शिक्षा अधिकारी दोनाें को भारी पड़ सकता है। शिक्षा निदेशालय ने इस मामले को संज्ञान में लेकर प्रत्येक जिले के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है।
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‘अमर उजाला’ ने एक नवंबर के अंक में दूसरी कक्षा की हिंदी की किताब में हरियाणा का नक्शा छापा था, जिसमें पलवल जिला ही नहीं था। मालूम हो कि एक से आठवीं कक्षा की किताब को सरकार की ओर से मुफ्त स्कूलों में दिया जाता है। इन किताब को प्रति वर्ष हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से छपवाकर स्कूलों तक भिजवाया जाता था। लेकिन इस बार हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद् को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसने प्राइवेट पब्लिशरों को अलग-अलग किताबों को छापने का टेंडर दिया।
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प्रत्येक जिले से एक या दो शिक्षा अधिकारियों को किताब को छपवाने के लिए पब्लिशर के यहां पर तैनात भी किया गया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश शास्त्री ने बताया कि मुख्यालय को रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई है। अब कार्रवाई किस पर होगी। यह तो उच्च अधिकारियों को तय करना है।
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