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टीबी से दुष्कर्म पीड़िता की मौत, चार महीने से परिवार से छिपकर रह रहे थे मानसा
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हिसार। शहर निवासी एक दुष्कर्म पीड़िता की वीरवार को टीबी के चलते नागरिक अस्पताल में मौत हो गई। वहीं आरोपी को भी टीबी बताया जा रहा है। फिलहाल उसका नागरिक अस्पताल में उपचार जारी है। शुक्रवार को शव का चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
मिलगेट थाने में दर्ज हुआ था गुमशुदगी का मामला
दरअसल 24 अप्रैल को नाबालिग के पिता की शिकायत पर मिलगेट थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज करवाया गया था। बाद में पता चला कि उसे आरोपी युवक बहला-फुसलाकर ले गया था। जिस दिन गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ था, उस दिन पीड़िता के पिता ने बताया था कि वह जाते समय वह अपने सारे कागजात, दस हजार रुपये नकद, पैरों की चुटकी, पाजेब, कानों के झुमके भी ले गई थी।
एक महीने से हिसार में थी पीड़िता, परिवार वालों को नहीं थी जानकारी
पीड़िता की माता ने बताया कि आरोपी युवक उसकी बेटी को लेकर मानसा चला गया था। वहां पर आरोपी ने उसकी बेटी को तीन महीने बंद कमरे में रखा। उसके बाद उसे अगस्त में हिसार अपने घर लाया, लेकिन उन्हें जानकारी नहीं दी गई। पीड़िता ने बताया कि करीब दो दिन पहले नागरिक अस्पताल में दाखिल उसकी बेटी के कहने पर आरोपी युवक ने उसे सूचना दी। जिसके बाद उसने अपनी बेटी से बात की तो उसे पता चला कि वह मानसा गए थे।
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बंद कमरे में रहने से लगी बीमारी
परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने उसकी बेटी को बंद कमरे में रखा था। जिस कारण उसे एलर्जी व टीबी हुई। उसका आरोपी युवक पति बनकर रोहतक पीजीआई व अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज करवाता रहा। उस दौरान उन्होंने शादी भी नहीं की थी। उन्होंने पीड़िता के 11 अक्तूबर को बालिग होने पर कोर्ट मैरिज की थी। पीड़िता के इलाज के लिए आरोपी ने करीब सप्ताह पहले अपने घर पर ऑक्सीजन सिलिंडर भी मंगवाया था।
पीड़िता को स्कूल जाते समय ऑटो में बिठाता था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवक ऑटो चालक था। पीड़िता जब स्कूल जाती थी तो आरोपी उसके घर से कुछ दूरी पर उसे ऑटो में बिठाकर स्कूल छोड़ने जाता था। इसी बीच उनमें दोस्ती हुई थी। वहीं जांच में सामने आया कि आरोपी युवक नशे का आदी था। उसे भी टीबी बताई जा रही है। फिलहाल उसे भी शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि उसके ठीक होने पर उसे हिरासत में लिया जाएगा।
शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया है। आरोपी के खिलाफ अब पोक्सो सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
- इंस्पेक्टर संदीप, मिलगेट थाना प्रभारी, हिसार।
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मिलगेट थाने में दर्ज हुआ था गुमशुदगी का मामला
दरअसल 24 अप्रैल को नाबालिग के पिता की शिकायत पर मिलगेट थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज करवाया गया था। बाद में पता चला कि उसे आरोपी युवक बहला-फुसलाकर ले गया था। जिस दिन गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ था, उस दिन पीड़िता के पिता ने बताया था कि वह जाते समय वह अपने सारे कागजात, दस हजार रुपये नकद, पैरों की चुटकी, पाजेब, कानों के झुमके भी ले गई थी।
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एक महीने से हिसार में थी पीड़िता, परिवार वालों को नहीं थी जानकारी
पीड़िता की माता ने बताया कि आरोपी युवक उसकी बेटी को लेकर मानसा चला गया था। वहां पर आरोपी ने उसकी बेटी को तीन महीने बंद कमरे में रखा। उसके बाद उसे अगस्त में हिसार अपने घर लाया, लेकिन उन्हें जानकारी नहीं दी गई। पीड़िता ने बताया कि करीब दो दिन पहले नागरिक अस्पताल में दाखिल उसकी बेटी के कहने पर आरोपी युवक ने उसे सूचना दी। जिसके बाद उसने अपनी बेटी से बात की तो उसे पता चला कि वह मानसा गए थे।
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बंद कमरे में रहने से लगी बीमारी
परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने उसकी बेटी को बंद कमरे में रखा था। जिस कारण उसे एलर्जी व टीबी हुई। उसका आरोपी युवक पति बनकर रोहतक पीजीआई व अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज करवाता रहा। उस दौरान उन्होंने शादी भी नहीं की थी। उन्होंने पीड़िता के 11 अक्तूबर को बालिग होने पर कोर्ट मैरिज की थी। पीड़िता के इलाज के लिए आरोपी ने करीब सप्ताह पहले अपने घर पर ऑक्सीजन सिलिंडर भी मंगवाया था।
पीड़िता को स्कूल जाते समय ऑटो में बिठाता था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवक ऑटो चालक था। पीड़िता जब स्कूल जाती थी तो आरोपी उसके घर से कुछ दूरी पर उसे ऑटो में बिठाकर स्कूल छोड़ने जाता था। इसी बीच उनमें दोस्ती हुई थी। वहीं जांच में सामने आया कि आरोपी युवक नशे का आदी था। उसे भी टीबी बताई जा रही है। फिलहाल उसे भी शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि उसके ठीक होने पर उसे हिरासत में लिया जाएगा।
शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया है। आरोपी के खिलाफ अब पोक्सो सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
- इंस्पेक्टर संदीप, मिलगेट थाना प्रभारी, हिसार।
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