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Hisar News: संघ विचारक दत्तोपंत ठेंगड़ी के नाम पर जीजेयू में स्थापित होगा आसन
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विचारक दत्तोपंत ठेंगड़ी की फोटो।
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं अर्थशास्त्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के नाम पर एक प्रेरणास्रोत आसन (चेयर) की स्थापना की जाएगी। इस चेयर का उद्देश्य ठेंगड़ी के जीवन कार्यों व उनकी शिक्षाओं पर शोध कार्य कर उन्हें नई पीढ़ी से अवगत कराना होगा। ठेंगड़ी से नामित एक शोध निधि (रिसर्च फंड) बनाई जाएगी। उनके जीवन से जुड़ा संपूर्ण साहित्य विश्वविद्यालय में उपलब्ध करवाया जाएगा।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि इससे अर्थशास्त्र के क्षेत्र में शोध कर रहे विद्वानों और भविष्य के उभरते हुए अर्थशास्त्रियों को शोध की नई दिशा मिलेगी। महान अर्थशास्त्री, राष्ट्र ऋषि दतोपंत ठेंगड़ी के राष्ट्रवादी आर्थिक चिंतन से विकसित भारत की अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त होगा और यहां के शोधार्थी अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय इसमें अपना भरपूर सहयोग देगा। विश्वविद्यालय के इस कदम से ‘विकसित भारत 2047’ अभियान में आर्थिक मोर्चे पर युवाओं की भागीदारी को उचित दिशा मिलेगी।
उन्होंने भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, स्वदेशी जागरण मंच जैसे जन संगठन बनाए, समकालीन राजनीतिक परिवेश के विरुद्ध काम किया। महाराष्ट्र के अरवी में जन्मे दत्तोपंत ठेंगड़ी एक प्रमुख आर एस एस प्रचारक थे, जिन्होंने पहले केरल और बाद में बंगाल में काम किया। उन्होंने एकनाथ रानाडे, एचवी शेषाद्रि, भाऊराव देवरस, नाना पालकर और नानाजी देशमुख के साथ मिलकर संघ के दर्शन को आकार दिया। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के लिए भी काम किया और ‘आदिम जाति संघ’ का गठन किया। 1964-1976 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।
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कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि इससे अर्थशास्त्र के क्षेत्र में शोध कर रहे विद्वानों और भविष्य के उभरते हुए अर्थशास्त्रियों को शोध की नई दिशा मिलेगी। महान अर्थशास्त्री, राष्ट्र ऋषि दतोपंत ठेंगड़ी के राष्ट्रवादी आर्थिक चिंतन से विकसित भारत की अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त होगा और यहां के शोधार्थी अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय इसमें अपना भरपूर सहयोग देगा। विश्वविद्यालय के इस कदम से ‘विकसित भारत 2047’ अभियान में आर्थिक मोर्चे पर युवाओं की भागीदारी को उचित दिशा मिलेगी।
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उन्होंने भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, स्वदेशी जागरण मंच जैसे जन संगठन बनाए, समकालीन राजनीतिक परिवेश के विरुद्ध काम किया। महाराष्ट्र के अरवी में जन्मे दत्तोपंत ठेंगड़ी एक प्रमुख आर एस एस प्रचारक थे, जिन्होंने पहले केरल और बाद में बंगाल में काम किया। उन्होंने एकनाथ रानाडे, एचवी शेषाद्रि, भाऊराव देवरस, नाना पालकर और नानाजी देशमुख के साथ मिलकर संघ के दर्शन को आकार दिया। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के लिए भी काम किया और ‘आदिम जाति संघ’ का गठन किया। 1964-1976 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।
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