{"_id":"6560f0783d489c45b306d2c4","slug":"study-is-taking-place-while-sitting-on-the-cold-floor-windows-and-doors-in-the-rooms-are-also-broken-hisar-news-c-126-1-cdr1001-9762-2023-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: ठंडे फर्श पर बैठकर हो रही पढ़ाई, कमरों में खिड़कियां और दरवाजे भी टूटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: ठंडे फर्श पर बैठकर हो रही पढ़ाई, कमरों में खिड़कियां और दरवाजे भी टूटे
Sat, 25 Nov 2023 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 25 Nov 2023 12:20 AM IST
विज्ञापन
झोझूकलां मॉडल संस्कृति स्कूल में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करतीं छात्राएं।
चरखी दादरी/झोझूकलां। सर्दी का आगाज हो गया है और जिले का न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री है। बावजूद इसके राजकीय स्कूल भवनों में विद्यार्थियों को ठंड से बचाने के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। कई स्कूलों में बेंचों की कमी बनी है जबकि कुछ स्कूलों के कक्षा कक्ष में जंगलों की खिड़कियां टूटी हुई हैं।
इस तरफ विभाग और शिक्षकों के ध्यान न देने से विद्यार्थियों को आगामी दिनों में सर्दी का सितम झेलना पड़ेगा। अगर विद्यार्थियों को ठंड से बचाना है तो विभाग, प्रशासन और सरकार को राजकीय स्कूलों में बनी खामियों की ओर समय रहते ध्यान देना पड़ेगा। शुक्रवार को विभिन्न राजकीय स्कूलों का जायजा लिया गया तो चौकाने वाले हालात सामने आए।
जानिये...किस स्कूल में क्या मिली स्थिति
केस:1- झोझूकलां मॉडल संस्कृति स्कूल में टाट-पट्टी पर बैठने को विवश छात्राएं
झोझूकलां स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल में सुविधाओं की कमी के चलते छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां डेस्क की कमी बनी है। इसके चलते छात्राएं जमीन पर बिछी टाट-पट्टी पर बैठने को विवश हैं। यहां छात्राओं की संख्या करीब 500 है। कई बार डिमांड भेजने के बाद भी यहां डेस्क नहीं पहुंचे हैं।
विज्ञापन
केस:2- प्राइमरी स्कूल में 60 बेंच की कमी, जमीन पर बैठ रहे मासूम
झोझूकलां प्राइमरी स्कूल में भी बेंच की कमी बनी है। आलम ये है कि ये प्राइमरी पाठशाला महज एक स्टाफ सदस्य के सहारे चल रही है। इस स्कूल में विद्यार्थी संख्या 57 है। विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए 60 बेंच की मांग की गई है। हालांकि फिलहाल स्कूल परिसर में बेंच उपलब्ध नहीं हुए हैं।
केस:3- चंपापुरी प्राइमरी स्कूल में दरी पर बैठकर विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई
चंपापुरी में शिक्षा विभाग की ओर से एक प्राइमरी स्कूल चलाया जा रहा है। स्कूल धर्मशाला भवन में चल रहा है और यहां भी विद्यार्थियों के सुविधाएं नहीं हैं। खासकर बेंच की कमी लंबे समय से बनी हुई है। यहां करीब 90 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। बेंच की कमी के चलते वो दरी पर बैठने को विवश हैं। बेंच की डिमांड विभाग को दी जा चुकी है।
केस:4- काठमंडी स्थित कन्या स्कूल के जंगलों की खिड़कियां टूटी पड़ी हैं
काठमंडी क्षेत्र स्थित राजकीय कन्या स्कूल में शहर और बाहरी क्षेत्रों में बसी कॉलोनियों की छात्राएं पढ़ने आती हैं। यहां छात्राओं की संख्या 550 से अधिक है। कमरों में लगे जंगलों की खिड़कियां टूटी पड़ी हैं। आने वाले समय में ठंड बढ़ने पर हवा का झोंका क्लासरूम में बैठी छात्राओं तक सीधे पहुंचेगा। खिड़कियों को दुरुस्त कराने की दरकार है।
केस:5- सबसे अधिक छात्र संख्या वाले स्कूल में नहीं पुख्ता प्रबंध
सरदार झाडू सिंह चौक के समीप स्थित शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के पुराने भवन में विद्यार्थियों को ठंड से बचाने के पुख्ता प्रबंध नहीं है। भवन परिसर में बने कमरों के जंगलों की खिड़कियां टूटी पड़ी हैं जबकि रोशनदान भी खुले पड़े हैं। खास बात ये है कि छात्र संख्या के मामले में ये स्कूल सभी राजकीय स्कूलों से आगे है।
- ये है जिले के राजकीय स्कूलों का ब्योरा
