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सतरोल खाप के विरोध में उतरा ब्राह्मण समाज

Fri, 02 May 2014 12:02 AM IST
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hisar Updated Fri, 02 May 2014 12:02 AM IST
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सतरोल खाप के ब्राह्मण समाज ने भी शादी के नियमों में खाप के छूट के फैसले के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। परशुराम जयंती के अवसर पर कस्बे के संस्कृत महाविद्यालय में सतरोल खाप के ब्राह्मण समाज की एक पंचायत रामनिवास बास की अध्यक्षता में हुई।
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आदर्श सतरोल खाप के प्रधान इंद्र सिंह को प्रधान मानने से इंकार करते हुए ब्राह्मण समाज की अलग से खाप बनाने की घोषणा की। बैठक में ऐलान किया गया कि 11 मई को दोबारा से पंचायत कर ब्राह्मण सतरोल खाप की कमेटी का गठन कर दिया जाएगा।
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सतरोल खाप ने कुछ दिन पहले फैसला लिया था कि खाप के 43 गांवों में गांव, गौत्र और पड़ोस को छोड़कर बिना किसी जाति बंधन के रिश्ते किए जा सकेंगे। इससे पहले पेटवाड़ तपा भी इस फैसले का विरोध कर चुका है।
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ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष रामनिवास बास ने कहा कि 650 वर्ष पुरानी परंपरा को कुछ लोगों ने तोड़कर खाप को धूमिल करने का काम किया है।

बुजुर्ग हमें विरासत में जो भाईचारा देकर गए थे, हम उस भाईचारे पर पहले की तरह से ही कायम रहेंगे। 20 अप्रैल को हुई पंचायत में ब्राह्मण समाज की तरफ से किसी भी व्यक्ति को बोलने नहीं दिया गया।

छत्तीस बिरादरी के नाम पर जो फैसला लिया था वो हमारे खिलाफ था। हम उसी दिन से उस फैसले का विरोध कर रहे हैं। हम सतरोल खाप से अलग होकर ब्राह्मण समुदाय की अलग से एक खाप का गठन करेंगे।

अंतराम ने कहा कि इतनी पुरानी परंपरा को बदलने में सभी गांव के छत्तीस बिरादरी के लोगों की राय लेनी चाहिए थी। सतरोल खाप के प्रधान इंद्र सिंह ने अपनी दबंगई दिखाते हुए कुछ लोगों के साथ साजिश के तहत यह फैसला ले लिया। उसमें जो अंतर्जातीय विवाह का फैसला लिया है, वो भी सरासर गलत है।

पार्षद कुलदीप गौतम ने कहा कि भाईचारे से बढ़कर कोई बड़ी चीज नहीं है। पूर्व चेयरमैन महाबीर शर्मा ने कहा कि हमें कानून को हाथ में नहीं लेना चाहिए। सतरोल खाप में अगर ब्राह्मण समाज का सम्मान नहीं है तो हम अलग से ब्राह्मण समाज की सतरोल खाप का गठन कर लेंगे।


आज जमाना बदल रहा है। हमें जमाने के साथ ही बदलना चाहिए। हम अपने फैसले पर कायम है। अंतर्जातीय शादियों को मान्यता के फैसले को भी बदला नहीं जाएगा। यह फैसला किसी एक व्यक्ति का न होकर पूरी खाप के लोगों का है।
- सूबेदार इंद्र सिंह, प्रधान, आदर्श सतरोल खाप
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