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फसल कटाई प्रयोग पर ही तय होगी जिले की औसत पैदावार : डॉ. देवेंद्र
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हिसार चंडीगढ़ से आए कृषि अर्थशास्त्री डॉ देवेंद्र श्योराण नरमा फसल का निरीक्षण करते हुए।
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हिसार। कृषि व किसान कल्याण विभाग के अर्थशास्त्री डॉ देवेंद्र श्योराण ने जिले के गांव मय्यड़, दाहिमा, चिकनवास व खेड़ी बर्की में फसल कटाई प्रयोग का निरीक्षण किया। उन्होंने जिले के सभी गावों में फसल कटाई प्रयोग का कार्य कर रहे कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान खरीफ सीजन में यह कार्य ध्यानपूर्वक करें। इन्हीं के आधार पर प्रत्येक गांव की औसत पैदावार तय की जाएगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों का क्लेम भी इन्ही के आधार पर ही निर्धारित किया जाएगा।
अर्थशास्त्री डॉ. श्योराण द्वारा फसल कटाई प्रयोगों के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की जिले के सभी गावों में ड्यूटी लगाई गई है, जिनके द्वारा प्रत्येक गांव में फसल कटाई प्रयोग किए जा रहे हैं। आंकड़ों में शुद्धता लाने के उद्देश्य से ही इस कार्य को किया जा रहा है। उन्होंने अपील की है कि किसान अपनी धान की फसल काटने के बाद अवशेष न जलाएं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि प्रत्येक गांव में रैंडम नंबर एवं स्मार्ट सैंपलिंग के माध्यम से फसल के लिए खेत का चयन किया गया, ताकि गांव स्तर की औसत पैदावार निकाली जा सके। इस अवसर पर सांख्यिकी अधिकारी संजय, डॉ. शमशेर सिंह, कृषि विकास अधिकारी डॉ. राजीव भाटिया, सांख्यिकी सहायक ईश्वर सिंह, सरिता, विषय विशेषज्ञ डॉ. रवि उपस्थित रहे।
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अर्थशास्त्री डॉ. श्योराण द्वारा फसल कटाई प्रयोगों के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की जिले के सभी गावों में ड्यूटी लगाई गई है, जिनके द्वारा प्रत्येक गांव में फसल कटाई प्रयोग किए जा रहे हैं। आंकड़ों में शुद्धता लाने के उद्देश्य से ही इस कार्य को किया जा रहा है। उन्होंने अपील की है कि किसान अपनी धान की फसल काटने के बाद अवशेष न जलाएं।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि प्रत्येक गांव में रैंडम नंबर एवं स्मार्ट सैंपलिंग के माध्यम से फसल के लिए खेत का चयन किया गया, ताकि गांव स्तर की औसत पैदावार निकाली जा सके। इस अवसर पर सांख्यिकी अधिकारी संजय, डॉ. शमशेर सिंह, कृषि विकास अधिकारी डॉ. राजीव भाटिया, सांख्यिकी सहायक ईश्वर सिंह, सरिता, विषय विशेषज्ञ डॉ. रवि उपस्थित रहे।
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