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Hisar News: प्रशासन की अनदेखी से खफा सेक्टर-33 वासियों का अल्टीमेटम, 15 दिन में समाधान नहीं तो करेंगे प्रदर्शन
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सेक्टर की समस्याओं को लेकर मेयर प्रवीन पोपली से मिलने पहुंचे सेक्टर-33 रेजिडेंट सभा के सदस्य।
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हिसार। सेक्टर-33 में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासन की लगातार अनदेखी से नाराज निवासियों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। रेजिडेंट सभा ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में उनकी 15 सूत्रीय मांगों का ठोस समाधान नहीं हुआ, तो सेक्टरवासी सड़कों पर उतर कर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
गुरुवार को रेजिडेंट सभा ने मेयर के माध्यम से एचएसवीपी प्रशासक और उपायुक्त के नाम एक बार फिर ज्ञापन सौंपा। रेजिडेंट सभा के प्रधान बलवान शर्मा और आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान राजपाल नैन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन समस्याओं को लेकर सबसे पहले 22 जून को एचएसवीपी प्रशासक को ज्ञापन दिया गया था। इसके बाद उपायुक्त, मेयर, संपदा अधिकारी, अधीक्षक अभियंता, एसडीओ और जेई से लिखित व व्यक्तिगत रूप से कई बार संपर्क किया गया।
पदाधिकारियों ने बताया कि 19, 23, 30 जुलाई के साथ-साथ 4, 5, 11, 21 अगस्त और हाल ही में 2 सितंबर को भी अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन मिलने के बाद मेयर ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर समस्याओं के जल्द समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान साधुराम भ्याण, पार्षद प्रतिनिधि अनिल जैन, जगदीश गोदारा, दीपक, श्याम लाल राजलीवाला, बलदेव बागला, दलीप गोदारा, मनोज कुंडू और हरपाल सिंह समेत कई सेक्टरवासी मौजूद रहे।
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इन प्रमुख मांगों पर है सेक्टरवासियों का जोर
जलघर और पावर हाउस: सेक्टर के आरक्षित स्थान पर पावर हाउस एवं नए जलघर का निर्माण किया जाए।
सामुदायिक केंद्र: निवासियों की सुविधा के लिए कम्युनिटी सेंटर की स्थापना हो।
अधूरा मार्ग: सिरसा चुंगी से सेक्टर के प्रवेश मार्ग के अधूरे हिस्से का निर्माण जल्द पूरा किया जाए।
सड़क का चौड़ीकरण: सेक्टर-33 और सेक्टर-14 के बीच बनी टेढ़ी-मेढ़ी डिवाइडर रोड को सीधा किया जाए।
आवारा पशु: आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं की समस्या से स्थायी निजात दिलाई जाए।
मोबाइल टावर: मोबाइल टावर लगाने के लिए कोई उचित स्थान उपलब्ध करवाया जाए।
पेयजल संकट (सबसे बड़ी समस्या): सेक्टर-33, सेक्टर-14 और 14 पार्ट-2 में एक ही समय पर पानी की कॉमन सप्लाई आती है, जिससे सेक्टर-33 में पानी बेहद कम दबाव (लो प्रेशर) से पहुंचता है। 10-12 बार शिकायत करने के बावजूद यह जल संकट जस का तस बना हुआ है।
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गुरुवार को रेजिडेंट सभा ने मेयर के माध्यम से एचएसवीपी प्रशासक और उपायुक्त के नाम एक बार फिर ज्ञापन सौंपा। रेजिडेंट सभा के प्रधान बलवान शर्मा और आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान राजपाल नैन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन समस्याओं को लेकर सबसे पहले 22 जून को एचएसवीपी प्रशासक को ज्ञापन दिया गया था। इसके बाद उपायुक्त, मेयर, संपदा अधिकारी, अधीक्षक अभियंता, एसडीओ और जेई से लिखित व व्यक्तिगत रूप से कई बार संपर्क किया गया।
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पदाधिकारियों ने बताया कि 19, 23, 30 जुलाई के साथ-साथ 4, 5, 11, 21 अगस्त और हाल ही में 2 सितंबर को भी अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन मिलने के बाद मेयर ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर समस्याओं के जल्द समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान साधुराम भ्याण, पार्षद प्रतिनिधि अनिल जैन, जगदीश गोदारा, दीपक, श्याम लाल राजलीवाला, बलदेव बागला, दलीप गोदारा, मनोज कुंडू और हरपाल सिंह समेत कई सेक्टरवासी मौजूद रहे।
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इन प्रमुख मांगों पर है सेक्टरवासियों का जोर
जलघर और पावर हाउस: सेक्टर के आरक्षित स्थान पर पावर हाउस एवं नए जलघर का निर्माण किया जाए।
सामुदायिक केंद्र: निवासियों की सुविधा के लिए कम्युनिटी सेंटर की स्थापना हो।
अधूरा मार्ग: सिरसा चुंगी से सेक्टर के प्रवेश मार्ग के अधूरे हिस्से का निर्माण जल्द पूरा किया जाए।
सड़क का चौड़ीकरण: सेक्टर-33 और सेक्टर-14 के बीच बनी टेढ़ी-मेढ़ी डिवाइडर रोड को सीधा किया जाए।
आवारा पशु: आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं की समस्या से स्थायी निजात दिलाई जाए।
मोबाइल टावर: मोबाइल टावर लगाने के लिए कोई उचित स्थान उपलब्ध करवाया जाए।
पेयजल संकट (सबसे बड़ी समस्या): सेक्टर-33, सेक्टर-14 और 14 पार्ट-2 में एक ही समय पर पानी की कॉमन सप्लाई आती है, जिससे सेक्टर-33 में पानी बेहद कम दबाव (लो प्रेशर) से पहुंचता है। 10-12 बार शिकायत करने के बावजूद यह जल संकट जस का तस बना हुआ है।