फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Weather changeable in Haryana state till October 13

Haryana: प्रदेश में 13 अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील, हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

Mon, 10 Oct 2022 02:09 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 10 Oct 2022 02:09 AM IST
सार

चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में अचानक से हुए इस बदलाव से बीमारियां बढ़ेंगी। खासकर बुजुर्गों व बच्चों का इस मौसम में खास ध्यान रखना होगा, अन्यथा में बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। 

विज्ञापन
Weather changeable in Haryana state till October 13
बारिश। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा सहित उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। आगे भी मौसम में बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार प्रदेश में 13 अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना रहेगी। अभी बंगाल की खाड़ी पर बने कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है।

विज्ञापन


यहां से यह मुड़कर उत्तराखड़ की तरफ हो जाएगा। इसके अलावा एक और कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ कल तक पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएगा। यहां इसका कम दबाव के क्षेत्र के टकराव होगा। इसके असर से प्रदेश के उत्तर पूर्वी व पश्चिमी जिलों में 12 व 13 अक्तूबर को हल्की बारिश की संभावना रहेगी।
विज्ञापन


दिन का तापमान सामान्य से 10 डिग्री नीचे पहुंचा, सावधानी न बरती तो हो सकते हैं बीमार
हिसार जिले में लगातार दो दिन से छाये बादल व बूंदाबांदी से दिन के तापमान में जबरदस्त गिरावट आई है। रविवार को दिन का तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया। इस कारण से मौसम काफी ठंडा हो गया। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो अगले तीन-चार दिनों में तापमान में और ज्यादा गिरावट आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में अचानक से हुए इस बदलाव से बीमारियां बढ़ेंगी। खासकर बुजुर्गों व बच्चों का इस मौसम में खास ध्यान रखना होगा, अन्यथा में बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। बता दें कि शनिवार को दिन भर बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। इसके बाद रविवार को भी यही हालात रहे। रात तक घने काले बादल छाये रहे और बीच-बीच में बूंदाबांदी होती रही। 

दिन का तापमान 25.7 डिग्री किया गया दर्ज
रविवार को दिन का तापमान 25.87 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 10 डिग्री नीचे रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम रहा। उधर शनिवार सुबह साढ़े 8 बजे से रविवार सुबह साढ़े 8 बजे तक 0.3 एमएम और रविवार सुबह साढ़े 8 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक 3.0 एमएम बारिश हुई। वहीं सिवानी में 5 एमएम बारिश दर्ज की गई।

पिछले 7 सात दिनों में दिन के तापमान की स्थिति
तिथि    अधिकतम तापमान

  • 3 अक्तूबर    34.6
  • 4 अक्तूबर    34.0
  • 5 अक्तूबर    35.0
  • 6 अक्तूबर    33.0
  • 7 अक्तूबर    29.3
  • 8 अक्तूबर    25.5
  • 9 अक्तूबर    25.7


रात को एसी और कूलर का इस्तेमाल न करें
मौसम में आए बदलाव के साथ ही मौसमी बीमारियां फैलने लगी हैं। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन ज्ञानेंद्र ने बताया कि मौसम बदलाव में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग का ध्यान रखें। रात के समय एसी और कूलर बंद कर दें। फ्रीज में रखा हुआ ठंडा पानी न पीएं। इसके अलावा बाहर का खाना न खाएं। फास्ट फूड और तले हुए भोजन का इस्तेमाल न करें। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ बुखार, खांसी, जुकाम आदि के केस आ रहे हैं। छोटे बच्चों में भी बुखार, उल्टी और दस्त के केस बढ़ रहे हैं। बच्चों को सीधे खुली हवा में न ले जाएं। इस मौसम में छोटे बच्चों को रात को मोटे कपड़े पहनाए।

आगे ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार प्रदेश में 13 अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना रहेगी। अभी बंगाल की खाड़ी पर बने कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। यहां से यह मुड़कर उत्तराखड़ की तरफ हो जाएगा। इसके अलावा एक और कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ कल तक पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएगा। यहां इसका कम दबाव के क्षेत्र के टकराव होगा। इसके असर से प्रदेश के उत्तर पूर्वी व पश्चिमी जिलों में 12 व 13 अक्तूबर को हल्की बारिश की संभावना रहेगी।



रबी की फसल के लिए फायदेमंद है यह बारिश
एचएयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि यह बारिश रबी की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। खासकर बारानी क्षेत्रों को ज्यादा फायदा होगा, वहां बिजाई का क्षेत्र बढ़ेगा। इस बारिश के कारण किसानों को सरसों व चने की फसल में पलेवा नहीं करना पड़ेगा। रेवाड़ी, नूंह व पलवल की तरफ किसानों ने रबी की फसल की बिजाई कर ली है, वहां से इस बारिश से नुकसान होगा। इस समय कपास की फसल खेतों में खड़ी है। इस बारिश से कपास की फसल को भी नुकसान होगा। उसकी गुणवत्ता में गिरावट आएगी। ग्वार की फसल अभी पकी नहीं है तो इसे नुकसान नहीं होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed