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Hisar News: खेड़ी चौपटा से पैदल दिल्ली के लिए रवाना हुए सुरेश कोथ को पुलिस ने पकड़ा, रात दस बजे छोड़ा
Mon, 19 Feb 2024 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 19 Feb 2024 01:35 AM IST
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नारनौंद खेड़ी चौपटा धरने पर मौजूद किसानों को संबोधित करते किसान नेता विकास सीसर।
नारनौंद (हिसार)। हिसार जिले के किसानों की ओर से आह्वान किया गया था कि 18 फरवरी को खेड़ी चौपटा में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे और पंजाब के किसानों के समर्थन में किस बॉर्डर पर जाना है, इस बात का निर्णय भी वहीं पर किया जाएगा। दोपहर करीब 12 बजे भारतीय किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सुरेश कोथ खेड़ी चौपटा धरने से पैदल ही दिल्ली जाने के लिए चल पड़े। धरने से करीब एक किलोमीटर दूर जाते ही पुलिस ने उनको पकड़ लिया। सुरेश कोथ की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर किसानों ने रोष जताया और किसान नेता सुरेश कोथ की रिहाई की मांग की। वहीं किसान नेता रवि आजाद को भी पुलिस ने भिवानी-हांसी मार्ग पर पकड़ लिया। दोनों नेताओं को पुलिस ने किसानों के विरोध के बाद रात दस बजे छोड़ दिया।
खेड़ी चौपटा के नारनौंद रोड पर चल रहे पक्के मोर्चे पर रविवार को 700 से 800 किसान एकत्रित हुए। प्रशासनिक अमला भी किसानों से बातचीत करने के लिए पहुंचा, जिसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट हांसी द्वितीय खंड के बीडीपीओ अशोक मेहरा, नारनौंद के डीएसपी राज सिंह, हांसी के डीएसपी रविंद्र सांगवान ने किसानों से बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की।
किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि हमारा दिल्ली कूच का कार्यक्रम है। पंजाब के किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे थे, लेकिन सरकार ने उनका लाठी, डंडों व गैस के गोलों के साथ स्वागत किया है। इस बात को लेकर किसानों में रोष है। किसान नेता विकास सीसर ने कहा कि रविवार से खेड़ी चौपटा पर हिसार जिले के किसानों ने पक्का मोर्चा लगा दिया है। सरकार व प्रशासन द्वारा जिस प्रकार से किसानों पर अत्याचार किए जा रहे हैं किसान उसको किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। धरने पर किसान नेता रणधीर मिलकपुर, पूर्व जिला पार्षद रमेश, धर्मपाल बडाला, राजकुमार राखी, कुलदीप खरड़, कैलाश मलिक, जोगेंद्र मय्यड़, साधु खेड़ी, अजीत धनाना, मुकेश उमरा, दीपक पंडित, काला गामडा, राममेहर जांगड़ा, सोमबीर भगाना, सुंदर पनिहारी, जोरा राखी, लीला राखी गढ़ी, काला व मनीष इत्यादि मौजूद रहे।
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बैठक में ये लिए निर्णय
बैठक में निर्णय लिया कि रविवार को किसानों की सरकार के साथ वार्ता है अगर यह सफल हो जाती है तो बॉर्डरों पर डटे किसानों के संदेश का उन्हें इंतजार रहेगा। अगर किसान उनको बॉर्डर पर बुलाते हैं, तो वह सोमवार सुबह ही बॉर्डर के लिए कूच करेंगे। सोमवार सुबह खापों व अन्य किसान संगठनों के सदस्यों से संपर्क कर उनको भी धरने पर बुलाया जाएगा।
कमेटी में इन्हें किया शामिल
आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए के लिए किसानों ने 13 सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया है। इसमें किसान नेता विकास सीसर, धर्मपाल बडाला, साधु खेड़ी लोहचब, अजीत धनाना, रामफल खानपुर, कैलाश उमरा, सतीश घिराय, कुलदीप खरड़, रोहतास डाटा, संदीप खेड़ी जालब, बलबीर मसूदपुर, रणधीर मलिक सात बास को शामिल किया गया है।