जिला में 364 प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इनमें प्राइमरी स्कूल संख्या 120 है। जिले के राजकीय स्कूलों में कुल विद्यार्थी संख्या 46 हजार से ज्यादा है। ज्यादातर राजकीय स्कूलों के भवन करीब 50 वर्ष पुराने हैं और कुछ स्कूलों में नया भवन बनाने की दरकार है।
डीपीसी से रिपोर्ट लेकर जल्द ही राजकीय स्कूलों के दरवाजे और खिड़कियां दुरुस्त करवा दिए जाएंगे। बेंच की डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही स्कूलों में बेंच मुहैया करवा दिए जाएंगे।
-कृष्णा फौगाट, डीईओ, चरखी दादरी
विज्ञापन
इस तरफ विभाग और शिक्षकों के ध्यान न देने से विद्यार्थियों को आगामी दिनों में सर्दी का सितम झेलना पड़ेगा। अगर विद्यार्थियों को ठंड से बचाना है तो विभाग, प्रशासन और सरकार को राजकीय स्कूलों में बनी खामियों की ओर समय रहते ध्यान देना पड़ेगा। शुक्रवार को विभिन्न राजकीय स्कूलों का जायजा लिया गया तो चौकाने वाले हालात सामने आए।
विज्ञापन
जानिये...किस स्कूल में क्या मिली स्थिति
केस:1- झोझूकलां मॉडल संस्कृति स्कूल में टाट-पट्टी पर बैठने को विवश छात्राएं
झोझूकलां स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल में सुविधाओं की कमी के चलते छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां डेस्क की कमी बनी है। इसके चलते छात्राएं जमीन पर बिछी टाट-पट्टी पर बैठने को विवश हैं। यहां छात्राओं की संख्या करीब 500 है। कई बार डिमांड भेजने के बाद भी यहां डेस्क नहीं पहुंचे हैं।
विज्ञापन
केस:2- प्राइमरी स्कूल में 60 बेंच की कमी, जमीन पर बैठ रहे मासूम
झोझूकलां प्राइमरी स्कूल में भी बेंच की कमी बनी है। आलम ये है कि ये प्राइमरी पाठशाला महज एक स्टाफ सदस्य के सहारे चल रही है। इस स्कूल में विद्यार्थी संख्या 57 है। विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए 60 बेंच की मांग की गई है। हालांकि फिलहाल स्कूल परिसर में बेंच उपलब्ध नहीं हुए हैं।
केस:3- चंपापुरी प्राइमरी स्कूल में दरी पर बैठकर विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई
चंपापुरी में शिक्षा विभाग की ओर से एक प्राइमरी स्कूल चलाया जा रहा है। स्कूल धर्मशाला भवन में चल रहा है और यहां भी विद्यार्थियों के सुविधाएं नहीं हैं। खासकर बेंच की कमी लंबे समय से बनी हुई है। यहां करीब 90 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। बेंच की कमी के चलते वो दरी पर बैठने को विवश हैं। बेंच की डिमांड विभाग को दी जा चुकी है।
केस:4- काठमंडी स्थित कन्या स्कूल के जंगलों की खिड़कियां टूटी पड़ी हैं
काठमंडी क्षेत्र स्थित राजकीय कन्या स्कूल में शहर और बाहरी क्षेत्रों में बसी कॉलोनियों की छात्राएं पढ़ने आती हैं। यहां छात्राओं की संख्या 550 से अधिक है। कमरों में लगे जंगलों की खिड़कियां टूटी पड़ी हैं। आने वाले समय में ठंड बढ़ने पर हवा का झोंका क्लासरूम में बैठी छात्राओं तक सीधे पहुंचेगा। खिड़कियों को दुरुस्त कराने की दरकार है।
केस:5- सबसे अधिक छात्र संख्या वाले स्कूल में नहीं पुख्ता प्रबंध
सरदार झाडू सिंह चौक के समीप स्थित शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के पुराने भवन में विद्यार्थियों को ठंड से बचाने के पुख्ता प्रबंध नहीं है। भवन परिसर में बने कमरों के जंगलों की खिड़कियां टूटी पड़ी हैं जबकि रोशनदान भी खुले पड़े हैं। खास बात ये है कि छात्र संख्या के मामले में ये स्कूल सभी राजकीय स्कूलों से आगे है।
- ये है जिले के राजकीय स्कूलों का ब्योरा
जिला में 364 प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इनमें प्राइमरी स्कूल संख्या 120 है। जिले के राजकीय स्कूलों में कुल विद्यार्थी संख्या 46 हजार से ज्यादा है। ज्यादातर राजकीय स्कूलों के भवन करीब 50 वर्ष पुराने हैं और कुछ स्कूलों में नया भवन बनाने की दरकार है।
डीपीसी से रिपोर्ट लेकर जल्द ही राजकीय स्कूलों के दरवाजे और खिड़कियां दुरुस्त करवा दिए जाएंगे। बेंच की डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही स्कूलों में बेंच मुहैया करवा दिए जाएंगे।
-कृष्णा फौगाट, डीईओ, चरखी दादरी