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ढाई महीने में भी तैयार नहीं हो सकी गिरदावरी रिपोर्ट

Tue, 01 Dec 2015 01:30 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो Updated Tue, 01 Dec 2015 01:30 AM IST
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two and Half Month Past, Girdawari Report still need to complete

पिछली बार सरकार ने फुर्ती दिखाते हुए एक महीने में गिरदावरी कराने के बाद मुआवजा तक जारी कर दिया था। वहीं इस बार ढाई महीने तक गिरदावरी ही पूरी नहीं हो सकी।

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राजस्व विभाग के अधिकारियों को चंडीगढ़ के अधिकारियों के निर्देश का इंतजार है। इसके बाद ही रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजेंगे। गिरदावरी रिपोर्ट तैयार नहीं होने पर किसानों में रोष पनप रहा है।
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किसानों का कहना है कि खरीफ फसल में सफेद मक्खी के कारण 70 फीसदी से अधिक खराबा हुआ था। इधर, रबी की बुवाई भी करीब पूरी होने को है, लेकिन मुआवजा तो दूर गिरदावरी रिपोर्ट का पता तक नहीं है।
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गौरतलब है कि सरकार ने विधानसभा के सत्र में 15 सितंबर से गिरदावरी के आदेश जारी किए थे। नवंबर महीना बीत जाने के बाद भी अब तक गिरदावरी का काम पूरा नहीं हो सका है।

राजस्व विभाग के अधिकारी अतिरिक्त प्रधान सचिव एसएस ढिल्लो की ओर से निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। दस दिन पहले एसीएस एसएस ढिल्लो ने हिसार में कुछ स्थानों पर फील्ड सर्वे करते हुए किसानों की खराब फसलों का मुआयना किया था।

जनवरी से पहले नहीं मिलेगा मुआवजा
किसानों को किसी भी सूरत में जनवरी से पहले मुआवजा नहीं मिल पाएगा। अगर अगले सप्ताह भी रिपोर्ट भेजी जाएगी तो तो मुआवजा जारी करने में 10 से 15 दिन का समय लगेगा।

इसके बाद मुआवजे के चेक तैयार कर उन्हें वितरित करने में भी 15 से 20 दिन का समय लगेगा।

पिछली बार मिले 94 करोड़
पिछली बार गेहूं की फसल खराब होने के बाद प्रदेश भर में गिरदावरी कराई गई थी। इसमें प्रदेश के 22 जिलों को कुल 1092 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी किया गया था।

इसमें हिसार जिले को 94 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था। सबसे अधिक मुआवजा लेने वाले जिलों की सूची में हिसार का तीसरा स्थान था।

मुआवजे के लिए 16 दिन दिया धरना
सफेद मक्खी से खराब हुई फसलों की गिरदावरी के लिए किसानों की ओर से कई बार प्रदर्शन किया गया। इसके बाद किसानों ने 16 दिन तक लघु सचिवालय परिसर में कपास का मुआवजा 12 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की थी।


राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बाद में स्पष्ट किया कि कपास का मुआवजा अप्रैल में ही 12 हजार कर दिया गया था।

एसीएस एसएस ढिल्लो करीब दस दिन पहले गिरदावरी की पड़ताल करने आए थे। उनकी ओर से अनुशंसा नहीं आई है। उनकी रिपोर्ट को शामिल करते हुए जिले की फाइनल रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी।
- राजबीर धीमान, जिला राजस्व अधिकारी, हिसार

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