बाराह खाप ने किया खाने का इंतजाम
धरने पर मौजूद किसानों के लिए रात के खाने का इंतजाम बाराह खाप की तरफ से किया गया। खाप के प्रत्येक गांव से रोटी और सब्जी बनाकर लाई जाएगी। वहीं किसानों को यह भी आदेश दिए गए कि रात को धरने पर ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी हाजिरी दे ताकि प्रशासन के अधिकारी उनको परेशान न करे।
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खेड़ी चौपटा के नारनौंद रोड पर चल रहे पक्के मोर्चे पर रविवार को 700 से 800 किसान एकत्रित हुए। प्रशासनिक अमला भी किसानों से बातचीत करने के लिए पहुंचा, जिसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट हांसी द्वितीय खंड के बीडीपीओ अशोक मेहरा, नारनौंद के डीएसपी राज सिंह, हांसी के डीएसपी रविंद्र सांगवान ने किसानों से बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की।
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किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि हमारा दिल्ली कूच का कार्यक्रम है। पंजाब के किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे थे, लेकिन सरकार ने उनका लाठी, डंडों व गैस के गोलों के साथ स्वागत किया है। इस बात को लेकर किसानों में रोष है। किसान नेता विकास सीसर ने कहा कि रविवार से खेड़ी चौपटा पर हिसार जिले के किसानों ने पक्का मोर्चा लगा दिया है। सरकार व प्रशासन द्वारा जिस प्रकार से किसानों पर अत्याचार किए जा रहे हैं किसान उसको किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। धरने पर किसान नेता रणधीर मिलकपुर, पूर्व जिला पार्षद रमेश, धर्मपाल बडाला, राजकुमार राखी, कुलदीप खरड़, कैलाश मलिक, जोगेंद्र मय्यड़, साधु खेड़ी, अजीत धनाना, मुकेश उमरा, दीपक पंडित, काला गामडा, राममेहर जांगड़ा, सोमबीर भगाना, सुंदर पनिहारी, जोरा राखी, लीला राखी गढ़ी, काला व मनीष इत्यादि मौजूद रहे।
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बैठक में ये लिए निर्णय
बैठक में निर्णय लिया कि रविवार को किसानों की सरकार के साथ वार्ता है अगर यह सफल हो जाती है तो बॉर्डरों पर डटे किसानों के संदेश का उन्हें इंतजार रहेगा। अगर किसान उनको बॉर्डर पर बुलाते हैं, तो वह सोमवार सुबह ही बॉर्डर के लिए कूच करेंगे। सोमवार सुबह खापों व अन्य किसान संगठनों के सदस्यों से संपर्क कर उनको भी धरने पर बुलाया जाएगा।
कमेटी में इन्हें किया शामिल
आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए के लिए किसानों ने 13 सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया है। इसमें किसान नेता विकास सीसर, धर्मपाल बडाला, साधु खेड़ी लोहचब, अजीत धनाना, रामफल खानपुर, कैलाश उमरा, सतीश घिराय, कुलदीप खरड़, रोहतास डाटा, संदीप खेड़ी जालब, बलबीर मसूदपुर, रणधीर मलिक सात बास को शामिल किया गया है।
बाराह खाप ने किया खाने का इंतजाम
धरने पर मौजूद किसानों के लिए रात के खाने का इंतजाम बाराह खाप की तरफ से किया गया। खाप के प्रत्येक गांव से रोटी और सब्जी बनाकर लाई जाएगी। वहीं किसानों को यह भी आदेश दिए गए कि रात को धरने पर ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी हाजिरी दे ताकि प्रशासन के अधिकारी उनको परेशान न करे।

नारनौंद खेड़ी चौपटा धरने पर मौजूद किसानों को संबोधित करते किसान नेता विकास सीसर।