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Hisar News: बदलाव की बयार...हुनर को मिलेगा ऑनलाइन बाजार
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हिसार। हुनरमंद महिलाओं के सपने अब ई-कॉमर्स के डिजिटल पंखों पर सवार होकर देशभर में उड़ान भरेंगे। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं इन महिलाओं के हाथों से तैयार हैंडीक्राफ्ट, मुरब्बा-अचार और मिट्टी के बर्तनों सहित अनेक स्थानीय उत्पाद अब मीशो प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के कोने-कोने तक पहुंचेंगे।
ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 80 महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुभाष ने महिलाओं से उत्पादों की आकर्षक पैकिंग करने और लागत के साथ उचित मुनाफा जोड़कर कीमत निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने उत्पादों की मार्केटिंग भी सीखनी होगी और उनमें इस्तेमाल सामग्री की पूरी जानकारी उपभोक्ताओं को देनी चाहिए। इससे ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को सूरजकुंड मेले में भी उपलब्ध कराने की बात कही।
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हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के परियोजना निदेशक विरेंद्र श्योराण ने बताया कि जिले के 50 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह मीशो पर अपने अकाउंट बना चुके हैं। महिलाएं हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, जूट बैग, वुडन क्राफ्ट, मुरब्बा, अचार, मिट्टी के बर्तन, मुलतानी मिट्टी के साबुन, बिस्कुट, बेकरी उत्पाद, सरसों और तिल का तेल समेत विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं।
प्रशिक्षण के दौरान शशांक कुमार, अपूर्वा त्रिपाठी और जितेंद्र महेश्वरी ने प्रैक्टिकल डेमो के जरिए मीशो पर कारोबार शुरू करने और उसे बढ़ाने के तरीके बताए।
भुगतान से लेकर प्रचार करना तक सिखाया : .
महिलाओं को सेलर अकाउंट बनाने, प्रोडक्ट लिस्टिंग, आकर्षक फोटो व कैटलॉग तैयार करने, मूल्य निर्धारण, पैकेजिंग, ऑर्डर प्रबंधन की जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन भुगतान, रिटर्न पॉलिसी और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार के लिए जागरूक किया।
प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए जीएसटी नंबर अनिवार्य नहीं :
मीशो पर ऑर्डर मिलने के बाद महिलाओं को मोबाइल पर इसकी जानकारी मिलेगी। इसके बाद वे सामान तैयार कर कूरियर के माध्यम से भेज सकेंगी। डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। महिलाओं को उत्पाद का पूरा विवरण ऑनलाइन डालना होगा ताकि उपभोक्ताओं को उसकी स्पष्ट जानकारी मिल सके। प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए जीएसटी नंबर अनिवार्य नहीं है।
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ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 80 महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
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जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुभाष ने महिलाओं से उत्पादों की आकर्षक पैकिंग करने और लागत के साथ उचित मुनाफा जोड़कर कीमत निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने उत्पादों की मार्केटिंग भी सीखनी होगी और उनमें इस्तेमाल सामग्री की पूरी जानकारी उपभोक्ताओं को देनी चाहिए। इससे ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को सूरजकुंड मेले में भी उपलब्ध कराने की बात कही।
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हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के परियोजना निदेशक विरेंद्र श्योराण ने बताया कि जिले के 50 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह मीशो पर अपने अकाउंट बना चुके हैं। महिलाएं हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, जूट बैग, वुडन क्राफ्ट, मुरब्बा, अचार, मिट्टी के बर्तन, मुलतानी मिट्टी के साबुन, बिस्कुट, बेकरी उत्पाद, सरसों और तिल का तेल समेत विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं।
प्रशिक्षण के दौरान शशांक कुमार, अपूर्वा त्रिपाठी और जितेंद्र महेश्वरी ने प्रैक्टिकल डेमो के जरिए मीशो पर कारोबार शुरू करने और उसे बढ़ाने के तरीके बताए।
भुगतान से लेकर प्रचार करना तक सिखाया : .
महिलाओं को सेलर अकाउंट बनाने, प्रोडक्ट लिस्टिंग, आकर्षक फोटो व कैटलॉग तैयार करने, मूल्य निर्धारण, पैकेजिंग, ऑर्डर प्रबंधन की जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन भुगतान, रिटर्न पॉलिसी और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार के लिए जागरूक किया।
प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए जीएसटी नंबर अनिवार्य नहीं :
मीशो पर ऑर्डर मिलने के बाद महिलाओं को मोबाइल पर इसकी जानकारी मिलेगी। इसके बाद वे सामान तैयार कर कूरियर के माध्यम से भेज सकेंगी। डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। महिलाओं को उत्पाद का पूरा विवरण ऑनलाइन डालना होगा ताकि उपभोक्ताओं को उसकी स्पष्ट जानकारी मिल सके। प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए जीएसटी नंबर अनिवार्य नहीं है।