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सिलेबस में जोड़ने से पहले ही पूछ लिया सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Wed, 30 Sep 2015 01:14 AM IST
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शिक्षा विभाग ने अभी तक योग को सिलेबस में नहीं जोड़ा है। मगर बोर्ड परीक्षाओं में योग से संबंधित प्रश्न पूछा गया। पेपर में यह प्रश्न देखकर परीक्षार्थी भी परेशान हो गए।
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हालांकि इस प्रश्न के विकल्प में एक दूसरा प्रश्न भी पूछा गया था। इस प्रश्न को देखकर परीक्षार्थियों ने राहत की सांस ली। ज्यादातर विद्यार्थियों ने फिर इसी प्रश्न का उत्तर दिया।
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यह था प्रश्न
मंगलवार को दसवीं का हिंदी विषय का पेपर था। इस पेपर में परीक्षार्थियों को एक प्रार्थना पत्र भी लिखना था। प्रार्थना पत्र में परीक्षार्थियों को विषय दिए गए थे, जिनमें से एक विषय पर उन्हें यह प्रार्थना पत्र लिखना था। इनमें से एक का विषय योगासन था।
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इसमें परीक्षार्थियों को योगासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपने मित्र को एक पत्र लिखना था। क्योंकि यह विषय परीक्षार्थियों ने पढ़ा नहीं था, तो इसे देखकर परीक्षार्थी हैरान हो गए। उन्होंने ड्यूटी दे रहे शिक्षकों से इस बारे में पूछा तो शिक्षकों ने उन्हें विकल्प में दिए गए दूसरे प्रश्न को करने की सलाह दे दी।
योग को सिलेबस में जोड़ने की उठ चुकी मांग
प्रदेश की बीजेपी सरकार कई बार यह बयान दे चुकी है कि नए सत्र से योग को सिलेबस में जोड़ा जाएगा और इसे बच्चों को स्कूलों में पढ़ाया जाएगा। हालांकि अभी तक इसे सिलेबस में जोड़ा नहीं गया है। उल्लेखनीय है कि बीजेपी सरकार आने के बाद से योग का खूब प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। यही नहीं सरकार ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया था।