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प्रशासन का सहयोग नहीं किया तो तीन सरपंचों को सस्पेंड करने का नोटिस, 14 किसानों पर केस दर्ज

Wed, 06 Nov 2019 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 12:36 AM IST
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stubble burning
एसटीएफ टीम द्वारा चोरी की गाड़ी सहित गिरफ्तार किए गए आरोपी। - फोटो : Hisar
जिले में धान की पराली जलाने पर रोक लगाने में प्रशासन के साथ सहयोग न करने पर उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने तीन गांवों के सरपंचों को सस्पेंड करने का नोटिस जारी किया है। इसके अलावा पराली जलाने वाले 14 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है। मंगलवार शाम कॉन्फ्रेंस कक्ष में सभी एसडीएम व अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक के दौरान उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने खेतों में अथवा किसी अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आग लगाने वालों के साथ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।
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उपायुक्त ने बताया कि बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए जिले में धारा 144 लागू की हुई है और इस विषय बारे सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार खुले में कूड़ा जलाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है जिस बारे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। यदि कहीं भी आग लगाने का मामला नोटिस में आता है तो तुरंत संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए तथा उससे जुर्माना अदा करने का नोटिस जारी किया जाए।
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उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने प्रदूषण पर रोक लगाने के संबंध में स्पष्ट रूप से सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों से लेकर सरपंच तक की जिम्मेदारी निर्धारित है। यदि किसी गांव में पराली जलाने का प्रयास किया जाता है तो जनप्रतिनिधि होने के नाते सरपंच उन्हें ऐसा करने से रोके। फिर भी न मानने पर सरपंच ऐसे लोगों की सूचना प्रशासन को दें और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में सहयोग करें।
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इन गांवों के सरपांचों पर कार्रवाई
इसी परिप्रेक्ष्य में जिले के गांव बिठमड़ा, चमारखेड़ा व घिराय के सरपंचों को पराली जलाने में रोक न लगाने के मामले का दोषी पाते हुए मंगलवार को उन्हें सस्पेंड करने का नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी नंबरदार भी अपने क्षेत्र के लोगों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करें।
ग्राम स्तरीय कमेटियां करें निगरानी
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे अपने उपमंडल के अधीन आने वाले सभी गांवों में ग्राम स्तरीय कमेटियों को सक्रिय करें, जिससे प्रतिदिन 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित हो कि गांव में कहीं भी पराली में आग नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को अपने क्षेत्र में नियमित रूप से क्षेत्र में जाकर गांवों का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला में जितने भी कॉमन हायरिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं, उनके कृषि उपकरणों का उपयोग किसानों द्वारा किया जा रहा है अथवा नहीं तथा आज तक कितने एकड़ भूमि पर इनका उपयोग किया गया है। इसके अलावा उपायुक्त ने सभी नगर निकायों के अधिकारियों को ऐसे लोगों के चालान करने के निर्देश दिए, जो खुले में कूड़ा जलाते मिलें। उन्होंने कहा कि पराली अथवा कूड़ा जलाने के प्रत्येक मामले में किसी प्रकार की ढील न बरती जाए। यदि अधिकारी-कर्मचारी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक शिवचरण, नगर निगम आयुक्त डॉ. जेके आभीर, हांसी एसडीएम वीरेंद्र सहरावत, बरवाला एसडीएम शालिनी चेतल, हिसार एसडीएम परमजीत सिंह, नारनौंद एसडीएम सुरेंद्र सिंह, सीटीएम अश्वीर सिंह, डीडीपीओ सूरजभान, डीडीए डॉ. विनोद फौगाट, सभी तहसीलदार व बीडीपीओ भी मौजूद थे।

इन किसानों के खिलाफ केस दर्ज
पराली जलाने पर तलवंडी राणा निवासी हरि प्रसाद व कृष्ण कुमार, कालीरावण निवासी वेदप्रकाश, नियाणा निवासी विनोद सारस्वत व चंदू, गांव बिठमड़ा निवासी जयबीर सिंह व धीरा, साबरवास निवासी राजेश कुमार, कनोह निवासी रामकुमार आदि के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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