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आशिक मिजाज प्रोफेसर की दोबारा पेपर लेने की करतूत पर ईसी लेगी फैसला
amarujala/Hisar
Updated Wed, 19 Apr 2017 12:09 AM IST
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आशिक मिजाज प्रोफेसर के चैटिंग वाले मामले में अब यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद फैसला लेगी। कुलपति की ओर से प्रोफेसर की जांच के लिए बनी कमेटी ने प्रोफेसर को दोबारा पेपर लेने के मामले में दोषी पाया है। यूनिवर्सिटी में पंफ्लेट कांड के बाद दोबारा से पेपर लिए गए थे।
जीजेयू के आशिक मिजाज प्रोफेसर के खिलाफ व्हाट्सएप चैट के स्नैप शाट लेकर तैयार कराए पंफ्लेट बांटे गए थे। अमर उजाला ने इस पूरे कांड का खुलासा किया था। पुलिस भी इस मामले में जांच के लिए यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंची थी। इस मामले में छात्रा आगे नहीं आई। पुख्ता सबूत न मिलने पर पुलिस की जांच से आरोपी प्रोफेसर बच निकला। इस प्रोफेसर ने पहले बहुत कठिन पेपर बनाए थे। इसके बाद उसी आंसर शीट पर दोबारा से पेपर लिए गए थे। इस मामले की जांच के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने इस मामले में गंभीरता से जांच करते हुए स्टूडेंट्स के बयान दर्ज किए। जीजेयू परिसर के कुछ सीसीटीवी रिकार्ड भी खंगाले गए। अन्य लोगों से इस बारे में जानकारी लेकर सबूत जुटा गए। आरोपी प्रोफेसर के बयान भी लिए गए। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को कुलपति टंकेश्वर कुमार को सौंप दी। इस जांच रिपोर्ट में प्रोफेसर को दोषी पाया गया है। एक ही आंसर शीट पर दोबारा पेपर लिए जाने की बात सही पाई गई।
कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार पंफ्लेट मामले में प्रोफेसर के खिलाफ सबूत नहीं मिले। दोबारा पेपर लेने के मामले में प्रोफेसर दोषी पाए गए हैं। कुलपति प्रोफेसर के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर सकता। ऐसे में यह मामला मई में प्रस्तावित ईसी की मीटिंग में रखा जाएगा।
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- प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू, हिसार।
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जीजेयू के आशिक मिजाज प्रोफेसर के खिलाफ व्हाट्सएप चैट के स्नैप शाट लेकर तैयार कराए पंफ्लेट बांटे गए थे। अमर उजाला ने इस पूरे कांड का खुलासा किया था। पुलिस भी इस मामले में जांच के लिए यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंची थी। इस मामले में छात्रा आगे नहीं आई। पुख्ता सबूत न मिलने पर पुलिस की जांच से आरोपी प्रोफेसर बच निकला। इस प्रोफेसर ने पहले बहुत कठिन पेपर बनाए थे। इसके बाद उसी आंसर शीट पर दोबारा से पेपर लिए गए थे। इस मामले की जांच के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने इस मामले में गंभीरता से जांच करते हुए स्टूडेंट्स के बयान दर्ज किए। जीजेयू परिसर के कुछ सीसीटीवी रिकार्ड भी खंगाले गए। अन्य लोगों से इस बारे में जानकारी लेकर सबूत जुटा गए। आरोपी प्रोफेसर के बयान भी लिए गए। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को कुलपति टंकेश्वर कुमार को सौंप दी। इस जांच रिपोर्ट में प्रोफेसर को दोषी पाया गया है। एक ही आंसर शीट पर दोबारा पेपर लिए जाने की बात सही पाई गई।
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कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार पंफ्लेट मामले में प्रोफेसर के खिलाफ सबूत नहीं मिले। दोबारा पेपर लेने के मामले में प्रोफेसर दोषी पाए गए हैं। कुलपति प्रोफेसर के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर सकता। ऐसे में यह मामला मई में प्रस्तावित ईसी की मीटिंग में रखा जाएगा।
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- प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू, हिसार।