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Hisar News: बिना मिट्टी एलईडी लाइट्स युक्त हाइड्रोपोनिक सिस्टम से किचन में ही उगेंगी सब्जियां
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हिसार। स्टैंड पर हाइड्रोपोनिक विधि से उगाई गई सब्जी।
- फोटो : Hisar
उदयभान त्रिपाठी
हिसार। महानगरों में रहने वाले लोग अब अपने ड्राइंग रूम या किचन में भी बिना मिट्टी का प्रयोग किए ही हरी पत्तेदार सब्जियां उगा सकेंगे और वह भी बहुत कम जगह में। ऐसा संभव हो सकेगा नए हाइड्रोपोनिक सिस्टम विद एलईडी लाइट्स के जरिये। यह स्टैंड पर बना एलईडी लाइट युक्त सिस्टम है, जिसमें पौधे को बिना मिट्टी के पानी के जरिये जरूरी पोषक तत्व दिए जाएंगे। यह एयरोपोनिक सिस्टम से भी एडवांस वर्जन है। अभी विदेश में एयरोपोनिक सिस्टम के जरिये छोटे-छोटे बर्तनों में हरी सब्जियों की खेती की जा रही है।
बढ़ती आबादी व कम होती जमीन आने वाले वक्त के लिए बड़ा संकट है। जमीन की कमी के चलते सब्जियों की खेती भी मुश्किल है। मजबूरी में स्टोर की गई सब्जियों से ही काम चलाना पड़ता है, जबकि बेहतर स्वास्थ्य के लिए ताजी हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूरी माना जाता है। ब्रिटेन समेत कई देशों में इसके विकल्प के तौर पर एयरोपोनिक सिस्टम के जरिये हरी पत्तेदार सब्जियों की खेती की जा रही है। इसमें छोटे-छोटे गमलों में खास तौर पर तैयार पोषक तत्वों से युक्त क्ले प्वाइंटस डाले जाते हैं। इसमें डाले गए बीज पानी व पोषक तत्व प्राप्त कर हवा में ही अंकुरित होते हैं। अब कृषि विशेषज्ञ इससे भी एक कदम आगे हाइड्रोपोनिक सिस्टम पर काम कर रहे हैं।
एचएयू के एग्रो टूरिज्म सेंटर इंचार्ज डॉ. अरविंद मलिक बताते हैं कि एचएयू में इन दोनों विधियों पर काम चल रहा है। इसमें से एयरपोनिक सिस्टम के जरिये टमाटर, धनिया समेत कई हरी पत्तेदार सब्जियां उगाई भी जा चुकी हैं। जबकि हाइड्रोपोनिक सिस्टम को अभी ट्रायल में रखा गया है।
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पौधे खुद की जरूरत के अनुसार लेंगे पानी
डॉ. अरविंद मलिक बताते हैं कि हाइड्रोपोनिक सिस्टम में पौधों को वृद्घि के लिए सूर्य की रोशनी की जगह एलईडी लाइट की रोशनी मिलेगी। यह सिस्टम इतना एडवांस है कि इसमें पौधों को बार-बार पानी भी नहीं देना होगा, बल्कि पौधे खुद अपनी जरूरत के अनुसार पाइप में उपलब्ध पानी व पोषक तत्व प्राप्त कर सकेंगे। जिस स्टैंड पर यह सिस्टम विकसित है उसे किसी मेज या दीवार के सहारे खड़ा किया जा सकेगा। सिस्टम बिजली व पानी की सप्लाई लाइन से कनेक्ट होगा। इस प्रकार उगाई गई सब्जियों के रंग या स्वाद में भी कोई अंतर नहीं आएगा।
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हिसार। महानगरों में रहने वाले लोग अब अपने ड्राइंग रूम या किचन में भी बिना मिट्टी का प्रयोग किए ही हरी पत्तेदार सब्जियां उगा सकेंगे और वह भी बहुत कम जगह में। ऐसा संभव हो सकेगा नए हाइड्रोपोनिक सिस्टम विद एलईडी लाइट्स के जरिये। यह स्टैंड पर बना एलईडी लाइट युक्त सिस्टम है, जिसमें पौधे को बिना मिट्टी के पानी के जरिये जरूरी पोषक तत्व दिए जाएंगे। यह एयरोपोनिक सिस्टम से भी एडवांस वर्जन है। अभी विदेश में एयरोपोनिक सिस्टम के जरिये छोटे-छोटे बर्तनों में हरी सब्जियों की खेती की जा रही है।
बढ़ती आबादी व कम होती जमीन आने वाले वक्त के लिए बड़ा संकट है। जमीन की कमी के चलते सब्जियों की खेती भी मुश्किल है। मजबूरी में स्टोर की गई सब्जियों से ही काम चलाना पड़ता है, जबकि बेहतर स्वास्थ्य के लिए ताजी हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूरी माना जाता है। ब्रिटेन समेत कई देशों में इसके विकल्प के तौर पर एयरोपोनिक सिस्टम के जरिये हरी पत्तेदार सब्जियों की खेती की जा रही है। इसमें छोटे-छोटे गमलों में खास तौर पर तैयार पोषक तत्वों से युक्त क्ले प्वाइंटस डाले जाते हैं। इसमें डाले गए बीज पानी व पोषक तत्व प्राप्त कर हवा में ही अंकुरित होते हैं। अब कृषि विशेषज्ञ इससे भी एक कदम आगे हाइड्रोपोनिक सिस्टम पर काम कर रहे हैं।
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एचएयू के एग्रो टूरिज्म सेंटर इंचार्ज डॉ. अरविंद मलिक बताते हैं कि एचएयू में इन दोनों विधियों पर काम चल रहा है। इसमें से एयरपोनिक सिस्टम के जरिये टमाटर, धनिया समेत कई हरी पत्तेदार सब्जियां उगाई भी जा चुकी हैं। जबकि हाइड्रोपोनिक सिस्टम को अभी ट्रायल में रखा गया है।
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पौधे खुद की जरूरत के अनुसार लेंगे पानी
डॉ. अरविंद मलिक बताते हैं कि हाइड्रोपोनिक सिस्टम में पौधों को वृद्घि के लिए सूर्य की रोशनी की जगह एलईडी लाइट की रोशनी मिलेगी। यह सिस्टम इतना एडवांस है कि इसमें पौधों को बार-बार पानी भी नहीं देना होगा, बल्कि पौधे खुद अपनी जरूरत के अनुसार पाइप में उपलब्ध पानी व पोषक तत्व प्राप्त कर सकेंगे। जिस स्टैंड पर यह सिस्टम विकसित है उसे किसी मेज या दीवार के सहारे खड़ा किया जा सकेगा। सिस्टम बिजली व पानी की सप्लाई लाइन से कनेक्ट होगा। इस प्रकार उगाई गई सब्जियों के रंग या स्वाद में भी कोई अंतर नहीं आएगा।

हिसार। एचएयू के एग्रो टूरिज्म सेंटर के पाली हाऊस में एयरपोनिक सिस्टम में विकसित हो रहे पौधे।- फोटो : Hisar