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Hisar News: आश्वासन नहीं, पानी चाहिए...एक और आंदोलन का एलान
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हांसी में पेयजल किल्लत पर रोष जताते सेक्टर निवासी। संवाद
हांसी। पेयजल संकट के विरोध में चानौत के बाद अब शहर में भी आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। शहर का पॉश इलाका हुड्डा सेक्टर-5 भी पानी किल्लत से जूझ रहा है। लंबे समय से आश्वासनों से तंग सेक्टरवासियों ने प्रशासनिक संवेदनहीनता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 21 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लिया है।
सेक्टरवासियों का आरोप है कि वर्ष 2010 में प्लॉट आवंटित होने के बाद से आज तक उन्हें नियमित पेयजल सुविधा नहीं मिल पाई है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री और यहां तक कि हाईकोर्ट तक शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में उन्हें गर्मी के दिनों में टैंकरों और निजी इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ रहा है जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
हुड्डा सेक्टर-5 के निवासियों का कहना है कि वर्षों पहले पानी की लाइन बिछाई गई थी लेकिन उसमें आज तक नियमित पानी नहीं आया। इसके बावजूद हजारों रुपये के बिजली बिल लगातार भेजे जा रहे हैं। सेक्टर प्रधान शशिकांत यादव ने बताया कि वर्ष 2023 में पेयजल समस्या का मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। उस समय एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) ने कोर्ट में सेक्टर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का आश्वासन दिया था। उनका आरोप है कि जिस जमीन पर प्लांट बनाया जाना था वह जमीन हांसी के विधायक विनोद भयाना ने लघु सचिवालय निर्माण के लिए दे दी। अब अधिकारी जगह उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
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शशिकांत यादव ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लघु सचिवालय के लिए दी गई जमीन पर स्टे लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सेक्टर सचिव जसवंत जाखड़ ने कहा कि पेयजल संकट का असर अब संपत्तियों की कीमतों पर भी पड़ने लगा है। लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर घर बनाए थे लेकिन पानी की सुविधा नहीं होने से मकानों और प्लॉटों के रेट प्रभावित हो रहे हैं।
सेक्टरवासियों का कहना है कि गांव छोड़कर शहर में बेहतर सुविधाओं की उम्मीद से मकान बनाए थे लेकिन वर्षों बाद भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई।
विधायक पर शहर की समस्याओं की अनदेखी का आरोप :
पेयजल संकट को लेकर शहर में सियासत राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता तेलूराम जांगड़ा ने राज्य सरकार और स्थानीय विधायक विनोद भयाना पर निशाना साधते हुए कहा कि विधायक का दायित्व जनता को पानी, शिक्षा, रोजगार, सफाई और विकास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे और विकास के हर मोर्चे पर विफल रहे हैं। उन्होंने नैतिक आधार पर विधायक से इस्तीफा देने की मांग की है।
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सेक्टरवासियों का आरोप है कि वर्ष 2010 में प्लॉट आवंटित होने के बाद से आज तक उन्हें नियमित पेयजल सुविधा नहीं मिल पाई है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री और यहां तक कि हाईकोर्ट तक शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में उन्हें गर्मी के दिनों में टैंकरों और निजी इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ रहा है जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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हुड्डा सेक्टर-5 के निवासियों का कहना है कि वर्षों पहले पानी की लाइन बिछाई गई थी लेकिन उसमें आज तक नियमित पानी नहीं आया। इसके बावजूद हजारों रुपये के बिजली बिल लगातार भेजे जा रहे हैं। सेक्टर प्रधान शशिकांत यादव ने बताया कि वर्ष 2023 में पेयजल समस्या का मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। उस समय एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) ने कोर्ट में सेक्टर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का आश्वासन दिया था। उनका आरोप है कि जिस जमीन पर प्लांट बनाया जाना था वह जमीन हांसी के विधायक विनोद भयाना ने लघु सचिवालय निर्माण के लिए दे दी। अब अधिकारी जगह उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
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शशिकांत यादव ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लघु सचिवालय के लिए दी गई जमीन पर स्टे लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सेक्टर सचिव जसवंत जाखड़ ने कहा कि पेयजल संकट का असर अब संपत्तियों की कीमतों पर भी पड़ने लगा है। लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर घर बनाए थे लेकिन पानी की सुविधा नहीं होने से मकानों और प्लॉटों के रेट प्रभावित हो रहे हैं।
सेक्टरवासियों का कहना है कि गांव छोड़कर शहर में बेहतर सुविधाओं की उम्मीद से मकान बनाए थे लेकिन वर्षों बाद भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई।
विधायक पर शहर की समस्याओं की अनदेखी का आरोप :
पेयजल संकट को लेकर शहर में सियासत राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता तेलूराम जांगड़ा ने राज्य सरकार और स्थानीय विधायक विनोद भयाना पर निशाना साधते हुए कहा कि विधायक का दायित्व जनता को पानी, शिक्षा, रोजगार, सफाई और विकास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे और विकास के हर मोर्चे पर विफल रहे हैं। उन्होंने नैतिक आधार पर विधायक से इस्तीफा देने की मांग की है।