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सीसर में बिजली चोरी पकड़ने गई टीम को 4 घंटे बनाया बंधक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Aug 2021 12:57 AM IST
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The team that went to catch electricity theft in Caesar was held hostage for 4 hours
बिजली कर्मचारियों को घेरे हुए ग्रामीण। - फोटो : Hisar
बास। हिसार जिले के गांव सीसर में शनिवार सुबह बिजली चोरी पकड़ने गई टीम के कर्मचारियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने करीब सवा 7 बजे से सवा 11 बजे तक कर्मचारियों को बैठाए रखा। टीम में बिजली निगम के पांच और पुलिस महकमे के दो कर्मचारी शामिल थे। सूचना मिलने पर बास थाना प्रभारी परमजीत सिंह गांव में पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अधिकारियों को बुलाने पर अड़े रहे।
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इसके बाद थाना प्रभारी ने फोन पर नारनौंद के एसडीएम विकास यादव से ग्रामीणों की बात करवाई। करीब चार घंटे बाद कर्मचारियों को रिहा किया गया। ग्रामीणों ने सात सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है जो सोमवार को एसडीएम से मिलकर गांव की बिजली समस्या के बारे में अवगत करवाएगी।
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किसान नेता विकास सीसर, संजय सिंह, सुंदर सिंह, कर्मबीर, सुरेंद्र कुमार, हवा सिंह, पाला राम, दीप शर्मा, राधेश्याम शर्मा, राजेंद्र, अनिल ने बताया कि शनिवार को गांव सीसर में बिजली निगम की टीम चोरी पकड़ने के लिए सुबह सात बजे पहुंच गई। टीम में मुंढाल सब डिविजन के जेई रविंद्र कुमार, लाइनमैन मनोज बडाला व दलवीर, एएलएम दिलबाग व सुखबीर व दो पुलिस कर्मचारी शामिल थे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव ने सर्वसम्मति से फैसला किया हुआ है कि जब तक किसान आंदोलन चल रहा है, तब तक बिना सरपंच की मंजूरी के कोई भी सरकारी कर्मचारी गांव में नहीं घुसेगा, लेकिन शनिवार को बिजली निगम की टीम बिजली चोरी पकड़ने के लिए छापा मारने पहुंच गई। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें गांव की चौपाल में बैठा लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि न तो उन्हें बिजली दी जा रही है और न ही लटकते तार व ट्रांसफार्मर की शिकायतों पर सुनवाई हो रही है। वहीं अलसुबह या देर शाम निगम के कर्मचारी चेकिंग के नाम पर घरों में घुस जाते हैं।
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बिजली निगम की टीम के पास चेकिंग करने के लिखित में कोई आदेश साथ में नहीं थे। इसलिए ग्रामीणों ने कर्मचारियों को घेर लिया था और बाद में अधिकारियों से बातचीत होने के बाद उनका शक दूर हो गया था। उसके बाद ग्रामीणों ने कर्मचारियों को जाने दिया। मुंढाल एसडीओ को आदेश दे दिए गए हैं कि आगे से टीम के पास चेकिंग करने के आदेश साथ में होने चाहिए। - विकास यादव, एसडीएम, नारनौंद
कर्मचारियों को बंधक बनाने जैसी कोई बात नहीं थी। जब हम मौके पर पहुंचे तो सभी कर्मचारी आराम से बैठे थे। अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का जल्द समाधान की बात हो गई है। अगर ग्रामीण एसडीएम से मिलना चाहते हैं तो सोमवार को मिल सकते हैं। - परमजीत सिंह, थाना प्रभारी बास
रविंद्र जेई की टीम गांव सीसर में बिजली चोरी पकड़ने गई थी। वहां पर ग्रामीणों ने कर्मचारियों को घेर लिया और कहा कि गांव में सरपंच की इजाजत के बिना चेकिंग के लिए गांव में टीम नहीं आ सकती। कर्मचारी सरकारी आदेशों की पालना करते हुए चेकिंग के लिए जाते हैं। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। अगर जेई की तरफ से कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। - नरेश कुमार, एसडीओ, मुंढाल

कर्मचारियों पर दबाव बनाकर गांव में भेजा जा रहा
उधर, ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के प्रदेश प्रेस सचिव सुरेंद्र यादव व यूनिट प्रधान सुरेंद्र हुड्डा ने घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के ऊपर निगम मैनेजमेंट लगातार दबाव बना रहा है। इस कारण कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं। यूनियन नेताओं ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि चोरी करने वाले उपभोक्ताओं का साथ न दें। सरकार के आदेश पर ही बिजली चोरियां पकड़ी जा रही है। किसानों से अपील है कि बिजली कर्मचारी किसानों की सुविधा के लिए हर समय अपनी जान जोखिम में डालकर सप्लाई सुचारु रूप से चलाने का काम करते हैं। इसलिए इनको बंधक न बनाएं।
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