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राखीगढ़ी और अग्रोहा को मिलाकर सिंधु सरस्वती की सभ्यता का केंद्र बनाएंगे : शेखावत

Mon, 19 May 2025 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Mon, 19 May 2025 11:26 PM IST
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Rakhigarhi and Agroha will be combined to form the centre of Indus Saraswati civilization: Shekhawat
नारनौंद के पास राखीगढ़ी के संग्रहालय एवं व्याख्यान केंद्र में प्रदर्शनी का अवलोकन करते प्रदेश क
नारनौंद (हिसार)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंधु घाटी सभ्यता के ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी में स्थापित संग्रहालय एवं व्याख्यान केंद्र में 20 करोड़ रुपये की लागत से बने विश्रामगृह, छात्रावास और कैफेटेरिया का लोकार्पण किया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राखीगढ़ी और अग्रोहा को मिलाकर सिंधु सरस्वती की सभ्यता का केंद्र बनाएंगे। सभी योजनाओं को दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान राखीगढ़ी की आइकन साइट की पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को राखीगढ़ी के विकास कार्यों के मसले पर अधिकारियों के साथ बैठक में विचार-विमर्श किया। राखीगढ़ी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना की समीक्षा की।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राखीगढ़ी संग्रहालय एवं व्याख्यान केंद्र का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाए। इसे दो साल में पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरातात्विक साइटों पर शेड का निर्माण करवाया जाए, ताकि उत्खनन कार्य सालभर निरंतर चल सके। राखीगढ़ी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संग्रहालय को पुरातात्विक साइटों के साथ जोड़ा जाए।
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वहीं, मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राखीगढ़ी में 1960 के बाद विभिन्न चरणों में हुई खोदाई के दौरान काफी अवशेष मिले हैं, जिनसे प्रामाणिक रूप से सिद्ध हो जाता है कि करीब 8,000 वर्ष पूर्व यहां मानव सभ्यता विकसित रूप में निवास कर रही थी। यहां खोदाई में सभ्यता के विकास के मिले पुख्ता प्रमाण बताते हैं कि पूरे विश्व में भारत की सभ्यता सबसे प्राचीन है। पुरातात्विक साइट अग्रोहा में भी उत्खनन कार्य चल रहा है। ऐसे सभी स्थलों को एकीकृत करके यहां सिंधु सरस्वती की सभ्यता का केंद्र भी बनाएंगे। सभी योजनाओं को दो साल में पूरा कर लिया जाएगा।
प्रदर्शनी का अवलोकन किया...
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां खोदाई के दौरान अब तक प्राप्त हड़प्पाकालीन वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में हड़प्पाकालीन बच्चों के खिलौने, टैराकोटा छकड़ा गाड़ी का पहिया, दीया, टैराकोटा मनके और मालाएं इत्यादि वस्तुओं को रखा गया है।

17 कमरों वाला रेस्ट हाउस तैयार
20 करोड़ की लागत से बने विश्राम गृह, कैफेटरिया और हॉस्टल बनने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों एवं विद्यार्थियों को शानदार सुविधाएं मिलेंगी। 17 कमरों वाला रेस्ट हाउस आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। हॉस्टल में विद्यार्थियों के ठहरने के लिए 13 डोरमेट्री बनाई गई हैं। इसके अलावा डाइनिंग हॉल की सुविधा भी रहेगी।
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